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Iran-Israel War में कूदा अमेरिका, भेजे 30 सैन्य विमान, ट्रंप ने खामेनई को कहा- बिना शर्त करो सरेंडर

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Iran-Israel War

नई दिल्ली। Iran-Israel War:  मिडिल ईस्ट एक बार फिर से आग में झुलसने लगा है। ईरान और इजरायल एक दूसरे पर जमकर बमबारी कर रहे हैं। इजराइल ने जहां ईरान की राजधानी तेहरान में भीषण बमबारी की और उसके परमाणु व सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिए हैं। वहीं, ईरान ने भी इजरायल की राजधानी तेल अवीव पर हाइपरसोनिक मिसाइलों से हमला कर कहर बरपाया है। दोनों देशों के बीच जंग छिड़े हुए छह दिन हो गया है।

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ईरान में 585 लोगों की गई जान  

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ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने आज बुधवार को बताया कि, इजरायल के तेल अवीव में हाइपरसोनिक मिसाइलों से हमला किया गया। इधर, इजरायल की वायु सेना ने भी बयान जारी कर बताया है कि, उन्होंने तेहरान के कई क्षेत्रों को निशाना बनाया है और उन्हें तबाह कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली हमले में अब तक ईरान के 585 लोगों की जान चुकी है। वहीं, 1326 लोग जख्मी हुए हैं। उधर, ईरान के हमले में 24 इजरायलियों की मौत होने की खबर है।

ट्रंप बोले- खत्म हो रहा धैर्य

इधर, दोनों देशों के बीच छिड़ी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगातार बयान आ रहे हैं। वे ईरान पर बिना शर्त सरेंडर करने का दबाव बना रहे हैं।  ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बड़े-बड़े और बोल्ड अक्षरों में साफ़-साफ़ लिखा है- UNCONDITIONAL SURRENDER.

ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनई के लिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लिखा है, हमें ठीक से नहीं पता है कि, ईरान का तथा कथित नेता खामेनई कहां छिपा है। वह एक आसान टारगेट है, लेकिन अभी सेफ है, हम उसे अभी मारने का प्लान नहीं बना रहे हैं, अभी तो हम उसे बिलकुल भी नहीं मार रहे हैं, लेकिन हम ये भी नहीं चाहते हैं कि आम नागरिक मिसाइलों का निशाना बने या फिर अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया जाये। अब हमारा धैर्य खत्म हो रहा है।

खामेनई ने जताई युद्ध में टिके रहने की मंशा 

इस बीच एक और खबर आ रही है, जिसमें बताया गया है कि, बीबीसी की तरफ से वेरिफाई किए गए उड़ान ट्रैकिंग डेटा से पता चल रहा है कि, बीते तीन दिन में अमेरिकी  ठिकानों से लगभग 30 सैन्य विमान यूरोप भेजे जा चुके हैं। ये सभी अमेरिकी सैन्य टैंकर विमान हैं और इनका इस्तेमाल लड़ाकू विमानों बम वर्षक विमानों में ईंधन भरने के लिए किया जाता है। उधर, ट्रंप की धमकी की परवाह न करते हुए खामेनई ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर इजराइल और अमेरिका को करार जवाब देते हुए युद्ध में टिके रहने की मंशा जताई है। खामेनई के लिखा है-  The battle begins. यानी कि युद्ध अब शुरू हुआ है।

आसमान पर हसिल किया नियन्त्रण

खामेनेई ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “हमें आतंकवादी ज़ायोनी शासन को करार जवाब देना चाहिए, हम यहूदियों पर किसी भी तरह का रहम नहीं दिखाएंगे।  इधर, खामेनई ट्वीट कर ट्रंप और इजराइल को अपनी मंशा बता रहे हैं। उधर, ईरानी सेना मिसाइलों की लांचिंग कर रही है और इजराइल पर हमले कर रही है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने सरकारी टेलीविज़न पर एक बयान जारी कर दावा किया है कि, ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-3 के 11वें चरण में एक विनाशकारी हमला किया गया है और इसराइल पर फ़तह-1 हाइपरसोनिक मिसाइलों से हमला किया गया है। रिवोल्यूशनरी गार्ड का दावा है कि, ईरानी सेना ने इजराइल के कब्ज़े वाले इलाकों के आसमान पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया है।

