Home » उत्तर प्रदेश » Kutumb Milan: कुटुम्ब की संकल्पना से ही भारत की पहचान- डॉ. शुकदेव

Kutumb Milan: कुटुम्ब की संकल्पना से ही भारत की पहचान- डॉ. शुकदेव

[the_ad id="14540"]
RSS
  • संघ द्वारा आयोजित हुआ कुटुम्ब मिलन कार्यक्रम

प्रतापगढ़। Kutumb Milan: भारत जैसी कुटुंब व्यवस्था दुनिया के किसी देश में नहीं है और अब ये विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत है क्योंकि कुटुंब में जोड़ने की ताकत है।

उक्त उद्गार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुटुम्ब प्रबोधन गतिविधि द्वारा नगर के बेल्हा बस्ती के सरयू प्रसाद धर्मशाला में शनिवार को आयोजित कुटुम्ब मिलन कार्यक्रम को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित करते हुए काशी प्रांत के कुटुंब प्रबोधन प्रमुख शुकदेव ने कहा। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति के बिना भारत न अपने परम वैभव को पा सकता है, न ही विश्व को परम वैभव पर ले जा सकता ,संस्कारों की जड़ है परिवार l

इसे भी पढ़ें- Electricity Issue: स्कूल में नहीं लगा ट्रांसफार्मर, गर्मी से बेहाल हो रहे छात्र और शिक्षक, DM से शिकायत

भारतीय कुटुंब व्यवस्था हमारी सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक संरचना का आधार है। यह केवल परिवारों का समूह नहीं, बल्कि भावनाओं, परंपराओं और मूल्यों का संगम है। इसमें सभी सदस्य आपसी सहयोग, सम्मान और प्रेम से जुड़े होते हैं। बुजुर्गों का अनुभव और आशीर्वाद, युवाओं की ऊर्जा और बच्चों की मासूमियत मिलकर एक आदर्श परिवार का निर्माण करते हैं। कुटुंब व्यवस्था हमें एकता, सहनशीलता और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाती है।

यह न केवल सामाजिक संतुलन बनाए रखती है, बल्कि पीढ़ियों के बीच संस्कारों और ज्ञान का आदान-प्रदान भी सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि भारतीय कुटुंब व्यवस्था,हमारी सांस्कृतिक पहचान की आत्मा है। इस मौके पर प्रमुख रूप विभाग प्रचारक ओम प्रकाश,ब्रम्हकुमारी संचालिका बीके दीदी ,जिला प्रचारक प्रवीण,जिला कार्यवाह हेमंत कुमार,विभाग कुटुंब प्रबोधन प्रमुख रघुवीर भी शामिल रहे। कार्यक्रम का संयोजन व संचालन शिव सोनी किया।

RSS

कार्यक्रम में पूर्व विधायक बृजेश सौरभ,कवि शेखर त्रिपाठी,कवयित्री श्वेता शुक्ला, कवियित्री प्रीति पांडेय,जिला कार्यवाहिका प्रिया त्रिपाठी, ब्रम्हकुमारी संजीवनी, अक्षिता, दिव्या मिश्रा, रश्मि सिंह, हीरेंद्र, रागिनी, सुनीता,शिल्पी,राजेश जायसवाल, गिरिजा शंकर, अंकित, विवेकानंद, रमेश पटेल,नीरज अग्रहरि,रामजी, रवींद्र केसरवानी,गजाराम मौर्य, बिपिन,सचिन,आदि उपस्थित रहे।

 

इसे भी पढ़ें- Hanuman Janmotsav: हनुमान जन्मोत्सव पर भक्ति में डूबे लोग, देर शाम तक चला भंडारा

Leave a Comment

[the_ad id="14784"]
[the_ad id="14787"]
Modi 3.0 के पहले आम बजट से मिडिल क्लास को मिलेगी राहत?