
नई दिल्ली। Third World War Fear: बीते कुछ सालों से दुनिया के कई देशों में युद्ध छिड़ा है। रूस-यूक्रेन 2022 से एक दूसरे पर बम बरसा रहे हैं। वहीं हमास-इजराइल का युद्ध 2023 में शुरू हुआ था। इन देशों के बीच अभी संघर्ष खत्म भी नहीं हुआ था, कि इस साल यानी 2025 में और भी देशों के बीच युद्ध छिड़ गया। जैसे कि आपरेशन सिन्दूर के तहत भारत-पाकिस्तान युद्ध, ईरान-इजराइल युद्ध, ईरान पाकिस्तान तनाव, सूडान गृह युद्ध और कंबोडिया-थाईलैंड युद्ध।
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कंबोडिया और थाईलैंड

प्रीह विहार और ता मुएन थोम मन्दिरों के पास सीमा विवाद को लेकर अब कंबोडिया और थाईलैंड के बीच युद्ध छिड़ गया है। ये इस साल का पांचवां युद्ध है। इन युद्धों से दुनिया के कई देश परेशान हैं और तीसरे विश्व युद्ध का डर सता रहा है। इन युद्धों में अब तक लाखों लोगों की मौत हो गई है। हजारों इमारतें मलबे में तब्दील हो चुकी हैं। लाखों लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गये हैं। उसके साथ ही हथियारों की बिक्री में भी खूब इजाफा हुआ है। आइए जानते हैं इन पांच युद्धों की वजह से हो रही तबाही, मौतों, इमारतों का नुकसान और हथियारों की बिक्री के बारे में विस्तार से।
ऑपरेशन सिन्दूर

इसी साल जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारत ने सात मई को ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ लांच किया और पाकिस्तान व पीओके में घुसकर जैश ए मोहम्मद और लश्कर -ए- तैयबा के कई आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया। भारत ने इस हमले सैकड़ों आतंकियों को भी मौत के घाट उतार दिया था। पाकिस्तान ने इसे युद्ध की कार्रवाई बताते हुए जवाबी हमले किए। उसने भारत के कई शहरों पर ड्रोन, मिसाइल और फाइटर जेट्स से हमले किये, जिसे डिफेन्स सिस्टम ने नष्ट कर दिया और भारत को कोई नुकसान नहीं हुआ। दोनों देशों के बीच 10 मई को युद्धविराम हुआ था।
तबाही और मौतें
भारत
इस युद्ध में भारत के 16 नागरिकों की मौत हो गई थी, जिनमें पांच बच्चे शामिल थे। ये सभी पुंछ से थे। वहीं जम्मू, श्रीनगर, पुंछ और राजौरी में गोलाबारी से कई घर, एक हिंदू मंदिर क्षतिग्रस्त हुआ था। इसके अलावा हजारों लोगों को जान बचाने के लिए जम्मू-कश्मीर और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों से भागना पड़ा था।
पाकिस्तान
इस युद्ध में पाकिस्तान के 40 नागरिक मारे गये थे, जिनमें 7 महिलाएं, 15 बच्चे और 11 सैनिक शामिल थे। इसके अलावा सौ आतंकियों को मार गिराया गया था। बात करें नुकसान की, तो मुरीदके, बहावलपुर समेत पाकिस्तान के 11 एयरबेस (सूरतगढ़, सिरसा, आदि) नष्ट हो गये थे। भारतीय सेना के हमले में लाहौर और सियालकोट में वाले लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकानों पर चले गये थे।
हथियारों की बिक्री
भारत ने इस हमले में राफेल जेट्स, ब्रह्मोस मिसाइल, S-400 डिफेंस सिस्टम और इज़रायल-भारत ड्रोन का इस्तेमाल किया था। वहीं, पाकिस्तान ने JF-17 जेट्स (चीन), शाहेद-136 ड्रोन (ईरान) और 122 मिमी रॉकेट से भारत जवाबी हमला किया था। आंकड़े बताते हैं कि, इस युद्ध के चलते $5-10 बिलियन की हथियार खरीद की बढ़ोत्तरी हुई थी। खासकर ड्रोन और मिसाइल सिस्टम की मांग में तेजी से इजाफा हुआ था।
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कंबोडिया-थाईलैंड युद्ध (2025)

गत 24 जुलाई 2025 से थाईलैंड और कंबोडिया के बीच युद्ध शुरू हो गया। गुरुवार को थाईलैंड ने कंबोडिया के सैन्य ठिकानों पर F-16 जेट्स से हवाई हमले किए। इससे पहले कंबोडिया ने ड्रोन और रॉकेट से थाईलैंड पर हमला किया था। दोनों देशों के बीच ये युद्ध प्रीह विहार और ता मुएन थोम मंदिरों के सीमा क्षेत्र को लेकर शुरू हुआ है।
थाईलैंड
इस युद्ध में थाईलैंड के 14 लोग मारे गए। मरने वालों में 13 नागरिक और एक 1 सैनिक शामिल है जबकि 46 लोग घायल हुए। इस युद्ध में थाईलैंड के सिसाकेट और सुरिन में गैस स्टेशन, अस्पताल और प्रीह विहार मंदिर को नुकसान पहुंचा है और 40 हजार से एक लाख तक लोग विस्थापित हुए।
कंबोडिया
इधर थाईलैंड के हमले के कंबोडिया के 20 लोग मारे गए। हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। वहीं, बात करें नुकसान की तो इसके ओड्डार मीनचे में सैन्य ठिकाने और पगोडा रोड क्षतिग्रस्त हुए हैं।
हथियारों की बिक्री
थाईलैंड ने कंबोडिया पर F-16 (अमेरिका) और SAAB ग्रिपेन से हमला किया। वहीं कंबोडिया ने BM-21 रॉकेट (चीन/रूस) से हमला किया। इस युद्ध की वजह से ड्रोन और रॉकेट सिस्टम की मांग में इजाफा हुआ है।
यूक्रेन-रूस युद्ध (2022-2025)

