
वॉशिंगटन। US President: अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन का कार्यकाल खत्म होने में अब कुछ ही हफ्ते बचे हैं। बाइडन ने अपना कार्यकाल ख़त्म होने से पहले भारतीय दृष्टिकोण से अहम फैसले लेते हुए एक बड़े रक्षा सौदे को मंजूरी दी है। इस रक्षा सौदे के तहत भारत को अमेरिकी कंपनियों से प्रमुख रक्षा उपकरण एमएच-60आर मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर मिलेंगे, जिससे भारत की सुरक्षा और ज्यादा मजबूत होगी। इस रक्षा सौदे की कीमत 1.17 अरब डॉलर आंकी गई है। राष्ट्रपति बाइडन ने अपने फैसले से अमेरिकी कांग्रेस को भी अवगत करा दिया है।
इसे भी पढ़ें- अमेरिका में अरेस्ट हुआ लारेंस विश्नोई का भाई अनमोल, सामने आई ये बड़ी वजह
20 जनवरी को ट्रंप लेंगे शपथ
भारत को प्रमुख रक्षा उपकरण बेचने का बाइडन सरकार का निर्णय उनके कार्यकाल की समाप्ति से कुछ दिन पहले आया है। इस फैसले से भारत को बड़ी राहत मिली है क्योंकि अगर बाइडन सरकार इस सौदे को मंजूरी नहीं दी होती, तो नई सरकार के गठन के बाद इसकी मंजूरी प्राप्त करने में और अधिक समय लग सकता था। बता दें कि नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 20 जनवरी, 2025 को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे।
भारत को मिलेंगे कई उपकरण
इस रक्षा सौदे के तहत भारत को 30 मल्टीफंक्शन इंफोर्मेशन डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम जॉइंट टैक्टिकल रेडियो सिस्टम भी प्राप्त होंगे। इसमें उन्नत डेटा ट्रांसफर सिस्टम, बाहरी इंधन टैंक, फॉरवर्ड लुकिंग इंफ्रारेड सिस्टम, ऑपरेटर मशीन इंटरफेस, अतिरिक्त कंटेनर आदि भी मिलेंगे। साथ ही डिजाइन, निर्माण और परीक्षण में भी अमेरिका द्वारा मदद दी जाएगी।
ये अमेरिकी कंपनियां करेंगी हथियारों की सप्लाई
इस अनुबंध के तहत अमेरिकी रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन और मिशन सिस्टम द्वारा रक्षा उपकरणों की आपूर्ति की जायेगी। 20 यू.एस. सरकारी अधिकारी और 25 ठेकेदार प्रतिनिधि इन हथियारों को बेचने और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए भारत का दौरा करेंगे। अमेरिकी सरकार ने एक बयान में कहा, इससे संयुक्त राज्य अमेरिका के रणनीतिक सहयोगी भारत की रक्षा तैयारी और ज्यादा मजबूत होगी।
इसे भी पढ़ें- अमेरिका में बन रही ट्रंप की सरकार, जीत के बेहद करीब है रिपब्लिकन पार्टी






Users Today : 15

