
नई दिल्ली। Indus Water Treaty: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी, जब तक वह सीमा पार आतंकवाद से अपने संबंध पूरी तरह खत्म नहीं कर लेता। उन्होंने कहा, “अब कश्मीर पर चर्चा का एक ही विषय है- पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को खाली कराना। हम इस पर चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन भारत किसी तीसरे देश की भूमिका स्वीकार नहीं करेगा।”
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‘ऑपरेशन सिंदूर’ को मिला अंतरराष्ट्रीय समर्थन

विदेश मंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी जिक्र किया, जिसके तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला है और यह भारत की “जीरो टॉलरेंस” आतंकवाद नीति का सबूत है। पानी के लिए पाकिस्तान की दलील सिंधु जल संधि के निलंबन से पाकिस्तान में खलबली मच गई है।
पाकिस्तान सरकार ने भारत के जल शक्ति मंत्रालय को लिखा पत्र

पाकिस्तानी सरकार ने भारत के जल शक्ति मंत्रालय को पत्र लिखकर भारत से इस फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है, क्योंकि पाकिस्तान की एक बड़ी आबादी खेती और पीने के पानी के लिए सिंधु नदी पर निर्भर है।

भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता पर जयशंकर ने कहा कि “कोई भी व्यापार सौदा दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होना चाहिए।” उन्होंने कहा, बातचीत जारी है, लेकिन जब तक सभी मुद्दों पर स्पष्ट सहमति नहीं बन जाती, तब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
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