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Tirupati Stampede: तिरुपति में मची भगदड़, बनी छह लोगों की मौत की वजह, प्रशासन पर उठे सवाल

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Tirupati Stampede

आंध्र प्रदेश। Tirupati Stampede: आंध्र प्रदेश के तिरुमाला हिल्स में स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में वैकुंठ एकादशी उत्सव शुरू होने से दो दिन पहले हुई भगदड़ ने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्सव के लिए टिकट या टोकन बांटने के लिए 90 से अधिक टिकट काउंटरों पर भारी भीड़ जमा हुई और देखते ही देखते भगदड़ मच गई। इस घटना में छह लोगों की जान जाने की खबर है। बता दें कि इस त्योहार के दौरान श्रद्धालु मंदिर के उत्तरी प्रवेश द्वार से भगवान वेंकटेश्वर की पूजा कर सकते हैं।

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मुफ्त दर्शन के लिए बंट रहे थे टोकन

Tirupati Stampede:

दरअसल, 10 से 12 जनवरी तक वार्षिक दर्शन के पहले तीन दिनों के दौरान भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के ‘सर्व दर्शन’ (मुफ्त दर्शन) के लिए भक्तों को 1,20,000 टोकन वितरित करने की व्यवस्था की गई थी। गुरुवार की सुबह पांच बजे से 10 दिवसीय उत्सव के लिए दर्शन टोकन वितरित किये जाने थे, लेकिन पिछली शाम को ही मन्दिर की देखभाल करने वाले तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) लगाये गये काउंटरों पर हजारों की संख्या में लोग जमा हो गये।

एक काउंटर पर जमा हुए 4-5 हजार लोग

Tirupati Stampede

अधिकारियों ने बताया कि तिरुपति में 94 काउन्टरों पर टोकन वितरण व्यवस्था की गई थी, जो सत्यनारायणपुरम, बैरागीपट्टेडा और रामानायडू के स्कूल के अलावा विष्णु निवासम, श्रीनिवासम और भूदेवी कॉम्प्लेक्स में स्थित थे। तिरुपति नगर आयुक्त एन मोरुआ ने कहा कि विष्णु निवासम मंदिर के पास बैरागीपट्टा में एमजीएम हाई स्कूल के काउंटर पर स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। बुधवार की सुबह तक काउंटर पर करीब 4,000 से 5,000 लोग जमा हो गये। शाम को भीड़ बेकाबू हो गयी और धक्का-मुक्की होने लगी।

अस्वस्थ महिला की मदद के लिए खोला गया था गेट 

Tirupati Stampede

टीटीडी नेता बीआर नायडू ने कहा कि जब एक अस्वस्थ महिला की मदद के लिए गेट खोला गया तो भीड़ तेजी से एक साथ आगे बढ़ने लगी और अफरा-तफरी मच गई। भीड़ नियंत्रण करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने की वजह से हालात काबू से बाहर हो गये और बुधवार देर शाम को भगदड़ मच गई। इस घटना में कम से कम छह  श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 40 से अधिक घायल हो गए।

पीएम मोदी और राहुल गांधी ने जताया दुःख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर दुःख जताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ है, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है।

 

वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से इस कठिन समय में हर संभव मदद करने की अपील की।

 

राष्ट्रपति  ने जताया दुःख

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि वह तिरुपति भगदड़ के कारण श्रद्धालुओं की मौत की खबर से दुखी हैं और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हैं। राष्ट्रपति ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है।

 

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