
नई दिल्ली। DDA Plan: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) अब अपनी खाली पड़ी जमीनों से कमाई का नया तरीका ढूढ़ रहा है। दरअसल, DDA नेहरू प्लेस और द्वारका में स्थित अपनी दो जगहें फाइव स्टार होटल बनाने के लिए देगा। ये जमीन 55 साल के लिए लीज पर दिए जाने की तैयारी चल रही है। (DDA Plan) मतलब जो भी व्यक्ति या कंपनी इस जमीन पर होटल बनाएगी, उसे हर साल कुछ पैसे DDA को देने होंगे। DDA का कहना है कि, इससे दिल्ली के विकास में प्राइवेट कंपनियों का भी सहयोग मिलेगा।
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करना होगा कुछ शर्तों का पालन
बता दें कि, नेहरू प्लेस मौजूद डीडीए की ये जमीन लगभग 2.2 एकड़ है, जो प्लॉट नंबर A4 है। वहीं, दिल्ली के द्वारका सेक्टर 23 में डीडीए की जो जमीन है वह 2.5 एकड़ से ज्यादा है। यह प्लॉट A है। डीडीए की जमीन पर होटल बनाने वाले को कुछ शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा। ये नियम MPD 2021 और यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज 2016 में दिए गए हैं।

इसके अलावा पर्यटन मंत्रालय के नियमों के मुताबिक, होटल को फाइव स्टार रेटिंग भी लेनी होगी। DDA का कहना है कि, होटल बनाते समय स्टार रेटिंग के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। नेहरू प्लेस की जमीन का क्षेत्रफल 325 एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) होगा। इसका मतलब है कि, होटल मालिक जमीन के क्षेत्रफल से 3.25 गुना ज्यादा निर्माण कर सकते हैं। यहां 50 फीसदी जमीन पर निर्माण की इजाजत होगी। द्वारका में 375 एफएआर मिलेगा और 40 फीसदी जमीन पर निर्माण किया जा सकेगा।
19 जून को लगेगी बोली
डीडीए का कहना है कि ”दोनों जगह खाली हैं, इसलिए होटल बनाने वाले को काम शुरू करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।” एफएआर का मतलब है कि आप अपनी जमीन पर कितनी ऊंची इमारत बनाने के लिए अधिकृत है। अगर एफएआर ज्यादा है, तो आप ऊंची बिल्डिंग बना सकते हैं। इस संबंध में डीडीए 5 मई को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी करेगा। मतलब है कि जो भी व्यक्ति उसकी जमीन पर होटल बनाने का इच्छुक हो, वह 5 मई से 18 जून तक डीडीए से संपर्क पर जमीन देख सकता है और उससे जुड़ा अगर कोई भी सवाल है तो वह 20 मई तक पूछ सकता है। बोली लगाने की आखिरी तारीख 19 जून तय की गई है।
मल्टी इंटीग्रेटेड स्टेडियम भी बनाएगा

डीडीए अधिकारियों का कहना है कि, उनके पास जमीन घटती जा रही है। यही वजह है कि, अब वे जमीन से ही कमाई करने के नये तरीके तलाश रहे हैं। इस सबंध में बीते 24 अप्रैल को एलजी वीके सक्सेना की अध्यक्षता में बैठक हुई थी, जिसमें डीडीए ने अपने बजट को मंजूरी दी थी। बैठक में कहा गया था कि, लाइसेंस फीस के आधार पर कई प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे, जिससे डीडीए की कमाई हमेशा होती रहेगी। इन प्रोजेक्ट में द्वारका और नेहरू प्लेस में होटल, द्वारका में अस्पताल, रोहिणी और नरेला में मल्टी इंटीग्रेटेड स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, रोहिणी में कॉरपोरेट ऑफिस और द्वारका में गोल्ड सूक (सोने का बाजार) शामिल हैं।
कई सुविधाओं से लैस होगा स्टेडियम

डीडीए ने लोगों से कहा है कि, वे गोल्ड सूक बनाने में रुचि लें। डीडीए ने रोहिणी और नरेला में दो स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए 50-50 एकड़ जमीन भी स्वीकृत की है। इसके लिए भी लोगों से रुचि दिखाने को कहा गया है। डीडीए के एक अधिकारी ने बताया, “इन कॉम्प्लेक्स में विश्वस्तरीय स्टेडियम का निर्माण किया जायेगा। इनमें देश-विदेश से आने वाले खिलाड़ियों के लिए होटल और ठहरने की व्यवस्था भी होगी। साथ ही ये स्टेडियम दूसरे देशों से आने वाली टीमों के लिए प्रशिक्षण, खाने-पीने और मनोरंजन की सुविधाओं से लैस होगा।






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