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West Bengal Violence: बंगाल में धुआं-धुआं हुए मकान दुकान, घर छोड़कर भागे लोग, दाने-दाने को हो रहे मोहताज

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West Bengal Violence

पश्चिम बंगाल। West Bengal Violence: पश्चिम बंगाल में इस समय तनावपूर्ण शांति है। वक्फ संशोधन कानून के विरोध में हुई हिंसा ने सबको हिलाकर रख दिया है। भीड़ ने वाहनों को आग के हवाले कर दिया। घरों को जला दिया। दुकानों को तोड़ दिया। ट्रेनों को रोक दिया और रेलवे की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया। हिंसा और बवाल से मुर्शिदाबाद समेत कई इलाके सहम गए और बड़ी संख्या में लोग घर बार छोड़कर जा चुके हैं। करीब 500 लोगों ने मालदा  में शरण ली है। भीड़ ने इनके घरों को जला दिया है। फिलहाल इलाके में केंद्रीय बलों को तैनात कर दिया गया है।

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180 से अधिक लोग अरेस्ट

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पुलिस की टीमें भी सड़क पर उतर आई हैं। दंगाइयों की पहचान की जा रही है। अब तक 180 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दरअसल मुर्शिदाबाद में शुक्रवार की नमाज के बाद हजारों लोग वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ सड़कों पर उतर आए और नेशनल हाईवे 34 को जाम कर दिया। पुलिस ने भीड़ को हटाने की कोशिश की तो झड़प हो गई और दंगा शुरू हो गया। मुर्शिदाबाद से करीब 10 किलोमीटर दूर शमशेरगंज में भी हजारों लोग नेशनल हाईवे पर जाम लगाया।

भीड़ ने किया पथराव

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शमशेरगंज में भीड़ ने सबसे पहले डाक बंगला मोड़ पर उत्पात मचाया। यहां पुलिस वाहनों में आग लगा दी। पुलिस चौकी में तोड़फोड़ कर उसे आग के हवाले कर दिया। सड़क किनारे की दुकानों और दोपहिया वाहनों को क्षतिग्रस्त कर आगजनी की। भीड़ ने धुलियान स्टेशन के पास रेलवे फाटक और रिले रूम पर पथराव किया और वहां भी आग लगाने की कोशिश की। रेलवे कर्मचारी किसी तरह जान बचाकर भाग निकले। बाद में बड़ी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बल के जवान पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में किया। फिलहाल इन इलाकों में केंद्रीय बल के जवान और पश्चिम बंगाल पुलिस तैनात है। हालांकि तनाव बना हुआ है।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मालदा पहुंचे

हिंसा के बाद इलाके के सैकड़ों लोग डर के मारे मुर्शिदाबाद छोड़कर चले गए हैं। इनमें से ज्यादातर ने मालदा में शरण ली है। मुर्शिदाबाद, रघुनाथगंज, सुती, जंगीपुर और शमशेरगंज के अलावा दक्षिण 24 परगना जिले के अमतला, उत्तर 24 परगना जिले और हुगली के चांपदानी में भी दंगा और हिंसा की घटनाएं सामने आईं। कई इलाकों में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार आज मालदा पहुंचे हैं। वहीं, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी भी आज मुर्शिदाबाद आ रहे हैं। पूर्वी कमान के एडीजी बीएसएफ रवि गांधी आज से मालदा और मुर्शिदाबाद के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। वे आज यहां पहुंचकर हिंसा प्रभावित इलाकों सुती, शमशेरगंज, जंगीपुर का दौरा करेंगे और हालात का जायजा लेंगे।

BSF व CRPF की तैनाती

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फिलहाल, हिंसा प्रभावित इलाकों में बीएसएफ की 9 और सीआरपीएफ की 8 कंपनियां तैनात हैं। शुरुआत में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध 200 बीएसएफ जवानों को मुर्शिदाबाद में तैनात किया गया था। शाम को बीएसएफ की ओर से 5 अतिरिक्त बल भेजे गए। अब मुर्शिदाबाद में कुल 800 बीएसएफ जवान तैनात हैं, जो बंगाल पुलिस की मदद कर रहे हैं। साथ ही सभी संवेदनशील इलाकों खासकर सुती और शमशेरगंज में संयुक्त रूट मार्च कर रहे हैं।

