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Vastu Tips: वास्तुदोष से चाहिए छुटकारा, तो घर से ऐसे स्थापित करें गणेश जी मूर्ति

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Vastu Tips

Vastu Tips: हिंदू धर्म में वास्तु शास्त्र का महत्वपूर्ण स्थान है, और धार्मिक ग्रंथों में गणेश जी की पूजा को सबसे पहले बताया गया है। इन ग्रंथों में यह भी उल्लेख है कि वास्तु पुरुष की प्रार्थना पर ब्रह्मा जी ने वास्तु शास्त्र के नियमों का निर्माण किया। मान्यता है कि जो व्यक्ति वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करता है, उसे सभी प्रकार का सुख प्राप्त होता है।

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सकारात्मक ऊर्जा का होता है वास

वास्तुशास्त्र में कहा गया है कि, व्यापार में सफलता पाने और वास्तु दोषों से बचने के लिए गणेश जी की पूजा और स्थापना अवश्य करनी चाहिए। पूजा के लिए गणपति जी की मूर्ति घर के ईशान कोण में स्थापित करना शुभ माना जाता है। वहीं, घर के मुख्य द्वार पर गणेश जी की मूर्ति स्थापित करना उत्तम माना जाता है, क्योंकि यह घर का सबसे महत्वपूर्ण स्थान होता है।

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यहीं से घर में सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। ऐसे में अगर आपका मुख्य द्वार उत्तर या दक्षिण दिशा में है, तो गणेश जी की मूर्ति जरूर स्थापित करनी चाहिए। मेन गेट पर मूर्ति को इस प्रकार स्थापित करना चाहिए कि गणेश जी का मुख अंदर की तरफ हो। अगर संभव हो, तो मुख्य द्वार पर सिंदूरी रंग की मूर्ति स्थापित करें, ये शुभ होती है।

शुभता का प्रतीक है गणेश की प्रतिमा

शास्त्रों में बताया गया है कि, सभी कार्यों की निर्विघ्न पूर्णता के लिए गणेश जी की पूजा का विधान है। गणेश जी के बिना कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है। मानव शरीर वास्तु के पांच तत्वों आकाश, पृथ्वी, जल, वायु और अग्नि से बना है। वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि, घर और कार्यस्थल पर वास्तु के नियमों का पालन करने से व्यक्ति को शुभ परिणाम मिलते हैं। आपने कई लोगों को अपने ऑफिस की डेस्क या अपनी कार में गणेश जी की मूर्ति को रखते हुए देखा होगा। ऐसा करना वास्तु की दृष्टि से बहुत शुभ माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अंतर्गत गणेश जी की पूजा कई प्रकार से की जाती है। वास्तु शास्त्र, फेंगशुई और चीन के रंग विज्ञान का मेल भी गणेश जी की पूजा पर आधारित है, बागुआ गणपति इसका प्रतीक है जिसका प्रयोग फेंगशुई के अंतर्गत किया जाता है। गणेश जी की मूर्ति की सूंड कहीं दाईं ओर तो कहीं बाईं ओर मुड़ी हुई पाई जाती है।

कौन सी सूंड वाले गणेश शुभ होते हैं

बाईं सूंड वाले गणेश सौम्य स्वरूप के मार्गदर्शक होते हैं। इनकी पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है, आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है, जबकि दाईं सूंड वाले गणेश सांसारिक समृद्धि प्रदान करते हैं। जब भी आप अपने घर या ऑफिस में गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें, तो किसी वास्तु विशेषज्ञ से मूर्ति की ऊंचाई, लंबाई आदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर लें और फिर शुभ मुहूर्त में गणेश जी की स्थापना करें।

जिस घर के सामने उगते सूर्य की ओर मुख करके गणेश जी की मूर्ति स्थापित की जाती है, वहां आमतौर पर कोई वास्तु दोष नहीं होता है।

शौचालय के स्थान पर गणेश जी की मूर्ति कभी भी स्थापित न करें, ऐसी जगह पर भी गणेश जी की स्थापना न करें जहां लोग थूकते हों।

अगर घर के मुख्य द्वार पर गणेश जी की मूर्ति स्थापित है, तो उसी स्थान पर दूसरी तरफ गणेश जी की मूर्ति इस तरह से स्थापित करें कि दोनों की पीठ एक दूसरे से मिली हुई हो।

अगर घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा की ओर है, तो गणेश जी की सूंड दाईं ओर होनी चाहिए।

सभी प्रकार की बाधाओं को दूर करने के लिए बुधवार के दिन भगवान गणेश को मोदक, 21 दूब, सिंदूर और फूल चढ़ाएं। गणेश जी को तुलसी भूलकर भी नहीं चढ़ानी चाहिए। संभव हो तो हाथी और चूहे को लड्डू खिलाएं।

लाभ

वास्तु के नियमों के अनुसार, अगर आप अपने घर या कार्यस्थल पर गणेश जी की मूर्ति स्थापित करते हैं, तो वास्तु दोष से मुक्ति मिल सकती है। साथ ही घर और कार्यस्थल पर पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है। इसका परिवार के सदस्यों पर भी शुभ प्रभाव देखने को मिलता है। साथ ही गणेश जी की कृपा से तरक्की के योग बनने लगते हैं। वास्तु शास्त्र में माना जाता है कि, भगवान गणेश की पूजा से संरचना से जुड़े वास्तु दोष दूर हो सकते हैं।

मूर्ति का रंग

शास्त्रों के अनुसार, घर में गणेश जी की सफेद रंग की मूर्ति स्थापित करना बहुत शुभ फलदायी होता है। इसके अलावा आप घर में गणपति जी की सिंदूरी रंग की मूर्ति भी स्थापित कर सकते हैं। इस रंग की मूर्ति भी शुभ मानी जाती है। अगर आप बच्चों के स्टडी रूम में गणेश जी की मूर्ति स्थापित करना चाहते हैं, तो पीले या हल्के हरे रंग की मूर्ति स्थापित करने। इसे आप बच्चों की स्टडी टेबल पर स्थापित कर सकते हैं। इससे शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

ऑफिस में गणेश जी की मूर्ति रखें

वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऑफिस डेस्क पर भगवान श्री गणेश की मूर्ति रखना अत्यंत शुभ होता है। विशेष रूप से, सफेद रंग की गणेश जी की मूर्ति को डेस्क पर रखना लाभकारी माना जाता है। कार्यस्थल पर बप्पा जी की खड़ी मूर्ति रखना अधिक शुभ माना जाता है। बस ध्यान रखें कि गणेश जी का मुख दक्षिण दिशा की ओर न हो।

 

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