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शानदार अभिनय से प्रेम दूबे ने प्रशसंकों के दिल में बनाई जगह
प्रतापगढ़। Bhojpuri Cinema: बेल्हा की मिट्टी सदैव उर्वरा रही है,यहां पर प्रतिभाओं की कमी नहीं है,जरूरत है तो बस उन्हें निखारने की। यहां के प्रतिभाओं ने कला,राजनीति व सामाजिक क्षेत्रों में अपने हुनर से देश-विदेश में नाम रोशन किया है। वहीं आज भोजपुरी सिनेमा का वो चमकता सितारा, जिसने अपनी मेहनत,अभिनय और विनम्रता से दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बना ली है।
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ढाई सौ से अधिक फिल्मों में किया काम
बेल्हा की मिट्टी में जन्में प्रेम दूबे ने अपने शानदार अभिनय कौशल और प्रभावशाली व्यक्तित्व से फिल्म ‘लहू के दो रंग’ में हसुआ किरदार का अभिनय कर ‘हसुआ हंसे ला ता मुंडी कटे ला’ के डायलॉग से फिल्म जगत में अपने अभिनय के प्रतिभा का लोहा मनवाया। इतना ही नहीं इसके साथ ही प्रेम दूबे ने कई यादगार किरदार दिए। लगभग दो सौ पच्चास से अधिक फिल्मों में काम कर चुके प्रेम दूबे ने झांसी की रानी, मुमताज जैसे दर्जनों टीवी सीरियल के साथ अभिनेता रवि किशन, राजपाल यादव, यशपाल शर्मा, सुधा चंद्रन, अभिमन्यु सिंह, दिनेश लाल निरहुआ,पवन कुमार, खेसारी लाल यादव जैसे तमाम दिग्गजों संग नचनिया, दक्षिण भारतीय बहू,पति दंग बीबी दंबग, मुनिया जैसे तमाम फिल्मों में अपने अभिनय की छाप छोड़ी है।
2003 में गये थे मुंबई

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के जगनीपुर कुंदहा गांव में ब्राह्मण परिवार में जन्मे प्रेम दूबे प्राथमिक शिक्षा गांव से लेने के बाद जौनपुर जिले स्थित विवेकानंद इंटर कॉलेज बेलवार से इंटर की पढ़ाई करने के बाद 2003 में माया नगरी मुम्बई निकल लिए जहां पर उन्होंने कई वर्षों तक कठिन परिश्रम ,त्याग, संघर्ष से फिल्म जगत में अपने कुशल अभिनय का अलख जगा बेल्हा का गौरव बढ़ाया। प्रेम दूबे बताते हैं कि बचपन से ही गायकी व एक्टिंग का शौक रहा है, विद्यालय में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में बढ़ चढ़कर किरदार निभाते थे इसके साथ ही उन्हें नाटक मंचन,रामलीला का शौक रहा।
2005 में मिला पहला ब्रेक
मुंबई पहुंचने के बाद कई वर्ष तक कठिन परिश्रम व संघर्ष के बाद 2005 में भोजपुरी फिल्म नचनिया से पहला ब्रेकअप मिला। इसके बाद धीरे-धीरे जब सिलसिला शुरू हुआ तो आगे बढ़ता रहा और आज लगभग 250 फिल्मों में अभिनय कर फिल्म जगत में बेल्हा का गौरव बढ़ाया है। प्रेम दूबे बताते हैं कि इसी बीच भोजपुरी फिल्म के जाने-माने निर्देशक-निर्माता मंजुल ठाकुर से मुलाकात हुई और उनके साथ सहायक निर्देशक की भूमिका में कार्य शुरू किया।
धैर्य से मिलती है सफलता
2011 में मंजुल ठाकुर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘लहु के दो रंग’ में खेसारी लाल के साथ अभिनय कर प्रख्यात खलनायक के नाम से प्रसिद्धि मिली। भोजपुरी फिल्म के जाने-माने ने निर्माता निर्देशक मंजुल ठाकुर को प्रेम दुबे एक्टिंग क्षेत्र में गुरु मानते हैं। प्रेम दुबे का कहना है कि लगन और मेहनत से सफलता का मुकाम पाया जा सकता है। लक्ष्य जितना बड़ा होता है संघर्ष उतना कठिन होता है, वक्त के साथ तालमेल मिलाकर धैर्य के साथ काम किया जाए तो सफलता निश्चित मिलेगी।
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