रविवार को भी हुई माहौल खराब करने की कोशिश

इधर, कोलकाता के राजारहाट कैन से भी अतिरिक्त सीआरपीएफ बल मुर्शिदाबाद भेजे जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि शनिवार रात को ही बीएसएफ के साथ की गई संयुक्त छापेमारी की गयी और 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हिंसा में कथित संलिप्तता के आरोप में अब तक कुल 180 लोगों को अरेस्ट किया जा चुका है। बंगाल पुलिस आज विभिन्न क्लबों और स्थानीय संगठनों के साथ शांति बैठक करेगी। गत दिवस यानी रविवार को भी उपद्रवियों ने कुछ जगहों पर माहौल खराब करने की कोशिश की, लेकिन बीएसएफ के जवानों ने उन्हें काबू में कर लिया।

बंगाल में नहीं लागू होगा वक्फ कानून

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बीजेपी का आरोप है कि, बंगाल में हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। इस दंगे के बाद अब भाजपा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का इस्तीफा मांग रही है। बीजेपी ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। उसका कहना है कि, बंगाल में राष्ट्रपति शासन में चुनाव होने चाहिए। इस बीच सीएम ममता बनर्जी ने एक बार फिर से दोहराया कि, बंगाल में वक्फ कानून लागू नहीं होगा। हालांकि, उन्होंने लोगों से हिंसा न करने की अपील की।

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भड़के मौलाना मदनी

टीएमसी नेता कुणाल घोष ने हिंसा को लेकर बीएसएफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, बीएसएफ की मदद से हमलावरों को सीमा पार से लाया जा रहा है। हिंसा पर पत्रकारों द्वारा सवाल पूछे जाने से मौलाना मदनी भड़क गए। उन्होंने कहा, क्या सिर्फ मुसलमान ही दोषी हैं? जाकर गृह मंत्री अमित शाह से पूछिए कि, मुर्शिदाबाद क्यों जल रहा है। वहीं, मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बंगाल सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, हिंदुओं को उनके घरों से खींचकर निकाला गया और मारा गया। विपक्षी दल सिर्फ वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं।

मुर्शिदाबाद जाएंगे अधीर रंजन

मुर्शिदाबाद के बरहामपुर से कांग्रेस के पूर्व सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा, मैं आज वहां जा रहा हूं और हम अपनी तरफ से वहां शांति सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं। वहां (मालदा दक्षिण) से हमारी पार्टी के सांसद ईशा खान हैं। मैंने उनसे बात की और अपने कार्यकर्ताओं से लगातार बात कर रहा हूं, लेकिन प्रशासन हमें वहां जाने नहीं दे रहा है। उसके बाद भी हमारी सांसद ईशा खान वहां गईं जबकि सत्ताधारी पार्टी के सांसद वहां से भाग खड़े हुए।

सरकार को थी हिंसा की खबर

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अधीर रंजन चौधरी ने कहा, मुर्शिदाबाद में सभी सांसद, विधायक, ग्राम पंचायत, नगर पालिका, जिला पंचायत, पुलिस अभी टीएमसी के अधीन काम करते हैं। उन्हें दंगों की खबर कैसे नहीं मिली? सच ये हैं कि ममता की सरकार को सारी जानकारी थी, लेकिन उन्होंने इस रोकने की कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री दिखावा कर रही हैं, वह धर्मनिरपेक्ष होने का दिखावा करती हैं। बंगाल सरकार भाजपा को आम मुसलमानों को जिहादी कहने का मौका दे रही है, जिसका सीधा फायदा टीएमसी और भाजपा को मिल रहा है। चौधरी ने कहा, दंगे वहीं पर होते हैं, जहां सरकार चाहती है। इससे पहले एक बार गुजरात के गोधरा में ऐसा हुआ, क्योंकि उस वक्त वहां की सरकार दंगा चाहती थी। अब बंगाल में हो रहा है क्योंकि अब यहां की सरकार चाहती है।

