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India’s Big Success: भारत की इस बड़ी सफलता से अमेरिका में मची खलबली, चीन-पाकिस्तान भी टेंशन

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Mk 1A Tejas Fighter Jet 31

नई दिल्ली। India’s Big Success: भारत लगातार अपनी रक्षा प्रणाली को मजबूत कर रहा है। इसके लिए वह तमाम तरह के सैन्य सामान बना रहा है, जिनमें युद्धपोत और लड़ाकू विमान जिसे बड़े सामान भी शामिल हैं। पहले भारत के हथियारों और लड़ाकू विमानों से सिर्फ पाकिस्तान और चीन ही डरते थे, लेकिन अब महाशक्ति अमेरिका में भी खलबली मच गई है। दुनिया की महाशक्ति को अब डर है कि भारत रक्षा क्षेत्र में कहीं उससे आगे न निकल जाये।

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मार्च 2024 में होनी थी डिलीवरी

दरअसल, भारत ने तेजस एमके 1ए फाइटर जेट के लिए अमेरिका से F404 इंजन का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था। मार्च 2024 में छह इंजन की डिलीवरी होनी थी, लेकिन अमेरिकी कंपनी GE एयरोस्पेस अभी तक एक भी इंजन की डिलीवरी नहीं कर पाई। इस डिलीवरी की तारीख को अब मार्च 2025 तक बढ़ा दिया गया है। अमेरिका इस इंजन की डिलीवरी में लगातार देरी कर रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) तेजस MK 1A को आरक्षित इंजनों के साथ एयरफोर्स को सप्लाई कर सकती है। बाद में, जब अमेरिकी कंपनी GE एयरोस्पेस द्वारा इंजन डिलीवर किये जाएंगे, तो उनके इंजनों को F404 से बदल दिया जाएगा।

अमेरिका को चीन से मिल रही टक्कर

पहला एमके 1ए तेजस फाइटर जेट 31 मार्च, 2024 को वायुसेना को दिया जाना था, लेकिन इसमें इन-बिल्ट इंजन नहीं होने के कारण डिलीवरी में देरी हुई। यूएस जीई को 2023 से 2024 तक एचएएल को छह इंजनों की आपूर्ति करनी थी। वायुसेना को फिलहाल अपना पहला फाइटर जेट 31 मार्च 2025 तक मिलने की उम्मीद है। ऐसे में अब सवाल ये उठ रहा है कि अमेरिका ऐसा क्यों कर रहा है। दरअसल, अमेरिकी F-16 पहले से ही चीनी JF-17 फाइटर जेट से कड़ी प्रतिस्पर्धा में हैं। भारत में तेजस एमके 1ए एक तकनीकी लड़ाकू विमान है। इसलिए, अमेरिका को डर है कि इसके बाज़ार में आते ही प्रतिस्पर्धा तेज़ हो जाएगी और F-16 की बिक्री प्रभावित होगी। पाकिस्तान अमेरिका से F-16 लड़ाकू विमानों को आयात करता है।

फाइटर जेट खरीदने की है योजना

तेजस एमके-1ए में उन्नत मिशन कंप्यूटर, उच्च प्रदर्शन उड़ान प्रबंधन कंप्यूटर (डीएफसीसी एमके-1ए), बौद्धिक बहुक्रियाशील डिस्प्ले (एसएमएफडी), विस्तारित इलेक्ट्रॉनिक स्कैंडल (एईएसए), विस्तारित आत्म-प्रचार, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध उपलब्ध हैं। यह लड़ाकू विमान वैसे तो तेजस एमके-1 की तरह ही है, लेकिन ये इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूईट, उत्तम AESA राडार, सेल्फ प्रोटेक्शन जैमर, राडार वॉर्निंग रिसीवर से लैस है। रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2021 में भारत की वायुसेना ने 83 TEJAS MK 1A लड़ाकू विमानों का ऑर्डर दिया था, जिनकी कीमत 48,000 करोड़ रूपये है। इसके अलावा, एयरफोर्स की 67 हजार करोड़ की 97 और MK 1A फाइटर जेट खरीदने की भी योजना है।

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