
लखनऊ। Sambhal Violence: शनिवार सुबह राजधानी लखनऊ में विपक्षी नेता माता प्रसाद पांडे के घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई। साथ ही विधानसभा में विपक्ष के नेता लालबिहारी यादव के डालीबाग स्थित आवास के बाहर भी पुलिस तैनात कर दी गयी है। दरअसल, सपा के एक डेलिगेशन को संभल जाना था, इससे पहले ही पार्टी के कई प्रमुख नेताओं के घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई। लाल बिहारी यादव का कहना है कि पुलिस ने उन्हें डीएम का एक पत्र दिया है, जिसमें लिखा है 10 दिसंबर तक संभल में प्रवेश निषेध है।
सपा प्रतिनिधिमंडल से डरी योगी सरकार!
सत्ता के इशारे पर पुलिस ने माननीय प्रदेश अध्यक्ष श्री श्याम लाल पाल जी को संभल जाने से रोका, घर में किया नज़रबंद।
संविधान और लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा रही भाजपा सरकार।
घोर निंदनीय! pic.twitter.com/u1kHQRwweF
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) November 30, 2024
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माता प्रसाद पांडेय के आवास के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा

इधर, सेक्टर-11 वृंदावन योजना में स्थित विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के आवास के बाहर भी रात से ही पुलिस का कड़ा पहरा है। इन्हें भी पुलिस ने डीएम द्वारा जारी किया गया पत्र दिखाया गया है। डीएम द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि 30 नवंबर तक किसी भी बाहरी व्यक्ति, सामाजिक संगठन या जन प्रतिनिधि को जिले की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है।
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के निर्देश पर संभल में हुई हिंसा की जांच के लिए बनाए गए सपा प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं के घरों पर सरकार द्वारा पुलिस लगाकर उन्हें संभल जाने से रोकने की घटना,घोर निंदनीय व अलोकतांत्रिक है!
भाजपा सरकार संभल हिंसा का सच छिपा रही है।
सपा… pic.twitter.com/xedXTTEO80
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) November 30, 2024
सपा का आरोप नहीं दी गई को नोटिस

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने कहा कि हमें कोई लिखित सूचना जारी नहीं की गई है। बस ऐसे ही घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई। नियमानुसार हमें इस संबंध में नोटिस देना चाहिए था। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, अन्य सभी नेता संभल जा रहे हैं, उन्हें नहीं रोका जा रहा है, लेकिन जाने से वहां अशांति फ़ैल जाएगी। सरकार अपने कृत्यों को छिपाने के लिए जानबूझ कर ऐसा कर रही है।

वहीं डिविजनल कमिशनर के बयान पर उन्होंने कहा, वह तो उधारु कमिश्नर हैं, वे यहां के नहीं है, उन्हें यहां उधार पर लाया गया है। इसलिए हमारे प्रदेश के प्रीत उनकी उतनी बड़ी जिम्मेदारी नहीं है।
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