सैकड़ों लोगों ने ली मालदा में शरण

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पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हुई हिंसा से प्रभावित सैकड़ों लोगों ने भागीरथी नदी पार कर मालदा में शरण ली है। स्थानीय प्रशासन ने दंगा पीड़ित परिवारों के लिए भोजन और आश्रय की व्यवस्था की है और उन्हें स्कूलों में आश्रय दिया है। नावों से आने वालों की मदद के लिए नदी किनारे स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है। अब तक पांच सौ लोग मुर्शिदाबाद छोड़ चुके हैं। यह सिलसिला थमा नहीं है। शरणार्थियों ने मालदा के परलालपुर हाई स्कूल में शरण ली है। इस स्कूल में कम से कम 500 लोग शरण लिए हुए हैं। इनमें मुख्य रूप से महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

स्थानीय लोग कर रहे शरणार्थियों की मदद

ग्रामीणों का कहना है कि, वे धुलियान से भागे हैं। इन लोगों में 3 दिन के नवजात से लेकर बुजुर्ग महिलाएं तक शामिल हैं। स्थानीय लोग शरणार्थियों को खाना खिला रहे हैं। शरणार्थियों का कहना है कि, पानी की टंकी में जहर डाल दिया गया है। अगर ऐसा पानी पीओगे तो मर जाओगे। हम अपनी जान बचाने के लिए घर से भागे हैं, अब न घर है और न ही खाने के लिए राशन बचा है, इसलिए मजबूरी में पलायन कर रहे हैं। मुर्शिदाबाद में स्थिति तनावपूर्ण है, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

इंटरनेट सेवाएं स्थगित

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बीएसएफ के डीआईजी ने कहा, जनता की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। रविवार को मुर्शिदाबाद की सड़कें सुनसान रहीं। दुकानें बंद रहीं और लोग अपने घरों के अंदर ही रहे। पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बल लगातार हिंसा प्रभावित इलाकों में गश्त कर रहे हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, मुर्शिदाबाद जिले के हिंसा प्रभावित इलाकों मुख्य रूप से सुती, शमशेरगंज, धुलियान और जंगीपुर में सोमवार को स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में रही। हिंसा प्रभावित इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है, जहां सड़कें सुनसान दिखाई दीं और दुकानें बंद रहीं। प्रभावित इलाकों में इंटरनेट सेवाएं स्थगित कर दी गई है। जबकि सुरक्षा बल मुख्य सड़कों पर वाहनों की चेकिंग कर रहे हैं।

केन्द्रीय बलों की तैनाती के आदेश

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नखोदा मस्जिद के इमाम मौलाना शफीक समेत तमाम मौलवियों का कहना है कि, जिन लोगों ने निर्दोष लोगों पर हमला किया, वे वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ किसी भी लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा नहीं हो सकते। उन्होंने कहा, जिन लोगों ने किया है वे इस्लाम के सिद्धांतों को नहीं ममानने वाले हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट ने केन्द्रीय बलों को हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद में तैनात होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा, पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में बर्बरता की खबरों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। ऐसे में ये निर्देश सिर्फ मुर्शिदाबाद जिले तक सीमित नहीं रहेगा।  जरूरत पड़ने पर इसे अन्य जिलों में भी लागू किया जाना चाहिए।  कोर्ट ने कहा, हालात को नियंत्रित करने और सामान्य स्थिति में लाने के लिए केंद्रीय बलों को तुरंत तैनात किया जा सकता है।

वक्फ कानून के खिलाफ भड़की हिंसा

गौरतलब है कि, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार को वक्फ कानून के विरोध में हिंसा भड़क उठी। इस दौरान पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं, 18 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। यह इलाका मुस्लिम बहुल इलाके का है। शनिवार रात शमशेरगंज पहुंचे डीजीपी राजीव कुमार ने थाने में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और इलाके में रूट मार्च किया। सुरक्षा बल स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं।

 

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