साल 2022 के फरवरी महीने में रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था। ये युद्ध 2025 तक यानी अभी भी जारी है। दोनों देशों के बीच ये युद्ध नाटो विस्तार और उर्जा संसाधनों को लेकर है। इस युद्ध में अब तक 10 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 5 लाख सैनिक (रूस: 3.5 लाख, यूक्रेन: 1.5 लाख ) शामिल हैं। इस युद्ध में यूक्रेन के 70% बुनियादी ढांचे (स्कूल, अस्पताल) के साथ ही कीव व खार्किव में मौजूद हजारों इमारतें मलबे में तब्दील हो गई है। इस तबाही की वजह से 1.2 करोड़ लोग अब विस्थापन का जीवन जी रहे हैं। वहीं, 50 लाख से अधिक लोग शरणार्थी बन चुके हैं।
हथियारों की बिक्री
रूस की तरफ से S-400, T-90 टैंक, कामिकेज ड्रोन जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यूक्रेन की तरफ से जेवलिन मिसाइल, बायारक्तर ड्रोन, HIMARS का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस युद्ध की वजह से 2022 से 2024 तक $80 बिलियन से ज्यादा हथियारों की बिक्री हो चुकी है।
इज़रायल-हमास युद्ध (2023-2025)

बीते 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हमास द्वारा किये गये हमले का बदले में इज़रायल ने गाजा पर जवाबी हमले शुरू किए। इस युद्ध में इजराइल में गाजा को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। इजराइली हमले में गाजा पट्टी के 43 हजार लोग मौत की नींद सो चुके हैं, जिनमें 70% महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। वहीं, 1,00,000 से अधिक लोग घायल हैं। उधर इजराइल में 1,200 नागरिकों की मौत हुई है जबकि 3,000 घायल है। ये आंकड़े 2023 के हैं। इस युद्ध में गाजा की 80 फीसदी इमारतें नष्ट हो गई हैं, जिनमें UNRWA स्कूल, अल-शिफा अस्पताल आदि शामिल हैं। इसके अलावा 20 लाख से अधिक लोग यानी गाजा की 90% आबादी विस्थापन का जीवन जीने को मजबूर हो गई है। नतीजा ये है कि 50% बच्चे कुपोषण का शिकार हो चुके हैं।
हथियारों की बिक्री
इस युद्ध में इज़रायल F-35, आयरन डोम का इस्तेमाल कर रहा है। वहीं, हमास रॉकेट, ड्रोन (ईरान) का इस्तेमाल कर रहा है। इस युद्ध के चलते 10 बिलियन डॉलर से ज्यादा के हथियार बिक चुके हैं।
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सूडान गृहयुद्ध (2023-2025)

अप्रैल 2023 से रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) और सूडानी सेना के बीच गृहयुद्ध छिड़ा हुआ है, जो 2025 में भी चल रहा है। इस युद्ध में 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 33 हजार लोग घायल है। जहां तक बात है नुकसान की तो यहां के खार्तूम और दारफुर में 60% इमारतें नष्ट हो चुकी हैं। इस युद्ध के चलते 1 करोड़ लोग अपना घर-बार छोड़कर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है और तो और 2.5 करोड़ भुखमरी की कगार पर हैं।
हथियारों की बिक्री
RSF की तरफ से इस युद्ध में ड्रोन (यूएई, रूस) का इस्तेमाल किया जा रहा है जबकि सूडानी सेना टैंक, आर्टिलरी (चीन, मिस्र का इस्तेमाल कर रही हैं। इस युद्ध की वजह से $5 बिलियन हथियार बिक चुके हैं।
ईरान-पाकिस्तान तनाव (2024-2025)

जनवरी 2024 में ईरान ने जैश अल-अदल आतंकियों पर पाकिस्तान में हमला किया। जबाव में पाकिस्तान ने ईरान पर गोले बरसाए। इन हमलों में 20 लोग (ज्यादातर आतंकी) मारे गये। नुकसान की बात करें, तो बलूचिस्तान में गांवों और कई ठिकानों को नुकसान पहुंचा है। इस युद्ध से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।
हथियारों की बिक्री
ईरान ने पाकिस्तान पर शाहेद-136 ड्रोन से हमला किया। वहीं, पाकिस्तान ने JF-17 जेट्स से हमला किया। इस युद्ध के चलते 2 बिलियन डॉलर के हथियारों की बिक्री हुई।
भारत पर असर
क्षेत्रीय स्थिरता
भारत-पाकिस्तान: युद्ध ने दक्षिण एशिया में तनाव बढ़ा दिया, जिसका सीधा असर चाबहार बंदरगाह और एक्ट ईस्ट नीति पर पड़ा। इसका असर भारत पर भी पड़ा।
कंबोडिया-थाईलैंड: आसियान में अस्थिरता भारत की नीतियों को प्रभावित कर सकती है।
हथियारों की होड़: ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मिसाइलों की मांग में इजाफा हुआ। भारत को तेजस, स्वदेशी ड्रोन और एस-400 पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
मानवीय संकट: गाजा और सूडान में भुखमरी भारत के लिए एक सबक है। भारत को आपदा प्रबंधन को मज़बूत करना होगा।
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