Home » अंतर्राष्ट्रीय » Sunita Williams Returns: जब टूट गया स्पेसक्राफ्ट से संपर्क, मंडराया कल्पना चावला जैसा खतरा, अटक गईं सांसें

Sunita Williams Returns: जब टूट गया स्पेसक्राफ्ट से संपर्क, मंडराया कल्पना चावला जैसा खतरा, अटक गईं सांसें

News Portal Development Companies In India
Sunita Williams Returns

 नई दिल्ली। Sunita Williams Returns: बीते नौ महीने से अधिक समय से अंतरिक्ष में अपने क्रू मेंबर्स के साथ फंसी भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स धरती पर वापस आ गई हैं। आसमान से उन्हें लेकर आ रहा यान तड़के 3.27 बजे अमेरिका के फ्लोरिडा में समुद्र तट पर पानी में उतरा, लेकिन इस दौरान एक ऐसा समय भी आया जब सबकी सांसें अटक गईं और सुनीता विलियम्स पर भी कल्पना चावला जैसा खतरा मंडराने लगा।

इसे भी पढ़ें- Sunita Williams Returns: सकुशल लौटीं सुनीता विलियम्स, समन्दर में डॉल्फ़िन ने भी किया स्वागत, देखें वीडियो

टेंशन में आये अभियान से जुड़े लोग
Sunita Williams Returns 

दरअसल, सुनीता विलियम्स और बिच विल्मोर समेत दो अन्य सहयोगियों को लेकर आ रहे कैप्सूल का संपर्क कुछ समय के लिए टूट गया था, जिससे अभियान से जुड़े लोग टेंशन में आ गये थे। हालांकि सात मिनट बाद ही बुधवार तड़के लगभग 3:20 बजे स्पेसक्राफ्ट से फिर से सपंर्क हो गया और सबकी जान में जान आई, क्योंकि कल्पना चावला के समय में भी कुछ ऐसी ही घटना घटी थी, जिसमें उनकी जान चली गई थी।

निर्णायक होता है ब्लैकआउट का समय

अंतरिक्ष विज्ञानियों का कहना है कि, सात मिनट के इस ब्लैकआउट का समय किसी भी स्पेसक्राफ्ट के धरती के वायुमंडल में प्रवेश के लिए बेहद निर्णायक होता है। उनका कहना है कि, जब स्पेसक्राफ्ट धरती में वायुमंडल में प्रवेश करता है, तो कुछ देर के लिए तापमान सामान्य से बहुत अधिक हो जाता है, जिससे स्पेसक्राफ्ट के क्रैश होने का खतरा बढ़ जाता है और इस दौरान उसका संपर्क भी मिशन कंट्रोल से टूट जाता है।

1926 डिग्री सेल्सियस तक गर्म होता स्पेस क्राफ्ट का बाहरी हिस्सा

Sunita Williams

स्पेसएक्स की केट टाइस के मुताबिक, जब यान पृथ्वी के घने वायुमंडल में प्रवेश करता है, तो तीव्र दबाव और घर्षण पैदा होता है, जिससे स्पेस क्राफ्ट का बाहरी हिस्सा 3,500 डिग्री फ़ारेनहाइट यानी करीब 1926 डिग्री सेल्सियस तक गर्म हो जाता है और कैप्सूल के बाहर प्लाज्मा का निर्माण हो जाता है। इसी के चलते 10 मिनट तक संपर्क टूटा जाता है। केट टाइस का कहना है कि ब्लैकआउट का सटीक समय “मिशन पर निर्भर करता है, लेकिन ये हर ड्रैगन कैप्सूल के साथ होता है। कोई भी ड्रैगन कैप्सूल जब अंतरिक्ष से धरती पर आता है और यहां के वायुमंडल में प्रवेश करता है, तो प्लाज्मा का निर्माण होता, जिससे कुछ देर के लिए संपर्क टूट जाता है।

शांत थे मिशन से जुड़े लोग

साल 2023 में स्पेसएक्स के सीईडब्लू-6 मिशन का संचालन करने वाले नासा के अंतरिक्ष यात्री वुडी होबर्ग का कहना है कि, अंतरिक्ष यान पर मौजूद हर अंतरिक्ष यात्री को इस पल का इंतजार था और वे पूरी तरह से शांत थे। होबर्ग ने एक बातचीत में कहा कि, वायुमंडल में प्रवेश करने के बाद ड्रैगन कैप्सूल के अंदरूनी हिस्से को ठंडा किया जाता है। ये स्पेस क्राफ्ट के बाहरी हिस्से पर सुरक्षात्मक हीट शील्ड के साथ मिलकर यात्रियों को सामान्य तापमान पर रखता है।

इसे भी पढ़ें- Sunita Williams Return: सुनीता विलियम्स को लेकर रवाना हुआ ड्रैगन क्राफ्ट, वापसी के बाद कैसा होगा जीवन?

ऐसे हुई थी कल्पना चावला की मौत

उन्होंने बताया कि, एक फरवरी 2003 को भी नासा के अंतरिक्ष यान कोलंबिया के साथ भी कुछ ऐसी ही घटना घटी थी, जब स्पेस क्राफ्ट पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते ही क्रैश हो गया था। इसी घटना में कल्पना चावला की मौत हो गई थी। ऐसे में किसी भी स्पेस क्राफ्ट के लिए ये समय अत्यधिक सावधानी भरा और रिस्की होता है।

28,000 किमी/घंटा होती है स्पेसक्राफ्ट की रफ्तार 

होबर्ग के मुताबिक, अंतरिक्ष से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने वाले किसी भी स्पेसक्राफ्ट रफ्तार करीब 28,000 किमी/घंटा होती है। इतनी तेज रफ्तार से गुजरते हुए यान वायुमंडल से घर्षण करता है और उसके तापमान मे तेजी से बढ़ोत्तरी होती है। नतीजतन अत्याधिक गर्मी की वजह से स्पेसक्राफ्ट के क्रैश होने का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही स्पेसक्राफ्ट और मिशन कंट्रोल के बीच सिग्नल टूट जाता है, जिसे कम्युनिकेशन ब्लैकआउट कहते हैं। ये क्षण बेहद संवेदनशील होता है।

सफलतापुर्वक हुई लैंडिंग

ख़ुशी की बात ये है कि सुनीता विलियम्स के स्पेसक्राफ्ट ने इस चुनौती को पार करते हुए सफलतापूर्वक समंदर में लैंडिंग कर ली है और वे धरती आ सकुशल वापस आ गई हैं। उन्हें और उनके साथियों को यान से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

इसे भी पढ़ें- Sunita Williams Rescue: सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को ट्रंप का संदेश, हम आपको सकुशल वापस लाएंगे

Leave a Comment

Modi 3.0 के पहले आम बजट से मिडिल क्लास को मिलेगी राहत?