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भारतीय हॉकी के लिए स्वर्णिम युग था दद्दा का दौर
अंबिकापुर। Sports Day: श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय में शुक्रवार को मेजर ध्यानचंद की जयंती खेल दिवस के रूप में मनायी गयी। प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव, एनईपी समन्वयक डॉ. आर.एन शर्मा तथा खिलाड़ियों ने मेजर ध्यानचंद की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर डॉ. श्रीवास्तव ने मेजर ध्यानचंद के खेल जीवन से सभी को अवगत कराया।
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स्वर्णयुग था मेजर ध्यानचंद दद्दा का दौर

उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद ने तीन ओलम्पिक खेले थे जिसमें एम्सटर्डम, लॉसएंजेलिस और बर्लिन था। उन्होंने तीनों ओलम्पिक में स्वर्ण पद हासिल किया था जो आज भी देश के लिए गर्व है। उनके भाई रूप सिंह भी अच्छे ओलम्पियन खिलाड़ी थे।

मेजर ध्यानचंद के बेटे अशोक सिंह भी हॉकी के अच्छे खिलाड़ी थे जिन्होंने ओलम्पिक के साथ विश्वकप में बेहतरीन प्रदर्शन कर विश्वकप जीता था। भारतीय हॉकी के लिए मेजर ध्यानचंद दद्दा का दौर स्वर्णयुग था।
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य ने सफदर हाशमी की किताबें करती हैं बातें… और गुलजार की नज्म किताबें झांकती हैं बंद अलमारी के शीशों से सुनाया। उन्होंने सभी को किताबों के साथ पठनीयता आह्वान किया।
बॉलीवाल मैच हुआ

इस अवसर महाविद्यालय के खिलाड़ियों के बीच बॉलीवाल मैच आयोजित हुआ, जिसमें खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया। ऽ कार्यक्रम के दौरान लाइफ साईंस के विभागाध्यक्ष अरविन्द तिवारी, फिजीकल साईंस विभाग के अध्यक्ष शैलेष देवांगन, कम्प्यूटर साईंस एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेकऽकुमार गुप्ता, क्रीड़ा प्रभारी सोनाली गोस्वामी, क्रीड़ाधिकारी तिलक राज टोप्पो तथा सभी प्राध्यापकऽ और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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