
जापान। Japan Railgun: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान अब पहली बार अपनी रक्षा नीति में आक्रामक और तकनीकी बदलाव कर रहा है है। जापान ने हाल ही में अपने नौसैनिक परीक्षण जहाज जेएस असुका पर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेलगन का सफल समुद्री परीक्षण किया। यह परीक्षण न केवल तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सामरिक स्थिति को भी बदलने में सक्षम है।
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हाइपरसोनिक मिसाइलों को बना सकती है निशाना

बता दें कि, रेलगन एक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हथियार प्रणाली है, जो पारंपरिक तोपों की तरह विस्फोटकों का उपयोग नहीं करती, बल्कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक बल के जरिए बेहद तेज गति से प्रोजेक्टाइल दागती है। इसकी गति 2,500 मीटर/सेकेंड (≈ 5,600 मील/घंटा) है। प्रोजेक्टाइल का वजन 320 ग्राम है। इसकी गति ध्वनि की गति से 6.5 गुना है। इसकी लंबाई 20 फीट और वजन लगभग 8 टन है। यह सिस्टम हाइपरसोनिक मिसाइलों और तेज गति से उड़ने वाले लड़ाकू विमानों को भी मार गिराने में सक्षम है।
Japan shows off electromagnetic railgun for blasting hypersonic missiles | David Szondy, New Atlas
Looking like something out of Minecraft, the Japan Maritime Self-Defense Force has released a new image of its latest electromagnetic railgun being developed by the Acquisition,… pic.twitter.com/sVugdw1324
— Owen Gregorian (@OwenGregorian) April 25, 2025
बढ़ेगा सामरिक तनाव
जापान ने जैसे ही रेलगन का परीक्षण किया, चीन और उत्तर कोरिया की टेंशन बढ़ गई। इसकी वजह यह है कि, यह हथियार पारंपरिक रक्षा प्रणाली की तुलना में कहीं अधिक तेज, अधिक सटीक और कारगर है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि, जापान की यह तकनीक चीन की हाइपरसोनिक मिसाइल क्षमताओं के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। चीन के एक पूर्व सेना प्रशिक्षक ने इस हथियार को “आक्रामक रणनीति की शुरुआत” बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि, जापान के इस कदम से एशिया के बाकी देशों के लिए भी रणनीतिक तनाव बढ़ सकता है।
2016 में शुरू किया था काम

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जापान ने साल 2016 में इस पर काम करना शुरू किया था। अमेरिका ने भी इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया था, लेकिन उसने 2021 में इसे छोड़ दिया था। वहीं, चीन को भी अभी तक इस प्रोजेक्ट में सफलता नहीं मिल पाई है। हालांकि चीन अभी भी इस पर काम कर रहा है। जापान की यह सफलता उसे वैश्विक सैन्य तकनीक की दौड़ में सबसे आगे कर रही है।
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