
लखनऊ। Lucknow Metro Extension: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेट्रो नेटवर्क को और विस्तार देने की तैयारी चल रही है। पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड से अनुमोदन के बाद बहु प्रतीक्षित पहले चरण पर काम जल्द ही शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने छह नए कॉरिडोर के निर्माण के लिए भी रूपरेखा तैयार की है, जिससे शहर में कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाया जा सके।
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इसी साल शुरू हो सकता है काम
इस योजना के तहत मुंशीपुलिया से जानकीपुरम तक 6,450 किमी. लंबी लाइन का विस्तार किया जायेगा। इसके साथ ही आईआईएम से राजाजीपुरम तक 17.16 किलोमीटर, चारबाग से एसजीपीजीआई तक 8,855 किलोमीटर और इंदिरा नगर से अटल बिहारी वाजपेयी (इकाना) स्टेडियम तक मेट्रो कॉरिडोर का विस्तार किया जायेगा। संभावना जताई जा रही है कि यूपीएमआरसी इसी साल इस परियोजना पर काम शुरू कर देगी।
दो नये रूटों का किया गया अध्ययन
इन चार मेट्रो कॉरिडोर के अलावा, कंपनी ने दो और नए रूटों के लिए अध्ययन किया है। अनुमान है कि इस पर काम 2030 तक शुरू हो सकता है। दो लाइनों में इकाना स्टेडियम से चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तक 16,470 किलोमीटर की लाइन और सचिवालय से सीजी सिटी साउथ तक 9,246 किलोमीटर का गलियारा शामिल है।
2030 तक शुरू हो सकता है काम
इन चार मेट्रो कॉरिडोर के अलावा, कंपनी ने दो अन्य नए मार्गों के लिए अध्ययन किया है, जिन पर 2030 तक काम शुरू होने की संभावना है। इन दो मार्गों में इकाना स्टेडियम से चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तक 16,470 किमी का विस्तार और सचिवालय से सीजी सिटी साउथ तक 9,246 किमी का गलियारा शामिल है।
जल्द मिल सकती है हरी झंडी
फेज-1बी में ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर जिसका चारबाग से वसंतकुंज तक 11.165 तक विस्तार होना है। इसके लिए पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) से अनुमोदन की प्रतीक्षा की जा रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही बोर्ड से इसके लिए हरी झंडी मिल जाएगी। इस कॉरिडोर का 4,286 किलोमीटर लंबा हिस्सा एलिवेटेड होगा और बाकी 6,879 किलोमीटर हिस्सा अंडर ग्राउंड होगा।
रोजाना लाभान्वित होंगे 3 लाख से अधिक लोग
अगर ये सभी प्रोजेक्ट तय समय पर पूरे हो गए तो पूरे लखनऊ मेट्रो नेटवर्क की लंबाई 79.976 किमी हो जाएगी। इससे पूरे शहर की परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और एक स्थान से दूसरे स्थान तक परिवहन कनेक्टिविटी बेहतर होगी। मेट्रो प्रवक्ता के मुताबिक, यूपीएमआरसी ने इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों के सामने एक मसौदा पेश किया है और उन्होंने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। इन कॉरिडोर के बन जाने के बाद रोजाना 3 लाख से अधिक लोगों सुलभ और ट्रैफिक मुक्त यात्रा का लाभ मिलेगा।
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