
प्रयागराज। Maha Kumbh 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में इस समय संगम तट पर भव्य महाकुंभ का आयोजन हो रहा है। इस समय यहां आस्था, भक्ति और साधना की अद्भुत छटा बिखरी हुई है। महाकुम्भ क्षेत्र में इस समय ईश्वर का वास है। हर तरफ जप, तप, भक्ति और आस्था का संगम देखने को मिल रहा है। महाकुंभ क्षेत्र में नागा संन्यासियों, श्रद्धालु और साधक के साथ ऐसे बाबा भी मौजूद हैं, जिनके दावे हैरान कर देने वाले हैं। ऐसे ही एक बाबा हैं, जो ब्लेसिंग बाबा के नाम से मशहूर हैं। इनके दावे सबसे अलग हैं।
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जमा होती है श्रद्धालुओं की भारी भीड़
जी हां महाकुंभ क्षेत्र के सेक्टर 20 में स्वस्तिक द्वार के पास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा और यहां मौजूद हर शख्स के चेहरे पर एक अजीब सा तनाव दिखाई दे रहा है। कोई सिर पकड़े खड़ा है, तो कोई पैर। यहां हर किसी की अपनी तकलीफ है, जिन्हें दूर करने का दावा कुंभ में आये एक बाबा कर रहे हैं। इन्हीं बाबा के दरबार के सामने भक्तों की ये भारी भीड़ जमा है। यहां अंदर दाखिल होते ही आपको एक सामान्य से शख्स के दर्शन होंगे, जिनके शरीर पर न भभूत है और न ही उन्होंने भगवा रंग के वस्त्र पहना है। उनके गले में बस एक चंद माला है और वे एक सामान्य सी कुर्सी पर बैठे हैं। ये ओडिशा के भुवनेश्वर से आए बाबा आर्तत्राण हैं। इनका दावा है कि वह अपने स्पर्श से बड़ी से बड़ी बीमारियां दूर कर देते हैं।
मंत्रों से करते हैं इलाज
ओडिशा के भुवनेश्वर से महाकुंभ आए बाबा आर्तत्राण का दावा है कि इनके ऊपर ईश्वर की कृपा है और वे मंत्रों की शक्ति से असाध्य बीमारियों का इलाज करने में सक्षम हैं। बताया जाता है कि बाबा पहले मरीज से पूछते हैं कि उसकी समस्या क्या है और फिर वह प्रभावित अंग पर हाथ रखकर या स्पर्श कर उसे ठीक करने का दावा करते हैं। वह माइग्रेन, साइटिका, मानसिक तनाव जैसी बीमारियों का इलाज सिर्फ स्पर्श करके ही कर देते हैं। उनका कहना है कि वे साल 2011 से डिवाइन ट्रीटमेंट कर रहे हैं और अब तक 24 लाख से अधिक लोगों को ठीक कर चुके हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपनी इस शक्ति और दावे को लेकर ट्वीट किया था। उनका कहना है कि वह देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी लोगों का इलाज करते हैं।
गंभीर बीमारियां ठीक करने का है दावा
बाबा का दावा है कि वे अपने मन्त्रों से गंभीर से गंभीर बीमारियां भी ठीक कर सकते हैं। ऐसा करने के लिए वे न तो कोई दवा देते और न ही कोई इंजेक्शन। यह उनकी ब्लेसिंग चिकित्सा थेरेपी का परिणाम है कि उनके यहां आने वाले मरीज रोग मुक्त हो जाते हैं। और तो और वे इस काम के लिए किसी से कोई पैसा नहीं लेते हैं। मेडिकल साइंस को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा है, डॉक्टर चाहे तो मेरे ऊपर शोध कर लें, मैं अपने दावे की परीक्षा देने के लिए भी तैयार हूं।
यू ट्यूब और फोन से भी करते हैं इलाज
बाबा के पास इलाज करने वाले लोग भी तुरंत लाभ की बात करते हैं। हालांकि ये लाभ कितने दिन तक रहता है, इसका कोई टेस्ट अभी तक नहीं किया गया है। बाबा तो ये भी दावा करते हैं कि अगर कोई उनके पास नहीं आ सकता है तो वे यूट्यूब और फोन के जरिए भी इलाज कर सकते हैं। उनका कहना है कि वह फोन पर ही कुछ मंत्र बोलेंगे और मरीज घर बैठे ठीक हो जायेगा। बाबा का कहना है कि मेडिकल साइंस जिस बीमारी का इलाज नहीं कर सकता है, वे अपने मंत्रों से उस बीमारी का भी इलाज कर सकते हैं।
असहमत हुए डॉक्टर
बाबा की इस टच थेरेपी को लेकर डॉक्टर सहमत नहीं हैं। इसे लेकर न्यूरोसर्जन डॉ. पंकज खेतान का कहना कि माइग्रेन और न्यूरोलॉजिकल रोगों के उपचार में कई महीने लगते हैं। इस तरह के तत्काल लाभ का कोई भी फार्मूला मेडिकल साइंस स्वीकार नहीं करता है। इसके अलावा ये भी स्पष्ट होना चाहिए कि ऐसे कितने मरीज हैं जो इलाज के बाद लंबे समय तक ठीक रहे। इसकी भी रिपोर्ट शेयर होनी चाहिए।
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