
प्रतापगढ़। POCSO Case: विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट हेमंत कुमार की कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी लालगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले अविनाश मिश्र उर्फ रिशू को आजीवन कारावास एवं 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। संदेह का लाभ देते हुए कोर्ट ने आरोपी सच्चिदानंद पांडेय उर्फ अंकित को बरी कर दिया।
इसे भी पढ़ें- Election: जूनियर बार एसो. चुनाव में दूसरे दिन दाखिल हुआ 36 उम्मीदवारों का नामांकन
लालगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की वादिनी मुकदमा पीड़िता की मां के अनुसार घटना 5 अप्रैल 2020 को उसकी नाबालिग बेटी को गांव का अविनाश मिश्र उर्फ रिशू ने बहला-फुसलाकर शारीरिक संबंध बनाया। शादी का झांसा देकर छह महीने तक उसके दुष्कर्म किया। पीड़िता ने अविनाश से शादी के लिए कहा तो उसने बेटी से कहा कि उसके एक दोस्त के साथ शारीरिक संबंध बना लो तो वह शादी करेगा।
उसने ऐसा करने से मना कर दिया तो आरोपित अविनाश ने बेटी को मोबाइल में उसकी अश्लील वीडियो दिखाई और कहा कि उसके दोस्त सच्चिदानंद ने वीडियो क्लिप बना लिया है। अगर वह उसका कहना नहीं मानेगी, तो वह वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। आरोपित की ओर से पीड़िता व उसके परिजनों को धमकाया गया था।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को जानने के बाद दोषी अविनाश मिश्र उर्फ रिशू को सश्रम आजीवन कारावास एवं 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर कोर्ट ने छह माह के अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया है, जबकि कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी सच्चिदानंद को दोषमुक्त कर किया। कोर्ट में इस मामले में राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी सुरेश बहादुर सिंह ने की।
इसे भी पढ़ें- School Bus Accident: स्कूल बस को टैंकर ने मारी टक्कर, 5 छात्र घायल, एक गंभीर









Users Today : 11

