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Workshop on National Education Policy 2020:  राष्ट्रीय शिक्षा नीति से विद्यार्थियों के लिये बढ़ेंगे अवसर

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Workshop on National Education Policy 2020
  • एक दिवसीय कार्यशाला में कोर्स और सत्र की गतिविधियों से हुए अवगत

अम्बिकापुर। Workshop on National Education Policy 2020:  श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर कार्यशाला आयोजित हुई, जिसमें प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के द्वारा शिक्षा पद्धति में आने वाले बदलाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि, स्नातक का पाठ्यक्रम चार वर्ष आठ सेमेस्टर का होगा, जिसमें प्रत्येक वर्ष अध्ययन से बाहर होने और नये सेमेस्टर में प्रवेश लेने की व्यवस्था है।

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एक्जिट करने की व्यवस्था होगी

Workshop on National Education Policy 2020

 

इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भाषा में मल्टीपल एक्जीट और मल्टीपल इन्ट्री की व्यवस्था है। प्रत्येक वर्ष दो सेमेस्टर का होगा। दूसरे, चौथे और छठे सेमेस्टर के बाद एक्जिट की व्यवस्था है। प्रथम वर्ष बाहर होने वाले को सर्टिफिकेट, द्वितीय वर्ष वाले को डिप्लोमा और तृतीय वर्ष वाले को स्नातक की उपाधि प्रदान की जायेगी। किसी भी एक्जिट करने वाले को चार क्रेडिट अंक अर्जित करने से ऑनलाइन अन्य पाठ्यक्रमों से प्राप्त होंगे।

प्रश्न पत्र चयन की सुविधा मिलेगी

7.5 सीजीपीए वाले ही आनर्स कोर्स के लिए पात्र होंगे। इस दौरान शोध कार्य, रिसर्च मेथडलॉजी के कार्य होंगे। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि अपने मुख्य विषय के साथ दूसरे संकाय का एक विषय प्रत्येक वर्ष पढ़ना होगा। प्रत्येक विद्यार्थी को हिन्दी, अंग्रेजी और पर्यावरण का प्रश्न पत्र अलग-अलग सेमेस्टर में पढ़ना होगा। बी.कॉम और कम्प्यूटर विभाग के प्रश्न निर्धारित हैं लेकिन कला संकाय, विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को प्रश्न पत्र चयन की सुविधा है।

विदेशी भाषाओं में भी हो अध्ययन की सुविधा

Workshop on National Education Policy 2020

डॉ. श्रीवास्तव ने प्राध्यापक और कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रत्येक कोर्स के विद्यार्थी को उसके सम्बंधित उद्योग, कारखाना, शिक्षण संस्थाओं में शैक्षिक भ्रमण, इन्टर्नशिप और प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराना होगा। यूनिट टेस्ट के साथ प्रत्येक प्रश्न पत्र के अंक निर्धारित हैं। प्रायोगिक विषयों में आंतरिक और वाह्य मूल्यांकन की सुविधा है। विद्यार्थियों को अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए अवसर मिलेंगे। कौशल विकास और दक्षता के विभिन्न पाठ्यक्रम होंगे। उन्होंने बताया कि विदेशी और दूसरी भाषाओं के अध्ययन की व्यवस्था है जो सुविधानुसार उपलब्ध करायी जायेगी।

कार्यशाला के दौरान कला एवं समाजकार्य विभाग के अध्यक्ष डॉ. आर.एन. शर्मा, लाईफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, फिजीकल साईंस विभाग के अध्यक्ष शैलेष देवांगन, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष दिनेश शाक्य, कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता तथा सभी प्राध्यापक उपस्थित रहे।

 

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