
नई दिल्ली। PM Vidya Lakshmi Yojana: प्रधानमंत्री की कैबिनेट ने मेधावी छात्रों के लिए प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी वित्तीय सहायता योजना को मंजूरी दे दी है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के सभी युवाओं को वित्तीय बाधाओं के कारण गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद करना है। इस योजना के तहत देश भर के 22 लाख से अधिक छात्रों को कवर किया जायेगा। यह योजना आपको गारंटर के बिना पूरी तरह से शिक्षा ऋण प्राप्त करने की अनुमति देता है। छात्र-अनुकूल डिजिटल एप्लिकेशन प्रक्रिया के साथ इसे सरल बनाया गया है ताकि अधिक से अधिक छात्र इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो सकें। आइए जानते हैं इससे छात्रों को कैसे लाभ मिलेगा।
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प्रतिभाशाली छात्रों को वित्तीय मदद करना है मकसद
पीएम विद्या लक्ष्मी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से निकली एक और महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें सिफारिश की गई थी कि सार्वजनिक और निजी उच्च शिक्षा संस्थानों में जरूरतमंद छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान की जानी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की अहम बैठक में पीएम विद्या लक्ष्मी योजना को मंजूरी दे दी गई है। यह एक अहम योजना है जिसका उद्देश्य देश के प्रतिभाशाली छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी छात्र वित्तीय बाधाओं के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित न रह जाए।
इंटर ऑपरेबल और पूरी तरह से डिजिटल होगी योजना
प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा संस्थान में प्रवेश के इच्छुक प्रत्येक छात्र पूरी ट्यूशन फीस और पाठ्यक्रम से जुड़े अन्य खर्चों को कवर करने के लिए बिना किसी गारंटर के बैंकों और वित्तीय संस्थानों से ऋण प्राप्त करने के लिए पात्र है। प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना एक सरल, पारदर्शी और छात्र-अनुकूल प्रणाली के माध्यम से संचालित की जाएगी जो इंटर ऑपरेबल और पूरी तरह से डिजिटल होगी।
10 लाख तक के लोन पर ब्याज में मिलेगी 3%की छूट
इस योजना के तहत 7.5 लाख रुपये तक के लोन अमाउंट के लिए छात्र बकाया डिफॉल्ट के 75% की क्रेडिट गारंटी के लिए भी पात्र होगा। इससे बैंकों को इस योजना के तहत छात्रों को शिक्षा ऋण प्रदान करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त ऐसे छात्र जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 8 लाख या उससे कम है और जो किसी अन्य सरकारी छात्रवृत्ति या ब्याज छूट योजना के तहत लाभ के लिए पात्र नहीं हैं। मोरेटोरियम अवधि के दौरान उन्हें 10 लाख रुपये तक के लोन पर ब्याज में तीन फीसदी की छूट भी मिलेगी।
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10वीं और 12वीं कक्षा में 50% अंकों के साथ उत्तीर्ण होने वाले छात्र होंगे पात्र
इस योजना के तहत ब्याज छूट सहायता हर साल एक लाख छात्रों को दी जाएगी। उन सरकारी पृष्ठभूमि वाले छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने तकनीकी/व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का विकल्प चुना है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2030-30 में कार्यक्रम पर 3,600 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। इस अवधि के दौरान सात लाख नए छात्रों को ब्याज छूट का लाभ मिलने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि जो छात्र 10वीं और 12वीं कक्षा 50% अंकों के साथ उत्तीर्ण होंगे वे इस योजना के पात्र होंगे
इसके लिए उच्च शिक्षा मंत्रालय के पास एक एकीकृत पोर्टल ‘पीएम-विद्या लक्ष्मी’ होगा, जहां छात्र सभी बैंकों द्वारा उपयोग की जाने वाली एक सरल आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से सब्सिडी वाले शिक्षा ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। ब्याज सब्सिडी का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक कूपन और केंद्रीय बैंक के डिजिटल वॉलेट के माध्यम से किया जाता है।
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