Home » आज फोकस में » UP Yogi Adityanath: पिंटू महरा की तारीफ कर फंसे योगी, अब हो रही किरकिरी, जानें क्या है पूरा माजरा…

UP Yogi Adityanath: पिंटू महरा की तारीफ कर फंसे योगी, अब हो रही किरकिरी, जानें क्या है पूरा माजरा…

News Portal Development Companies In India

लखनऊ। UP Yogi Adityanath: योगी आदित्यनाथ ने बीते चार मार्च को विधानसभा में महाकुंभ की सफलता का बखान करते हुए नाविक पिंटू महरा के 30 करोड़ रुपए कमाने का दावा किया था, लेकिन अब वे इस दावे में फंसते हुए नजर आ रहे हैं। दरअसल, पिंटू महरा के गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड सामने आ गये हैं। ऐसे में अब विपक्ष ने सवालों की झड़ी लगा दी है।

इसे भी पढ़ें- Yogi’s Bulldozer Action: कई राज्यों को भाया योगी का बुलडोजर एक्शन, असम से लेकर महाराष्ट्र तक सुनाई देती है गूंज

13O करोड़ की कमाई का दावा

बता दें कि, इस बार का महाकुंभ न सिर्फ धार्मिक सफलता के लिए प्रसिद्ध हुआ, बल्कि आर्थिक सफलता के लिए जाना गया।  मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि, प्रयागराज के नैनी के अरैल क्षेत्र का रहने वाले पिंटू महरा के परिवार ने 130 नाव चलाकर 30 करोड़ रुपये की बेशुमार कमाई की है। सीएम ने महाकुंभ को नाविकों के लिए  रोजगार का  का बड़ा अवसर बताया था। योगी के मुताबिक़,  महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं की वजह से पिंटू महारा की हर नाव से हर दिन 50 से 52 हजार रुपये कमाई होती थी, जो एक  मिसाल है।

सामने आया पिंटू महरा का आपराधिक रिकॉर्ड

UP Yogi Adityanath

वहीं, खुद पिंटू महरा भी कई मीडिया रिपोर्टों में बता चुका है कि महाकुंभ से पहले ही उसने अपनी मां और पत्नी के गहने गिरवी रखकर 70 नई नावें खरीद ली थी, जिसके बाद उसके पास 130 नावों का बेड़ा हो गया था। उसका कहना था कि, गहने गिरवी रखने के जोखिम ने उसे करोड़पति बना दिया, लेकिन अब पिंटू महारा का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आने से इस कहानी में एक नया मोड़ आया है और मुख्यमंत्री योगी की किरकिरी होने लगी है।

खा चुका है जेल की हवा

पुलिस सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से कहा जा रहा है कि, पिंटू महरा नैनी के अरैल का एक कुख्यात अपराधी है। उस पर हत्या, रंगदारी, जबरन वसूली और अवैध शराब के कारोबार जैसे तमाम गंभीर आरोप हैं। वह एक मामले में जेल में बंद था और दो साल पहले  ही रिहा हुआ है। हाल ही में तीन हफ़्ते पहले भी उसके खिलाफ  नाविकों से रंगदारी मांगने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है। इससे पहले डबल मर्डर केस में वह 6 महीने तक जेल की हवा खा चुका है।

विपक्ष ने दागे सवाल

पिंटू नाविक को लेकर किये गये ये खुलासे अब योगी सरकार मुश्किल में आ गई है। विपक्ष ने उस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विपक्ष का कहना है कि योगी सरकार में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और पिंटू महरा इसे ज्वलंत उदाहरण इसका सबूत है।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के कहा है कि, ‘पहले ठग से एमओयू किया, अब नामजद अपराधी की तारीफ कर रहे हैं। अब तो आंखें खोलें।’ सपा मुखिया  ने सवाल उठाया कि क्या इस कमाई पर जीएसटी और अन्य कर चुकाए गये हैं और क्या यह श्रद्धालुओं से लूट का नतीजा नहीं है।

UP Yogi Adityanath

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सरकार पर तंज कसते हुए, योगी जी, अपने सूचना सलाहकारों को बर्खास्त कीजिए। सोचिए भला, आपसे एक कुख्यात अपराधी का सदन में इतना महिमा मंडन करवा डाला? हद है!’

उत्तर प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी तंज कसते हुए कहा, ‘मुख्यमंत्री ने अपने ही आंकड़ों से कालाबाजारी का सच बयान  कर दिया। मेला प्राधिकरण ने नाव का किराया मात्र 75-150  रुपये प्रति व्यक्ति तय किया था और एक नाव पर 7 से 8 लोग ही बैठ सकते हैं, औसतन 100 रुपये प्रति व्यक्ति और 8 यात्रियों की गणना की जाये, तो एक नाव से अधिक से अधिक  800 रुपये प्रति चक्कर की कमाई हो सकती थी। ऐसे में  50 से 52 हजार रुपये प्रतिदिन कमाने के लिए एक नाव को कम से कम  60-65 चक्कर लगाने होंगे, जो व्यावहारिक रूप से असंभव है। इससे यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या यह कमाई वैध थी या इसमें कालाबाजारी और अनियमितताएं शामिल हैं?

UP Yogi Adityanath

अब देखना ये है कि योगी सरकार से विवाद से खुद को कैसे बाहर निकालती है और अगर पिंटू महारा के आपराधिक रिकॉर्ड सही हैं तो उसके खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जाती है। फिलहाल इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में गर्माहट देखने को मिल रही है।

 

इसे भी पढ़ें- PM Modi Mahakumbh Visit: पीएम मोदी और सीएम योगी ने संगम में लगाई डुबकी

Leave a Comment

Modi 3.0 के पहले आम बजट से मिडिल क्लास को मिलेगी राहत?