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Matribhasha Diwas: भाषा वह डोर जो सभी को एक साथ बांधती है- जयदीप रॉय

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Matribhasha Diwas
  • अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर आयोजित हुई संगोष्ठी

प्रतापगढ़। Matribhasha Diwas: भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर कलेक्ट्रेट सभागार में भारतीय भाषा अभियान प्रतापगढ़ ईकाई के आयोजकत्व में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष धूप व दीप प्रज्जवलित, पुष्प अर्पित करके सरस्वती वंदना के साथ किया गया।

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1952 के शहीदों की याद में मनता है भाषा दिवस 

इस मौके पर भारतीय भाषा अभियान के दायित्वधारियों व कार्यकारिणी सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया। तदुपरांत कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं भारतीय भाषा अभियान के राष्ट्रीय संयोजक जयदीप राय ने उपास्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मातृभाषा का यह दिवस 1952 के बंगाली भाषा आंदोलन के शहीदों की स्मृति में मनाया जाता है,जो अपनी भाषाई पहचान की रक्षा के लिए शहीद हुए थे।

इसको मनाने का मुख्य उद्देश्य विलुप्त हो रही भाषाओं के संरक्षण, सुरक्षा और उन्हें पुनर्जीवित करना एवं उनके महत्व को बढ़ावा देना। उन्होंने कहा कि भाषाई विविधता,दुनिया भर में भाषाओं के लुप्त होने के खतरे के बीच उनके महत्व पर जोर देती है, भाषा वह डोर है जो सभी को एक सूत्र में बांधती है। उन्होंने कहा कि यह दिवस जिसे यूनेस्को द्वारा 1999 में घोषित किया गया था, यह मानता है कि भाषाएं सतत विकास, शांति और समावेश को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

भाषा आंदोलन के इतिहास की याद दिलाता ये दिवस 

शिक्षा संस्कृति न्यास उत्थान के क्षेत्रीय संयोजक पूर्णेन्दु मिश्रा ने कहा कि यह दिन हमें हमारी पहचान, अनुभूति, शिक्षा और समाज के लिए मातृ भाषा के महत्व के साथ-साथ इस दिन को प्रेरित करने वाले भाषा आंदोलन के इतिहास की याद दिलाता। इस मौके पर एएसपी शैलेंद्र ने अपनी मातृभाषा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे उच्च न्यायालय इलाहाबाद बार एसोसिएशन के महासचिव अखिलेश शर्मा ने कहा कि भाषा वह दर्पण है,जिसमें व्यक्ति की संस्कृति और सभ्यता झलकती है।

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कार्यक्रम का संचालन भारतीय भाषा अभियान के जिला संयोजक महेश कुमार गुप्ता ने किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।इस मौके पर प्रमुख रूप से भारतीय भाषा अभियान के प्रांत संयोजक अजय मिश्रा, लब्ध प्रतिष्ठज, अनुज त्रिपाठी , भारतीय भाषा अभियान के जिला सहसंयोजक अभिषेक शर्मा, सहसंयोजक राजाराम सतीश दुबे, अनुराग मिश्र, धीरज मिश्र, विजय पांडेय, प्रदीप पांडेय, शिवकुमार पुषजीवी, शिवेश शुक्ल, संतोष मिश्रा, गौतम सिंह, रवि सिंह, राघवेंद्र सिंह, राहुल सिंह, अरविंद पाण्डेय, मृदुल गुप्ता, आकाश, अवनीश किरण बाला, नीतू गुप्ता, संध्या मोदनवाल एवं विद्वान अधिवक्तागण, मौजूद रहे।

य मातृभाषा दिवस पर प्रथम सत्र प्रताप बहादुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बतौर मुख्य वक्ता विभाग प्रचारक ओमप्रकाश जी ने अपने उद्बोधन में बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस दुनिया में भाषाई और सांस्कृतिक विविधता और बहुभाषावाद को मनाने और बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह दिन हमें हमारी पहचान, अनुभूति, शिक्षा और समाज के लिए मातृ भाषा के महत्व के साथ-साथ इस दिन को प्रेरित करने वाले भाषा आंदोलन के इतिहास की याद दिलाता है।

मुख्य अतिथि जयदीप राय ने छात्र-छात्राओं को मातृभाषा में हस्ताक्षर करने एवं लेखन पठन-पाठन करने का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो अमित श्रीवास्तव ने किया संचालन अजीत सिंह ने किया कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ शिव प्रताप सिंह हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. वंदना संस्कृत विभागाध्यक्ष, अजय सिंह, डॉ. पवन सिंह अवनीश कुमार सिंह, सुनीत सिंह  आदि लोग उपस्थित रहे।
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