
लखनऊ। Cough Syrup Scandal: मध्य प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में कफ सिरप पीने से हुई बच्चों की मौत के बाद जागी सरकार ने मामले की सख्त जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिसके परिणाम स्वरूप इस पूरे प्रकरण की जांच ईडी कर रही है।
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शैली ट्रेडर्स को बेंची थी 2.24 करोड़ की बोतलें

अब एजेंसी की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि, मुख्य आरोपियों में शामिल शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला जायसवाल ने रांची स्थित शैली ट्रेडर्स को 2.24 करोड़ की बोतलें बेचीं थीं। इसके अलावा और भी कई जगहों पर कफ सिरप की तस्करी की गई है।
रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी

माना जा रहा है कि दोनों बाप-बेटे ने 500 करोड़ से अधिक की कफ सिरप की बोतलों की तस्करी की है, लेकिन इन्हें नेताओं और माफियाओं का संरक्षण प्राप्त है, यही वजह है कि शुभम दुबई भागने में सफल रहा। अब ईडी उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी कर रही है।
मुश्किल में आ सकती है एबॉट कंपनी
बता दें कि, बीते दिनों ईडी ने शुभम जायसवाल के पुश्तैनी घर और उसके चार्टर्ड अकाउंटेंट विष्णु अग्रवाल के ठिकानों पर रेड डाली थी, जहां से उसे कई पुख्ता सुराग मिले थे। जांच एजेंसी को शुभम के पुश्तैनी घर से कुछ दस्तावेज भी बरामद हुए थे, जिसमें आधा दर्जन से अधिक नेताओं, एक माफिया और दो ड्रग इंस्पेक्टरों को दी गई रकम का ब्योरा लिखा हुआ था। रेड में ईडी को दिल्ली की एबॉट कंपनी से खरीदे गए फेंसेडिल सिरप के बिल और फर्जी फर्मों के लेन-देन की डिटेल भी मिली थी। इन बरामद दस्तावेजों के आधार पर ईडी एबॉट कंपनी के खिलाफ भी एक्शन ले सकती है।
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पूछताछ के लिए खोजे जा रहे ड्रग इंस्पेक्टर
एजेंसी के अधिकारियों ने आशंका जताई है कि, ड्रग इंस्पेक्टरों ने ही शुभम को बंद हो चुकी फर्मों का ब्यौरा दिया होगा, जिसके माध्यम से वह फर्जी बिलिंग कर रहा था। बरामद दस्तावेजों में जिन फर्मों के लाइसेंस निरस्त हो चुके हैं, उनके नाम और पते भी दर्ज हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर अब ईडी वाराणसी में बीते तीन सालों में तैनात रहे ड्रग इंस्पेक्टरों की खोज कर रही है, ताकि उनसे पूछताछ की जा सके।
इस कंपनी के खिलाफ भी दर्ज हो सकता है केस
ईडी के जांच में ये भी सामने आया है कि, आरोपी शुभम जायसवाल ने 13 जिलों की 177 फर्मों के नाम पर फर्जी बिलिंग की है, जबकि सिरप की पूरी खेप त्रिपुरा भेज दी गई, ताकि उसे बांग्लादेश भेजा जा सके। इसके साथ ही नशीले कफ सिरप का उत्पादन करने के बाद दागी फर्मों को सुपर स्टॉकिस्ट बनाकर आपूर्ति करने वाली तीन कंपनियों जिसमें ‘हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित एबॉट फार्मास्युटिकल भी शामिल है’ के खिलाफ भी जल्द ही मामला दर्ज करने करने की तैयारी की जा रही है।
लेबोरेट फार्मा भी रडार पर
इस कंपनी ने सबसे ज्यादा सिरप की आपूर्ति की थी। जांच के मुताबिक ये कंपनी पहले विशाल सिंह और विभोर राणा को सिरप सप्लाई कर रही थी, लेकिन जब उनका माल पकड़ा गया, तो शुभम जायसवाल को सुपर स्टॉकिस्ट बनाकर उन्हें माल सप्लाई किया जाने लगा। ईडी की रडार पर हिमाचल प्रदेश के पोंटा साहिब स्थित लेबोरेट फार्मा भी है।
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