
इजराइल। Iran-Israel Attack: ऐसा लग रहा है कि इजराइल और ईरान एक बार फिर से आमने-सामने आ गये हैं। दोनों देशों के बीच एक बार फिर से मिसाइलें तन गई हैं। गुरुवार देर रात इजराइल ने ईरान पर मिसाइलें दागी थी, जिसके जवाब में ईरान ने भी ड्रोन हमले किये, जिसे इजराइल के डिफेन्स सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया। इजराइली सेना का दावा है कि, उसने पिछले कुछ घंटों सौ से अधिक ड्रोन हमलों को ट्रैक किया और हवा में ही मार गिराया। इजराइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आईडीएफ द्वारा ईरान के खिलाफ चलाये गये इस सैन्य ऑपरेशन को ऐतिहासिक करार दिया और कहा, यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक था।
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तेहरान में भी हुए धमाके

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इजराइली हमले के बाद ईरान के कई इलाकों से जोरदार विस्फोट की खबरें आईं। खबर ये भी है कि, ईरान की राजधानी तेहरान में भी धमाके हुए। कुछ रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि, इस इजराइली हमले में ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल होसैन सलामी की मौत हो गई है। हालांकि, अभी इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
छह वैज्ञानिकों की मौत
ईरान की सरकारी मीडिया में छपी खबरों की मानें, तो इस हमले में उसके छह वैज्ञानिकों की मौत हो गई है, जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े थे। उधर, इजराइल ने इस हमले को प्री-एंपटिव हमला कहा है। इसका मतलब है कि, उसे ईरान से हमले का खतरा है, यही वजह है कि, उसने ईरान के हमले से पहले ही उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी और गुरुवार रात को उसके सैन्य और परमाणु ठिकानों पर बमबारी की।
सैन्य ठिकानों पर की बमबारी

इजराइली रक्षा बल यानी आईडीएफ़ ने दावा किया है कि, हमने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अटैक करने के लिए एक पहले से नियोजित, सटीक और संयुक्त सैन्य कार्रवाई शुरू की है। इस हमले में आईएएफ के दर्जनों जेट विमानों ने अभियान के पहले चरण को पूरा करते हुए ईरान के परमाणु ठिकानों सहित उसके विभिन्न इलाकों में स्थित कई सैन्य ठिकानों पर बमबारी की और बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया।
IDF बोला- और कोई विकल्प नहीं है
आईडीएफ ने आगे कहा है, ईरान इस समय बड़े लेवल पर परमाणु हथियार बनाने के करीब है, जो दुनिया और मानवता के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है। ऐसे में इजराइल के पास अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए उसके खिलाफ कार्रवाई करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। इजराइल जहां-जहां और जब-जब जरूरत महसूस करेगा कार्रवाई करने से नहीं चूकेगा।
A statement from IDF Spokesperson BG Effie Defrin on the preemptive Israeli strike on Iranian nuclear targets pic.twitter.com/IJNT5LXz6o
— Israel Defense Forces (@IDF) June 13, 2025
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ईरान में उड़ानें रद्द
आईडीएफ के प्रवक्ता ने बताया कि- गुरुवार की रात किए गए इजराइली हमले में ईरान के नतांज़ और इस्फहान के निकट स्थित परमाणु सुविधाओं सहित कई रणनीतिक लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। इसके साथ ही तेहरान में इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी के मुख्यालय और अन्य सैन्य प्रतिष्ठानों पर भी बमबारी की गई। इन हमलों के बाद तेहरान स्थित इमाम खुमैनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सभी उड़ानें रद्द कर दी गईं।
आसमान में उठा धुएं का गुबार

उधर, तेहरान के लोगों ने रात के समय आसमान में आग के गोले और धुएं के गुबार उठने की सूचना दी। इस हमले के बाद तेहरान में बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी ख़बर है। इस हमले के बाद इजराइल ने अपने नागरिकों से कहा है कि, वे सतर्क रहें और जवाबी हमले के लिए तैयार रहे। साथ ही आयरन डोम जैसी सभी सुरक्षा प्रणालियों को हाई अलर्ट पर रखने को कहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले की योजना इजराइली सेना ने कई महीने पहले तैयार की थी और इसमें इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने भी अहम भूमिका निभाई थी।
ईरान ने दी प्रतिक्रिया
गुरूवार को देर रात किये गये इजराइली हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान की समाचार एजेंसी तस्नीम और अन्य स्थानीय मीडिया ने बताया है कि, हमले में आईआरजीसी के प्रमुख होसैन सलामी के साथ ही कम से कम दो वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिक और ईरानी सशस्त्र बलों के एक उच्च अधिकारी की भी मौत हो गई है। इसके अलावा ईरान के सरकारी टेलीविजन द्वारा प्रसारित की गई खबर में शुक्रवार को ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ मेजर जनरल मोहम्मद बघेरी की भी मौत होने की बात कही गई है।

सरकारी प्रसारक ने बताया कि ‘सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल मोहम्मद बघेरी इजराइली हमले में शहीद हो गए है।’ हालांकि, कुछ अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोतों ने सलामी की मौत पर संदेह जताया है। वहीं, ईरान प्रशासन ने भी इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
इजराइल के खिलाफ कार्रवाई की मांग

ईरान ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार देते हुए युद्ध के लिए उकसाने की कार्रवाई बताई है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा, ‘इजराइल ने हमारी संप्रभुता पर अटैक किया है और हम इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे।’ ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से मांग की है कि, तत्काल बैठक बुलाकर इजराइल में खिलाफ कार्रवाई की जाये। इसके साथ ही ईरान प्रशासन ने सैन्य बलों को हाई अलर्ट पर रहने और देश की वायु रक्षा प्रणालियों को एक्टिव रखने का निर्देश दे दिया है। इजराइल की इस सैन्य कार्रवाई के बाद तेहरान और अन्य प्रभावित शहरों में आपातकालीन सेवाए सक्रिय हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही ईरान ने लेबनान के हिजबुल्लाह और सीरिया में सक्रिय मिलिशिया समूहों को भी एक्टिव रहने को कहा है।
वैश्विक समुदाय चिंतित
ईरान और इजराइल के बीच एक बार फिर से आई इस तनातनी से वैश्विक समुदाय चिंतित हो गया है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने कहा है कि, ‘मैं अपील करता हूं कि, सभी पक्ष संयम बरते और तनाव को कम करने की कोशिश करें।’ उधर, रूस और चीन ने भी इजराइल की इस कार्रवाई की तीखी आलोचना की। रूसी विदेश मंत्रालय ने इसे मध्य पूर्व में अस्थिरता को बढ़ावा देने वाला कदम कहा, तो वहीं चीन ने इसे क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया। इसके इतर कुछ यूरोपीय देश और इसराइल के सहयोगी देशों ने इजराइली कार्रवाई को आत्मरक्षा का अधिकार बताया साथ ही ये भी कहा कि, समस्या से समाधान कूटनीतिक तरीके से निकाला जाये तो बेहतर होगा।
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