
लालगंज, प्रतापगढ़। UGC 2026: राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने यूजीसी के नए इक्विटी रेगुलेशन-2026 पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा तत्काल प्रभाव से लगाई गई अंतरिम रोक का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से स्पष्ट है कि विशेषज्ञों और विद्वानों की समिति गठित होनी चाहिए और तब तक यूजीसी के पुराने नियम ही लागू रहेंगे।
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भाजपा पर साधा निशाना
सांसद प्रमोद तिवारी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार अंग्रेजों की बांटो और राज करो नीति पर चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी, डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से जनता का ध्यान हटाने के लिए जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों से देश में नफरत की राजनीति को बढ़ावा दिया गया है और संविधान की शपथ लेकर संविधान को कमजोर किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के इस अंतरिम आदेश के बाद प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों से देश में वर्ग संघर्ष की स्थिति बनी है, जबकि सरकार का कर्तव्य शांति बनाए रखना है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय को देश में शांति का मार्ग प्रशस्त करने वाला बताया। यह बयान मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से जारी किया गया।
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