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शैक्षणिक महोत्सव में बोले राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता, छात्रों का बढ़ाया उत्साह
लालगंज, प्रतापगढ़। Shiksha Mahotsav: राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें राष्ट्रीयता का भाव भी समाहित होना जरूरी है। शिक्षाविदों को ऐसी पीढ़ी गढ़नी होगी, जो देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव रखे।
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उन्होंने कहा कि आज ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाएं देश-विदेश में अपनी मेधा का परचम लहरा रही हैं। यह हमारी शिक्षा व्यवस्था की ताकत है। वर्तमान समय में भाषावाद और क्षेत्रवाद जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए शिक्षा को राष्ट्रीय चरित्र निर्माण का माध्यम बनाना होगा।
प्रमोद तिवारी शुक्रवार को उदयपुर स्थित एसजेएस पब्लिक स्कूल में आयोजित शैक्षणिक महोत्सव को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत का ज्ञान विश्व में इसलिए स्वीकार्य है, क्योंकि हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक एकता इसकी सबसे बड़ी शक्ति है।सांसद ने छात्र-छात्राओं से कहा कि निरंतर अध्ययन, अनुशासन और जिज्ञासा ही सफलता की कुंजी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन के लिए व्यावहारिक सुझाव भी दिए।कार्यक्रम के दौरान सांसद प्रमोद तिवारी ने विद्यालय परिसर में नवनिर्मित प्रशासनिक भवन सहित अन्य शैक्षणिक भवनों का लोकार्पण किया। विद्यालय प्रबंधन की ओर से उन्हें मोमेंटो, अंगवस्त्र और अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
इसके बाद सांसद नरवल स्थित गुरुकुल विद्यापीठ इंटर कॉलेज के वार्षिकोत्सव में शामिल हुए। यहां उन्होंने शिक्षण कक्ष निर्माण के लिए विधायक आराधना मिश्रा मोना की ओर से विधायक निधि से दो लाख रुपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए विधायक एवं कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि रामपुरखास क्षेत्र में विकास के साथ शिक्षा के अधिकार को भी समान रूप से मजबूत किया जा रहा है।
इस मौके पर भगवती प्रसाद तिवारी, प्रमुख इं. अमित प्रताप सिंह पंकज, सांगीपुर प्रमुख अशोक सिंह बबलू, मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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