
नई दिल्ली। Delhi Riots 2020: दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम और उमर खालिद को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दरअसल कोर्ट ने इनकी जमानत याचिका ख़ारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा, ये फैसला राहुल गांधी और कांग्रेस के पूरे इकोसिस्टम सिस्टम के लिया बड़ा झटका है।
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क्या माफ़ी मांगेगी कांग्रेस

बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, सुप्रीम कोर्ट का फैसला, राहुल गांधी और कांग्रेस इकोसिस्टम पर तमाचा है क्योंकि कांग्रेस ने टुकड़े-टुकड़े पोस्टर बॉय उमर खालिद और शरजील इमाम को मासूम पीड़ित बताकर बचाने की कोशिश की थी, लेकिन जनता और कानून की अदालत में राहुल गांधी के अर्बन नक्सल को करारी हार मिली है। भंडारी ने सवालिया लहजे में पूछा क्या देश के दुश्मन यानी भारत को टुकड़े-टुकड़े करने वाली ताकतों को मासूम पीड़ित के तौर पर पेश करने के लिए लिए जनता से माफ़ी मांगेगी।
A big slap on the face of Rahul Gandhi and Congress ecosystem which protected “Tukde Tukde posterboys” Umar Khalid Sharjeel Imam as innocent victims…
In the court of public opinion and court of law Rahul Gandhi’s Urban Naxals stand defeated.
Will Congress apologise to nation… pic.twitter.com/HvBDy8Ua2w
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) January 5, 2026
अन्य आरोपियों को मिली जमानत
बता दें कि, देश की सबसे बड़ी अदालत ने दिल्ली दंगों के साजिश करता शरजील इमाम और उमर खालिद को जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने जमानत याचिका ख़ारिज करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया इनके खिलाफ गैर कानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम का मामला बनता है। हालांकि मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एनवी अंजारिया और जस्टिस अरविन्द कुमार की बेंच ने इस केस के अन्य आरोपियों मीरान हैदर, गुलफिशा फातिमा, मोहम्मद सलीम, शादाब अहमद और शिफा उर रहमान जमानत दे दी है।

बेंच ने कहा, अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किये गये सबूत से याचिकाकर्ताओं (उमर खालिद और शरजील इमाम) के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला सिद्ध होता है। ऐसे में कार्यवाही के इस चरण में उन्हें जमानत देना उचित नहीं होगा।
10 दिसंबर को हुई थी सुनवाई
गौरतलब है कि, बीते 10 दिसंबर को दिल्ली पुलिस तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता एवं अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू और आरोपियों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ताओं कपिल सिब्बल, अभिषेक सिंघवी, सिद्धार्थ दवे, सलमान खुर्शीद और सिद्धार्थ लूथरा ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी-अपनी दलीलें पेश की थी, जिसे सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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