
अमेरिका। US Student Visa: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप विदेशी छात्रों को परेशान करने का एक भी मौका नहीं छोड़ रहे हैं। उनके प्रशासन में कभी फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले छात्रों का वीजा रद्द किया जा रहा है, तो कभी ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने जैसे मामूली अपराधों में दोषी बनाकर देश निकाला दिया जा रहा है। ट्रंप की तानाशाही नीति का जद में वहां पढ़ रहे भारतीय छात्र भी आये हैं। कई भारतीय छात्रों को देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा, तो कइयों ने स्टूडेंट वीजा रद्द होने पर कोर्ट का सहारा लिया है। वहीं, अब ट्रंप के निशाने पर चीनी छात्र हैं।
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अमेरिकी विदेश मंत्री ने किया ट्वीट

एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने हाल ही में ऐलान किया है कि, कम्युनिस्ट पार्टी से संबंध रखने वाले या संवेदनशील फील्ड की पढ़ाई करने वाले चीनी छात्रों का वीजा जल्द ही रद्द कर दिया जायेगा। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, “अमेरिका जल्द ही ऐसे चीनी छात्रों के वीजा रद्द करने की कार्रवाई करेगा, जो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े होंगे या किसी महत्वपूर्ण विषय की पढ़ाई कर रहे होंगे।” अमेरिकी विदेश मंत्री के इस ट्वीट से अमेरिका-चीन के बीच टेंशन बढ़ने की आशंका बढ़ गई है।
2.70 लाख चीनी स्टूडेंट्स हैं यूएस में

कुछ रिपोर्ट्स पर गौर करें, तो 2023-2024 के अकेडमिक ईयर में अमेरिका की यूनिवर्सिटीज में 2.70 लाख चीनी स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे थे। वहीं, बहुत से छात्र अमेरिका में पढ़ाई करने के लिए वहां जाने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में अगर अमेरिका चीनी छात्रों का वीजा रद्द करने की कार्रवाई शुरू करता है, तो छात्रों के भविष्य पर संकट आ सकता है।
वीजा शर्तों में संशोधन करेगा यूएस

रिपोर्ट है कि, अमेरिकी विदेश मंत्रालय डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड के साथ मिलकर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े छात्रों के वीजा रद्द करने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी किये गये एक प्रेस स्टेटमेंट में कहा गया है कि, “हम पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना और हांगकांग से ताल्लुक रखने वाले सभी भावी वीजा आवेदनों की गहन जांच के लिए वीजा शर्तों में भी बदलाव करने जा रहे हैं। इसका मतलब है कि, अगर ये बदलाव हो गये, तो चीनी छात्रों के लिए यूएस का वीजा पाना मुश्किल हो जायेगा।
चीन ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का ये ट्वीट सामने आने के बाद अब चीन ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग का कहना है कि, विचारधारा और राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर अमेरिका में पढ़ने वाले चीनी छात्रों के वीजा को अन्यायपूर्ण तरीके से रद्द करना उनके वैध अधिकारों और हितों का हनन है। निंग ने कहा, अमेरिकी प्रशासन के इस फैसले से दोनों देशों के बीच लोगों का सामान्य आदान-प्रदान बाधित हुआ है। उन्होंने कहा, चीन इस निर्णय का पुरजोर विरोध करता है।









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