
अमेरिका। America Got Tough: वैसे तो दावा किया जाता है कि भारत और अमेरिका के राजनयिक सबंध काफी अच्छे हैं। बावजूद इसके अमेरिका भारतीयों को वापस स्वदेश भेज रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका से अप्रवासियों के निर्वासन की गति इतनी तेज है कि 2024 तक हर छह घंटे में एक भारतीय को अमेरिका वापस भारत भेज जा रहा है। 19 दिसंबर को जारी अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) वित्तीय वर्ष 2024 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल हर 6 घंटे में एक भारतीय को अमेरिका से भारत भेजा गया है। खास बात ये है कि ये संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है।
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2023 की तुलना में 2024 में बढ़ी संख्या
रिपोर्ट के मुताबिक साल 2021 (कुल 59,011 निर्वासितों में से 292) की तुलना में साल 2024 (2,71,484 में से 1,529) के बीच अमेरिका से स्वदेश वापस भेजे गये भारतीयों की संख्या में 400 फीसदी का इजाफा हुआ है। वहीं साल 2023 में 1,42,580 लोगों को अमेरिका से उनके देश वापस भेजा गया था। इनमें 370 भारतीय भी शामिल थे। इससे पहले साल 2022 में निर्वासित किए गए 72,177 लोगों में से 276 भारतीय थे।
नियमों में बदलाव, हो सकती है वजह
भारत की केंद्रीय एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘पिछले कुछ वर्षों में निर्वासन की संख्या में भिन्नता विभिन्न कारकों के कारण हो सकती है, जिसमें अमेरिकी आव्रजन नीति में बदलाव, प्रवर्तन प्राथमिकताएं और भारत व अमेरिका के बीच द्विपक्षीय समझौते शामिल हैं।” उन्होंने कहा कि 2024 में निर्वासन की संख्या में वृद्धि हुई है । “यह संयुक्त राज्य अमेरिका में कानूनी स्थिति के बिना लोगों को लक्षित करने वाले व्यापक प्रवासन रुझान और प्रवर्तन प्रयासों को भी प्रतिबिंबित कर सकता है।”
साल 2019 और 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पहले कार्यकाल के दौरान कुल 3,928 (क्रमशः 1,616 और 2,312) अनिवासी भारतीयों को निर्वासित किया गया था। तुलनात्मक रूप में देखें तो जब 2021 में जो बाइडन ने अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला, तो 2024 में रिपोर्ट जारी होने तक निर्वासित भारतीयों की कुल संख्या 3,467 के स्तर पर पहुंच गई थी।
18 हजार भारतीयों को किया गया है चिन्हित
यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम इन्फोर्समेंट ने पहले ही निर्वासन के लिए निर्धारित लोगों की सूची बना ली है। इसमें करीब 18 हजार ऐसे भारतीयों को चिन्हित किया गया है जिनके पास अमेरिका में रहने संबंधी पूर्ण दस्तावेज नहीं है। ऐसे में उन्हें स्वदेश भेजे जाने की संभावना है। नवंबर 2024 तक के ICE के आंकड़ों पर गौर करें तो 17,940 भारतीय उन 14.4 लाख लोगों में शामिल हैं, जिन्हें अमेरिका से निकाले जाने के अंतिम आदेश के साथ हिरासत में नहीं लिया गया था।
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