Home » बिज़नेस » Swiggy SNACC: अब 15 मिनट में घर पहुंचेगा खाना, स्विगी ने लांच किया ऐप

Swiggy SNACC: अब 15 मिनट में घर पहुंचेगा खाना, स्विगी ने लांच किया ऐप

News Portal Development Companies In India
Swiggy SNACC

Swiggy SNACC: फूड और ग्रोसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी ने एक नया ऐप लॉन्च किया है। इस एप का नाम SNACC है। यह ऐप सिर्फ 15 मिनट में ताजा खाना, पीने के पदार्थ (बेवरेजेस) और क्विक बाइट्स जैसे स्नैक्स आप तक पहुंचाएगा। ये एप  स्विगी को एक नई दिशा देगा क्योंकि अभी तक स्विगी की सभी पेशकश या सेवाएं एक ही एप के माध्यम से संचालित की जाती थी, जैसे कि फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स के लिए स्विगी इंस्टामार्ट, हाइपरलोकल डिलीवरी या डाइनिंग आउट के ऑप्शन सभी एक ही एप के तहत संचालित होते थे।

इसे भी पढ़ें- Blinkit ने किया जीरो नोटिस पॉलिसी का अंत, अब आसान नहीं होगा नौकरी छोड़ना

 हो चुका है लाइव 

बता दें कि SNACC एप  7 जनवरी से लाइव हो चुका है। बात करें इसके लुक की तो ये एक ब्राइट फ्लोरिसेंट हरे रंग के बैकग्राउंड के साथ है। इस पर जो टैक्स आदि लिखे हैं वे डार्क ब्लू रंग के हैं।

कहां किया गया है लांच

स्विगी ने बेंगलुरु में अपने बेस से इस ऐप की सेवाएं शुरू की हैं और जल्द ही देश के अन्य हिस्सों में अपनी पहुंच का विस्तार करेगी। सूत्रों के मुताबिक, स्विगी जल्द ही अपने SNACC ऐप को अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध कराने की योजना बना रही है। ब्लिंकिट्स बिस्ट्रो, ज़ेप्टो कैफे और स्विश जैसे सभी बड़े बिजनेस मैन अपने ऐप्स साझा या डुप्लिकेट कर रहे हैं। विशेष रूप से, खाद्य वितरण व्यवसाय फास्ट फूड खुदरा बिक्री से अलग है। दरअसल, कंपनियां फास्ट फूड डिलीवरी मार्केट में जल्द से जल्द पैर जमाना चाहती हैं, ताकि सेक्टर में बढ़ते यूजर बेस का वह ज्यादा से ज्यादा फायदा उठा सकें।

जोमैटो, ब्लिंकिट और जेप्टो जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने फूड डिलीवरी कंपनियों के लिए अलग-अलग ऐप लॉन्च किए हैं। इसके माध्यम से, वे अपने ग्राहक आधार का विस्तार करने में जुटी हैं। इनका लक्ष्य क्विक कॉमर्स के माध्यम से एक अलग तरीके से किराना डिलीवरी व्यवसाय शुरू करके अपने व्यवसाय को बड़े पैमाने पर बढ़ाना चाहते हैं।

इसे भी पढ़ें-Swiggy ने IPO ड्राफ्ट फाइल को किया अपडेट, देश के सबसे बड़े IPO की लिस्ट में बना सकता है जगह

Leave a Comment

Modi 3.0 के पहले आम बजट से मिडिल क्लास को मिलेगी राहत?