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जीवन मूल्यों को बचाना संविधान और आयोग की जिम्मेदारी
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साई कॉलेज में मना विश्व मानवाधिकार दिवस
अम्बिकापुर। World Human Rights Day: जो अधिकार हमें प्रकृति प्रदत्त मिले हैं जिनके लिये हम कोई मूल्य अदा नहीं करते हैं, वे मानवाधिकार हैं। यह बातें श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विश्व मानवाधिकार दिवस के उपलक्ष्य पर लीगल लिट्रेसी क्लब के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील शुक्ला ने कही।
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उन्होंने कहा कि मौलिक अधिकार, कर्तव्य संविधान द्वारा प्रदत्त हैं और इनका संरक्षण भी है। जीवन जीने का अधिकार सभी को है और किसी को उससे वंचित नहीं किया जा सकता है।
इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती और श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ और बैच लगा कर किया गया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि हमें दूसरों का सम्मान करना चाहिए। जब हम दूसरों के अधिकारों का सम्मान करते हैं तो अपने अधिकार सुरक्षित होते हैं।
डॉ. अजय कुमार तिवारी ने विधि द्वारा स्थापित मानवाधिकार आयोग के गठन, पेरिस सिद्धांत के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार आयोग जांच के लिए प्रस्ताव कर सकता है। उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी, कश्मीर से हिन्दुओं के पलायन आदि के बारे में बताया।
कार्यक्रम का संचालन शिप्रा दत्ता और साक्षी सिंह ने किया और लीगल लिट्रेसी क्लब प्रभारी डॉ. दिनेश शाक्य ने आभार प्रकट किया। कार्यक्रम के दौरान आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. शैलेष देवांगन, लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, सहायक प्राध्यापक पल्लवी द्विवेदी तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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