
नई दिल्ली। Honeymoon Se Hatya Review: बीते कुछ समय में महिलाओं द्वारा अपने पति की बेरहमी से हत्या करने की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिसने देश को झकझोर दिया था। अब इन सच्ची घटनाओं पर एक वेबसीरिज बनी है ‘हनीमून से हत्या’। अगर आप भी ट्रू-क्राइम यानी सच्ची घटनाओं पर आधारित शो देखने के शौकीन हैं, तो ये सीरिज आपके लिए है।
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सीरीज में दिखाए गये हैं ये 5 केस

सीरिज में मेरठ का सौरभ राजपूत हत्याकांड, राजा रघुवंशी हत्याकांड, मुंबई टाइल केस (नालासोपारा टाइल केस), दिल्ली इलेक्ट्रिक शॉक केस और भिवानी इन्फ्लुएंसर केस शामिल है। ‘हनीमून से हत्या’ सीरिज में इन पांच शादियों की परतें खुल रही हैं, जिनमें सातों जन्म साथ रहने के लिए साथ फेरे लिए गये थे, लेकिन एक जन्म भी साथ न रह सके और अपने ही साथ का बेरहमी से कत्ल कर दिया।
महिलाओं की मानसिकता पर फोकस
इस सीरिज में उन महिलाओं की मनसिकता पर भी फोकस किया गया है, जिन्होंने इस तरह के खौफनाक हत्याकांड को अंजाम दिया है। सीरिज में दिखाने की कोशिश की गई है कि क्यों महिलाएं अपने पति की जान लेना चाहती हैं। आखिर किस बात से वे इतना मजबूर हो गई थीं कि उन्होंने इतना बड़ा कदम उठा लिया? क्या वे दिमागी रूप से परेशान थीं? इस खौफनाक काम में किसने और क्यों उनका साथ दिया?
समाज में छिड़ी नई बहस
बता दें कि, ‘हनीमून से हत्या’ कोई कोई काल्पनिक थ्रिलर नहीं है, बल्कि ये एक सच्ची घटनाओं (जो देश के विभिन्न हिस्सों में) पर आधारित सीरिज है। सीरिज में कुल 5 एपिसोड हैं, जिनमें पांच घटनाओं को दर्शाया गया है। सीरिज में दिखाए गये इन सभी केसों ने समाज में न सिर्फ एक नई बहस छेड़ दी, बल्कि पुरुष समाज में शादी के प्रति नकारात्मकता भी भर दी।
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ड्रामा और शोर शराबा से हुआ परहेज
सीरिज के निर्देशक, अजितेश शर्मा ने कहानी को सनसनीखेज बनाने की बजाय, रियलिटी दिखाने की कोशिश की है। सीरिज के सभी एपिसोड उन पुलिसकर्मियों और हत्याकांड से जुड़े पीड़ित परिवारों से लिए गये इंटरव्यू पर आधारित हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सीरिज में कुछ रियल फुटेज को भी शामिल किया गया है, लेकिन नाट्य रूपांतरण द्वारा सब कुछ दिखाया गया है। हालांकि, सीरिज में बिना वजह का ड्रामा शोर शराबा नहीं दिखाया गया है, जिससे विषय की गंभीरता तनिक भी प्रभावित नहीं हो रही हो। सीरिज में सिर्फ क्राइम ही नहीं दिखाया गया है, बल्कि घटना के बाद परिवार की क्या स्थिति है, उन पर क्या बीत रही है सब दिखाया गया है।
ये कमियां भी हैं

अब बात करें कमियों की, तो सीरिज में कुछ कमियां भी हैं, जैसे कि इसमें कई जगहों पर एक ही चीज को दोहराया गया है, कुछ नया खुलासा नहीं देखने को मिल रहा है। सीरिज में उन्हीं बड़े मामलों पर फोकस किया गया है, जिन्हें लेकर मीडिया और समाज में जमकर शोर शराबा हुआ था। सीरिज में डायरेक्टर ने साइकेट्रिस्ट और क्रिमिनल साइकोलॉजिस्ट को भी दिखाने की कोशिश की है कि आखिर इन महिलाओं ने अपने पति को क्यों मारा? इसके पीछे क्या वजह थी।
क्यों देखें सीरिज
मेकर्स का ये वादा भी था कि वे इन क्रिमिनल महिलाओं के दिमाग को गहराई से समझेंगे, लेकिन सीरिज का देखकर ऐसा लग रहा है कि ये पहलू थोड़ा अधूरा रह गया है। सीरिज हत्याकांड को अंजाम देने वाली महिलाओं की मानसिकता को गहराई को नहीं नाप पा रही है, कि आखिर कोई महिला अपने ही पति की हत्या की हद तक कैसे पहुंच गई। इस सीरिज में बहुत ज्यादा सस्पेंस ता थ्रिलर भी नहीं है, लेकिन अगर आप बड़े क्रिमिनल मामलों को समझना चाहते हैं तो ये सीरिज आ देख सकते हैं।
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