
अमेरिका। Harvard-Trump Controversy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए होने वाले वीजा इंटरव्यू प्रक्रिया पर प्रतिबन्ध लगा दिया है। मौजूदा समय में 140 से अधिक देशों के 10,158 विदेशी छात्र हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं। ट्रंप के इस फैसले से हावर्ड यूनिवर्सिटी की छात्र संख्या में गिरावट आ सकती है।
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10 लाख छात्र होंगे प्रभावित

बीबीसी की एक रिपोर्ट पर गौर करें, तो ट्रंप के इस निर्णय से न सिर्फ हार्वर्ड में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी, बल्कि अमेरिका में रह रहे करीब दस लाख विदेश छात्रों की शिक्षा और भविष्य भी प्रभावित होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के बीच चल रहा विवाद खत्म होने की बजाय दिन- प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, जिसका सीधा असर वहां पढ़ रहे भारतीय छात्रों पर भी पड़ रहा है।
अनुबंध रद्द करने के निर्देश

वहीं, वे स्टूडेंट भी प्रभावित हो रहे हैं जो उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए अमेरिका जाने का प्लान कर रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के साथ चल रहे कई सरकारी अनुबंधों को भी समाप्त करने का आदेश दिया है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय छात्रों के वीजा इंटरव्यू पर भी रोक लगा दी गई है। ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिका के जनरल सर्विसेज एडमिनिस्ट्रेशन (जीएसए) ने सभी संघीय विभागों को हार्वर्ड विश्वविद्यालय के साथ चल रहे सभी अनुबंधों को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्देश दे दिया है। इसके साथ ही हार्वर्ड में अंतरराष्ट्रीय छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया भी बैन कर दी गई है।
छात्रों को झटका

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय छात्रों के प्रवेश को रोकने के लिए विश्वविद्यालय के खिलाफ की गई कार्रवाई को बोस्टन में एक संघीय अदालत ने अस्थायी रूप से रोक दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद सरकार ने छात्रों के वीजा साक्षात्कार पर रोक लगा दी है। ट्रंप के इस एक्शन से हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने की तैयारी कर रहे छात्र वीजा इंटरव्यू नहीं दे पाएंगे।
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लाखों भारतीय छात्र हैं अमेरिका में
सरकार का ये कदम छात्रों और विश्वविद्यालय के लिए मुश्किल खड़ी करने वाला है, क्योंकि अमेरिका में लाखों भारतीय छात्रों के साथ ही और भी देशों के छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। हाल ही में एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें कहा गया था कि, पिछले कुछ सालों में भारत से पढ़ाई के लिए अमेरिका जाने वाले छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ी है ‘ओपन डोर्स 2024’ की रिपोर्ट पार गौर करें तो, वर्तमान समय में 3.31 लाख भारतीय छात्र अमेरिका में पढ़ रहे हैं, जो वहां के कुल 11 लाख अंतरराष्ट्रीय छात्रों का करीब 29.4 प्रतिशत है।
ट्रंप ने किया ये दावा
एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले करीब 31 प्रतिशत छात्र विदेशी हैं और कालेज प्रशासन सरकार को इन छात्रों के बारे में जानकारी देने से बच रहा है। ट्रंप ने आगे लिखा, “हार्वर्ड यह क्यों नहीं कह रहा है कि, उसके यहां पढ़ने वाले करीब 31 फीसदी छात्र बाहरी देशों के हैं, फिर भी वे देश, जिनमें से कुछ अमेरिका के लिए एक परसेंट भी फ्रेंडली नहीं हैं, वे अपने छात्रों की शिक्षा के लिए कुछ भी भुगतान नहीं करते हैं और न ही वे ऐसा करने की सोचते हैं।”
हार्वर्ड पर लगाया असहयोग का आरोप

ट्रंप ने आगे लिखा, “हम जानना चाहते हैं कि वे विदेशी छात्र कौन हैं और किस देश के हैं, यह एक उचित अनुरोध है, क्योंकि हम हार्वर्ड को अरबों डॉलर की आर्थिक सहायता देते हैं , लेकिन हार्वर्ड हमें बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहा है। उन्होंने आगे लिखा है, हम बस उन नामों और देशों को जानना चाहते हैं, जहां के स्टूडेंट हावर्ड में पढ़ रहे हैं। ट्रंप ने लिखा- हार्वर्ड के पास 52,000,000 डॉलर (भारतीय रुपये में चार अरब से अधिक फंड) हैं, वह इसका इस्तेमाल करें और संघीय सरकार से पैसे मांगना बंद करें।
हर साल इतने भारतीय छात्र लेते हैं एडमिशन
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, यहां हर साल करीब 500 से 800 भारतीय छात्र एडमिशन लेते हैं। इस समय हार्वर्ड में 140 से ज्यादा देशों के 10,158 अंतरराष्ट्रीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैसले से न सिर्फ हार्वर्ड के भारतीय छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी, बल्कि अमेरिका में रहने वाले करीब 10 लाख अंतरराष्ट्रीय छात्रों की शिक्षा और भविष्य पर भी इसका बहुत बड़ा असर पड़ेगा। हर साल भारतीय छात्र हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेते हैं। ट्रंप के इस फैसले से इस संख्या में गिरावट आ सकती है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, हर वर्ष लगभग 500 से 800 भारतीय छात्र इस प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश लेते हैं।
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