Home » स्वास्थ्य » Protein Shake Or Sattu Shake: प्रोटीन शेक या सत्तू शेक, कौन सा होता है सबसे ज्यादा हेल्दी, क्या कहती है रिपोर्ट

Protein Shake Or Sattu Shake: प्रोटीन शेक या सत्तू शेक, कौन सा होता है सबसे ज्यादा हेल्दी, क्या कहती है रिपोर्ट

News Portal Development Companies In India
protein shake or sattu shake

Protein Shake Or Sattu Shake: आज की भागदौड़ भरी जिन्दगी में लोगों के पास खाने का भी समय नहीं है। ऐसे में हर किसी को कुछ ऐसी चीजों को तलाश होती है, जो कम समय में तैयार हो जाये और हेल्दी भी हो। इसके लिए कुछ लोग बाजार में मिलने वाले प्रोटीन पाउडर की तरफ भागते हैं, तो कुछ गांव में इस्तेमाल किये जाने वाले सत्तू पर भरोसा जताते हैं।

इसे भी पढ़ें- Protein Foods: सेहत के लिए बेस्ट हैं ये 5 फूड्स, मिलता है भरपूर प्रोटीन

प्रिजर्वेटिव से भरे होते हैं प्रोटीन पाउडर 

Protein Shake Or Sattu Shake

हाल में सोशल मीडिया पर भी एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमे कमर्शियल प्रोटीन पाउडर की बजाय सत्तू शेक पीने की सलाह दी जा रही थी। वीडियो में दावा किया गया कि, बाजार में मिलने वाले प्रोटीन पाउडर प्रिजर्वेटिव से भरे होते हैं, जो शरीर में छह महीने तक रहते हैं और सेहत के लिए नुकसानदायक होते हैं जबकि घर के बने सत्तू शेक में दूध और ड्राई फ्रूट्स का इस्तेमाल किया जाता है, जो सेहत के लिए काफी हेल्दी होता है। हालांकि, साइंटिफिक डाटा और न्यूट्रिशन फैक्ट्स इस दावे की हकीकत कुछ और ही बता रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इस दावे के कितनी सच्चाई है।

गलत है दावा 

आपको बता दें कि, ये दावा पूरी तरह से गलत है। रिसर्च के मुताबिक, हाई क्वालिटी वाले व्हे प्रोटीन पाउडर में प्रिजर्वेटिव की मात्रा न के बराबर होती है और अगर किसी में  थोड़ा बहुत है भी, तो शरीर इसे आसानी से मेटाबोलाइज करके बाहर निकाल देता है। दरअसल, एफडीए और ईएफएसए जैसे इंटरनेशनल रेगुलेटरी एजेंसियां प्रिज़र्वेटिव्स की मात्रा पर काफी सख्त नियम लागू करती हैं और इन्हें सुरक्षित मानती हैं।

80 फीसदी होता है प्रोटीन 

Baylor University की एक रिपोर्ट पर गौर करें, तो व्हे प्रोटीन पाउडर में 80 फीसदी प्रोटीन होता है और 20 प्रतिशत लैक्टोज, फैट व नैचुरल फ्लेवर होता है। प्रोटीन पाउडर में प्रिजर्वेटिव्स अगर होता भी है, तो बेहद कम मात्रा में।  इतना ही नहीं नेचुरल फूड्स जैसे बेरीज़ में भी नैचुरल बेंजोइक एसिड पाया जाता है, जिसे शरीर आसानी से एक्सेप्ट कर लेता है।

हेल्दी होता है सत्तू शेक

Protein Shake Or Sattu Shake

अब बात करते हैं घर में बनाये जाने वाले सत्तू शेक की, तो ये भुने हुए चने के आटे, दूध या पानी और बादाम, काजू, पिस्ता, किशमिश जैसे ड्राई फ्रूट्स को मिलाकर बनाया जाता है। इस सत्तू शेक में मिलाई जाने वाली इन सभी सामग्रियों में प्रचुर मात्रा में न्यूट्रिशन पाया जाता है।  जैसे कि 100 ग्राम सत्तू में लगभग 26 ग्राम प्रोटीन, 60 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और 18 ग्राम फाइबर होता है।

वहीं बादाम, काजू और पिस्ता में भी हेल्दी फैट्स, प्रोटीन और फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें किशमिश भी मिलाया जाता है, जो आयरन और एंटीऑक्सीडेंट से युक्त होता है। साथ ही इसमें शुगर और कार्ब्स भी अच्छी मात्रा में होता है यानी यह ड्रिंक काफी हेल्दी होती है, लेकिन इसके पोषक वैल्यू इस बात पर निर्भर करती है कि आप इसे किस मात्रा में पी रहे हैं और आपकी सेहत कैसी है, आपके शरीर को किस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत है।

सेहत के हिसाब से लिया जाना चाहिए ये शेक

कई बार ऐसा होता है कि कुछ हेल्दी ड्रिक्स में शुगर की मात्रा पर ज्यादा ध्यान नहीं जाता और किशमिश, गुड़ या खजूर मिलाने से शुगर लेवल काफी बढ़ जाता है, जो डायबिटीज के पेशेंट के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। हार्वर्ड हेल्थ की एक रिपोर्ट बताती है कि, कुछ प्रोटीन पाउडर में एक स्कूप में 23 ग्राम तक ऐडेड शुगर होती है। ऐसे में अगर इसमें दूध या जूस मिला दिया जाए, तो एक शेक ही दिनभर की जरूरत के  शुगर लिमिट को पार कर सकता है।

एक दिन में होती है इतने शुगर की जरूरत

Protein Shake Or Sattu Shake

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, महिलाओं को एक दिन में 24 ग्राम और पुरुषों को 36 ग्राम शुगर की जरूरत पड़ती है। कुल मिलाकर शेक हेल्दी हो सकता है, लेकिन ये व्यक्ति की सेहत और स्वास्थ्य के हिसाब से लिया जाये तो। ये शेक डायबिटीज़ और हार्ट के मरीजों को बेहद हिसाब में लेना चाहिए। जैसे कि उन्हें अपने शेक में ड्राई फ्रूट्स और गुड़ की मात्रा बेहद सोच-समझ कर लेनी चाहिए।

वहीं, अगर कोई व्यक्ति अपना वजन बढ़ाना चाहता है, तो उसे ज्यादा कैलोरी वाला शेक लेना चाहिए, जिसमें हेल्दी फैट्स और कार्ब्स हों, लेकिन अगर कोई स्लिम और हेल्दी रहना चाहता है, तो उसे कम कैलोरी और ज्यादा प्रोटीन वाला शेक लेना चाहिए।

 

इसे भी पढ़ें-  Obesity Expenses in India: सेहत ही नहीं देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी घातक है मोटापा

Leave a Comment

Modi 3.0 के पहले आम बजट से मिडिल क्लास को मिलेगी राहत?