Home » अन्य » Delhi-NCR Pollution: SC ने दिल्ली सरकार को फटकारा, कहा- ‘उपलब्ध काराएं AQI डेटा’

Delhi-NCR Pollution: SC ने दिल्ली सरकार को फटकारा, कहा- ‘उपलब्ध काराएं AQI डेटा’

[the_ad id="14540"]

नई दिल्ली। Delhi-NCR Pollution: देश की सबसे बड़ी अदालत में वायु प्रदूषण पर सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाते हुए एक्यूआई डेटा उपलब्ध कराने को कहा। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में GRAP-4 लागू रहेगा। अदालत ने एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमेटी को आदेश दिया है कि वह कल तक तय करे कि स्कूल खुल सकते हैं या अभी ऑनलाइन पढ़ाई होगी। इस मामले में अगली सुनवाई गुरुवार को होगी। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार ने GRAP-4 नियमों का उल्लंघन किया और 18 से 23 नवंबर तक ट्रकों को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश की अनुमति दी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जब तक कोर्ट संतुष्ट नहीं हो जाता कि AQI में गिरावट आ रही है। हम नीचे स्टेज 3 या स्टेज 2 पर जाने का आदेश नहीं दे सकते।

इसे भी पढ़ें- Delhi-NCR Air Pollution: सख्त हुआ कोर्ट, बंद किए गए 12वीं तक के स्कूल, WFH पर विचार करे केंद्र

अधिकारियों पर चलेगा मुकदमा 

Delhi-NCR Pollution

शीर्ष अदालत ने कहा कि सभी 13 अदालत आयुक्तों को काम जारी रखने दें। यह स्पष्ट है कि ग्रैप-4  के खंड 1 से 3 में निहित उपायों को लागू करने के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया है, इसलिए खंड 1 से 3 में अधिकारियों की ओर से की गई ये घोर लापरवाही है। हम दिल्ली सरकार के ऐसे सभी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाएंगे, जिन्होंने इसका उल्लंघन किया है।

CAQM करे जरूरी उपाय 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ग्रैप-4 से समाज के कई वर्ग प्रभावित हुए हैं। सीएक्यूएम के पास इस अधिनियम के तहत विभिन्न अधिकारियों को निर्देश जारी करने की पूरी शक्ति है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मजदूरों और दैनिक वेतन भोगियों को कोई नुकसान न हो, इसलिए हम सीएक्यूएम को अधिनियम की धारा 12 के अनुसार कुछ उपचारात्मक उपाय करने का निर्देश देते हैं।

निजी ऑपरेटर कर रहे थे ट्रकों की जांच 

सुनवाई के दौरान, न्यायिक आयुक्त ने कहा कि ट्रकों की जांच निजी ऑपरेटरों द्वारा की जा रही है। इसके लिए अलग से पुलिस बल तैनात नहीं किया गया है। इस पर जस्टिस अभय एस ओका ने कहा कि हमें दिल्ली सरकार का वह आदेश दिखाएं जिसमें इस तरह के अंकों के प्रबन्धन के लिए टीमें जारी की गई थीं। इस पर दिल्ली सरकार का पक्ष रह रहे वकील ने कहा, ड्रॉप-ऑफ प्वाइंट पर नगर निगम के कर्मी, नागरिक सुरक्षा कर्मी और दिल्ली पुलिस के अधिकारी तैनात थे। इसके बाद न्यायाधीश ओका एस ने कहा, हमें पुलिस को दिए गये निर्देश की कापी दिखाएं।  कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे निर्देश ही नहीं दिए गये होंगे तो वह काम कैसे करेंगे।

कई जगहों पर नहीं लगाई गई थी बैरीकेडिंग 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा,  रिपोर्ट देखे बिना भी हम कह सकते हैं कि अभी भी कोई जांच बिंदु हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम जानना चाहते हैं कि क्या ऐसे चेक पोस्ट बनाये गये हैं जो ट्रकों के प्रवेश पर रोक लगाते हों। इस पर कोर्ट कमिश्नर ने कहा, इसमें दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग का कोई कर्मचारी नहीं था। चेकिंग हो रही थी, लेकिन ये कितना प्रभावी था ये देखना होगा। हमने सभी 83 चेक पॉइंट देखे और सभी चेक पोस्ट की अलग परिभाषा थी। ट्रकों को रोकने के लिए पुलिस कर्मियों को सड़क के बीच में कूदना पड़ रहा था, जो उनके लिए जोखिम भरा था। कहीं को बैरीकेडिंग नहीं लगाई गईं थी।

इसे भी पढ़ें- Delhi Air Pollution: गैस चैंबर में तब्दील हुई दिल्ली, लागू हुआ GRAP-4, जानिए किन-किन चीजों पर लगी पाबंदी

Leave a Comment

[the_ad id="14784"]
[the_ad id="14787"]
Modi 3.0 के पहले आम बजट से मिडिल क्लास को मिलेगी राहत?