
Special Ops 2 Review: केके मेनन की सीरीज ‘Special ops’ पार्ट 2 शुक्रवार 18 जुलाई को स्ट्रीम हो गई है। फैन्स इस सीरिज का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। इस सीरिज के पहले पार्ट को भी दर्शकों का खूब प्यार मिला था। अब दूसरा सीजन भी लोगों को खूब पसंद आ रहा है। इस शो ने दर्शकों के दिल में एक अलग जगह बनाई है। क्रिटिक्स का कहना है कि, सीरिज का पार्ट 2 भी दर्शकों को स्क्रीन से चिपकाए रखने में सफल साबित हो रहा है।
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ये है कहानी
इस बार की कहानी साइबर क्राइम पर है। इसमें डिजिटल टेक्निक जैसे कि इंटेलिजेंस एजेंसी (AI) का बखूबी इस्तेमाल किया गया है। कहानी के मुताबिक, देश के सबसे बड़े साइंटिस्ट डॉ. पीयूष भार्गव का अपहरण कर लिया जाता है। इसी दौरान एक इंटेलीजेंस ऑफिसर का मर्डर भी हो जाता है। सीरिज में हिम्मत सिंह को जिम्मेदारी दी जाती है कि, वे डॉ. भार्गव को सुरक्षित वापस अपने देश लायें, क्योंकि अगर वो वापस नहीं आए, तो देश भर की सुरक्षा खतरे ने पड़ जाएगी। देश में सबके बैंक अकाउंट्स खाली हो सकते हैं। इन दो घटनाओं के अलावा सीरिज में एक बैंक फ्रॉड की भी घटना घटती है। इसमें एक ऐसा विलेन भी है जो लोगों को कैद करके अपने पास रखने का शौक रखता है। ये सब कैसे एक दूसरे से जुड़े हैं ये जानने के लिए शो देखना होगा।
कैसी है सीरीज

सीरिज में कहानी काफी स्पीड से आगे बढ़ती है। इसमें आ रहे एक के बाद एक ट्विस्ट दर्शकों को लगातार बांधे रखते हैं। सीरिज में कई नए किरदार और नया ट्विस्ट देखने को मिलता है। सीरिज की काहनी कई देशों से होकर गुजरती है, जिससे कई कमाल की लोकेशंस देखने को मिलती है। नए किरदारों की एंट्री से सीरिज लगातार दिलचस्प बनी रहती है। एक्शन सीन भी जबर्दस्त हैं। शो की प्रोडक्शन वैल्यू भी काफी बेहतरीन है। जब आप सीरीज देखने बैठेंगे, तो आपको एक बार भी उठने का मौका नहीं मिलेगा। सीरीज के कुल 7 एपिसोड्स हैं और हर एपिसोड 50 मिनट से 1 घंटे का है, लेकिन कहीं से भी ऐसा नहीं लगता कि ,इसे खींचा गया है। ये सीरीज लोगों के दिलों दिमाग में इस कदर अपनी जगह बना चुकी है कि, वे इसे बार-बार देखने पसंद करते हैं।
केके मेनन की शानदार एक्टिंग

इस पूरे शो में केके मेनन ने अपना सौ परसेंट दिया है। उनकी एक्टिंग काबिले तारीफ है। वे बिना चीखे चिल्लाए बड़ी सरलता से अपना काम करते नजर आ रहे हैं। मेनन अपने डायलॉग्स और अपनी आंखों से काम कर जाते हैं और दुश्मन को भनक तक नहीं लगती। काम के साथ-साथ वे अपनी पर्सनल लाइफ को भी बड़ी सहजता से मेंटेन रखते हैं। सीरीज में वैसे तो कहीं से कोई कमी नहीं है, लेकिन अगर कुछ है भी तो केके उसे अपनी कमाल की एक्टिंग से छिपा जाते हैं। करण टैकर की भी एक्टिंग कमाल की है। उनके अभिनय को देखकर ऐसा लग रहा है कि उन्होंने इतने साल तक टेलीविजन पर टाइम क्यों वेस्ट किया। इनको अब तक बड़े मौके क्यों नहीं मिले। करण गजब डैशिंग लगते हैं और उन्होंने जबर्दस्त एक्टिंग की है। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस किसी बड़े बॉलीवुड हीरो से कम नहीं नजर आ रही है।
किरदार ने डूबे नजर आए प्रकाश राज
ताहिर राज भसीन एक अलग तरह के विलेन के किरदार में हैं। सीरिज में उन्होंने लोगों को कैद करने का शौक पाल रखा है। वे बिना कोई खून खराबा किए दहशत पैदा करने में कामयाब नजर आ रहे हैं। प्रकाश राज का काम भी कमाल का है। प्रकाश राज ने एक ऐसे शख्स का किरदार निभाया है, जो बैंक से अपना ही पैसा नहीं निकाल पा रहा। इस बेचारगी को वो कमाल तरीके से दिखाते हैं। गौतमी कपूर का किरदार भी दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है। मुज्जमिल इब्राहिम और परमीत सेठी की एक्टिंग की काफी सराहनीय है। वहीं, सैयमी खेर का काम भी ठीक है। हालांकि वे इससे ज्यादा अच्छा काम कर चुकी हैं। आरिफ जकारिया और शिखा तलसानिया ने भी अच्छा काम किया है।
देखने लायक है सीरिज
इस सीरिज का निर्देशन नीरज पांडे और शिवम नायर ने किया है। राइटिंग अच्छी है। हालांकि और बेहतर हो सकती थी। सीरीज की पेस जबरदस्त है और ये दर्शकों का पूरी तरह बांधे रखने में सफल हुई है। सीरीज में साफ संदेश दिया गया है कि बिना चीख चिल्लाहट और ज्यादा खून खराबे के भी बेहतरीन स्टोरी तैयार की जा सकती है। कुल मिलाकर सीरिज देखने लायक है।
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