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Sapta Shakti Sangam: सरस्वती शिशु वाटिका में आयोजित हुआ सप्त शक्ति संगम

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  • दो परिवारों के संस्कारों व भारतीयता को संजोने संवारने का दिया गया संदेश

 प्रतापगढ़। Sapta Shakti Sangam: विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से संबद्ध सरस्वती शिशु वाटिका चिलबिला पूर्वी द्वारा मातृ शक्तियों का सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम मातृ भारती के संयोजन में सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला कार्यवाहिका राष्ट्र सेविका समिति प्रिया त्रिपाठी रही । कार्यक्रम की अध्यक्षता वसुधा फाउंडेशन की मैथिली सिंह ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा समवेत मां शारदे के सम्मुख दीप प्रज्जवलित व पुष्प अर्पित कर किया गया।इस मौके पर बहिनों द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।

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परिचय एवं सम्मान तथा प्रस्ताविकी शिशु वाटिका चिलबिला पूर्वी की संचालिका विभा शुक्ला ने किया। अपने प्रस्ताविकी भाषण में भारतीय नारी को श्रीमद भगवद गीता के 10वें अध्याय के 13वें श्लोक के अनुसार सात गुणों से युक्त बताया और गीता के श्लोक कीर्ती श्रीवाक च नारिणाम स्मृति मेधा धृतिः क्षमा का उल्लेख किया तथा भारतीय नारियों जीजाबाई, लक्ष्मी बाई, अहिल्या बाई होलकर, सती सावित्री, दुर्गा देवी आदि का उदाहरण देकर गौरवमई आदर्श का वर्णन किया।

Sapta Shakti Sangam

प्रत्यक्ष रानी लक्ष्मी बाई के रूप में पूर्व छात्रा अलंकृता, अहिल्या बाई होलकर के रूप में पूर्व छात्रा कोशिकी तिवारी सावित्री बाई फुले के रूप में दिव्यांशी सिंह मीरा बाई के रूप में मानसी सिंह जीजाबाई के रूप में नैंसी उमर वैश्य का उपस्थित नारियों को संदेश तथा अपने कालखंड में अपने कर्तव्य और किए गये समाज के कार्यों को रूप धरे बच्चों ने उद्धृत किया। विद्यालय बहिन वैष्णवी शिल्पकार की गीत” सिर पर हिमालय का क्षत्र है देश नहीं ऐसा अन्यत्र है” पर नृत्य प्रस्तुत किया जिसे लोगों ने सराहा और बालिका की प्रतिभा पर पुरस्कृत किया।

इस मौके पर आचार्या ज्योति पाल,प्रीति सिंह, शालिनी पांडेय,संचालिका विभा शुक्ला प्रवेश द्वार पर कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे माताओं बहनों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि ने अपने व्यक्त करते हुए नारी को दो परिवारों के संस्कारों और भारतीयता को संजोने संवारने की जिम्मेदारी का निर्वहन करना बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही मैथिली सिंह ने पर्यावरण को समृद्ध करने की दृष्टि से तथा प्राणवायु के लिए पौधे लगाने बच्चो को प्रेरित किया।

मातृ भारती की अध्यक्षा नेहा तिवारी ने आई हुई समस्त माताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।मंत्री सबिता पांडेय ने अतिथियों एवं उपस्थित माताओं से अपने बच्चों का उदाहरण देते हुए अपने बच्चों का प्रवेश कराने तथा संस्कारवान बालिका/ बालक निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आग्रह किया। प्रश्नोत्तरी में भाग लेने वाली माताओं को अतिथियों द्वारा श्रीफल एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

वन्देमातरम के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। अंत में मातृ भारती की मंत्री ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में शिशु वाटिका की वरिष्ठ आचार्या प्रीति सिंह,आचार्या ज्योति पाल, शालिनी पांडेय,काजल,बबीना सिंह आदि के सहयोग हेतु संचालिका विभा शुक्ला ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

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