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तेल अवीव को बनाया निशाना

आपको बता दें कि, हाइपरसोनिक मिसाइलें ध्वनि की गति से भी पांच गुना से अधिक (मैक 5 या उससे ज्यादा) तेज गति से उड़ती हैं और अत्यधिक तेज, वह सटीकता से लक्ष्य को भेदती हैं। यही कारण है कि, ये रडार और रक्षा प्रणालियों की पकड़ में जल्दी नहीं आ पाती हैं। इजराइल का दावा है कि, ईरान ने एक घंटे से भी कम समय में उस पर कम से कम 30 मिसाइलें दागी, जिसमें तेज अवीव समेत कई अन्य इलाकों को निशाना बनाया गया है।

 

वेस्ट बैंक की कई बस्तियों में अलर्ट

इजराइल फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज के अनुसार, मिसाइल हमले के कारण तटीय, दक्षिणी और मध्य क्षेत्रों में खुले इलाकों में कई स्थानों पर आग लग गई। इससे पहले, मध्य और उत्तरी इजराइल में कई जगहों पर सायरन सुनाई दिए। टाइम्स ऑफ इजराइल के अनुसार, ईरान ने पहली बमबारी रात 12:40 बजे (स्थानीय समय) शुरू की। इससे पहले ही इजराइल के एक बड़े हिस्से में सायरन बजने लगे थे। इस हमले में करीब 15 प्रोजेक्टाइल शामिल थे। करीब 40 मिनट बाद करीब 10 रॉकेटों की अगली बौछार शुरू हुई और इसने मध्य इजराइली समुदायों और वेस्ट बैंक की कई बस्तियों में अलर्ट जारी कर दिया।

सैन्य बुनियादी ढांचों बनाया निशाना

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ईरान पर हवाई हमला करने से पहले इजराइली रक्षा बलों ने मिसाइल फायर कर अलर्ट जारी और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। इसके साथ ही इजराइल ने तेहरान पर जवाबी हमला जारी रखा। आईडीएफ ने बुधवार को तेहरान के 18 जिले में रहने वाले लोगों से अपने-अपने इलाकों को छोड़ने के लिए एक अलर्ट जारी किया। इजरायली सेना ने कहा कि, वह इन क्षेत्रों में सैन्य बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने जा रहा है, ऐसे में यहां रह रहे आम लोग सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। इस अलर्ट के तुरंत बाद इजरायली वायु सेना ने ईरान की राजधानी तेहरान में मिसाइलों को बरसात करनी शुरू कर दी। तेहरान में हमलों के साथ-साथ ईरानी समाचार वेबसाइटों ने भी  राजधानी के पास खोजिर मिसाइल प्रोडक्शन सेंटर और करज शहर में विस्फोटों की खबर दी। इजरायल ने यहां पहले एक सेंट्रीफ्यूज कारखाने पर हमला किया था।

इंटरनेट सेवाएं ध्वस्त

तेहरान टाइम्स ने इंटरनेट डेटा का हवाला देते हुए कहा, राजधानी तेहरान के कई बड़े इलाकों में इंटरनेट सेवाएं ध्वस्त हो चुकी है। इधर, अमेरिकी अधिकारियों ईरान पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमला कर सकता है। अमेरिका ने यूरोप में करीब 30 लड़ाकू विमान भेजे हैं, जिनका इस्तेमाल अमेरिकी ठिकानों की सुरक्षा करने वाले लड़ाकू विमानों की मदद के लिए किया जा सकता है या जिनका इस्तेमाल ईरानी परमाणु सुविधाओं पर किसी संभावित हमले में शामिल बमवर्षकों की मदद के लिए किया जाएगा।

अमेरिका भी युद्ध में उतरने को तैयार

इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका भी युद्ध में उतरने के लिए तैयार है। जेट विमानों की आवाजाही ऐसी खबरों के बीच हुई है कि अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर से मध्य पूर्व में एक विमानवाहक पोत – यूएसएस निमित्ज – भी भेजा है। निमित्ज विमानवाहक पोत पर लड़ाकू विमानों की टुकड़ी होती है और कई गाइडेड मिसाइल विध्वंसक इसे सुरक्षा प्रदान करते हैं। अमेरिकी कमांडरों ने संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन और सऊदी अरब सहित पूरे क्षेत्र में सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी सैनिकों को हाई अलर्ट पर रखा है।

मध्य पूर्व में 40,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात

गौरतलब है कि मध्य पूर्व में 40,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर अमेरिका युद्ध में शामिल होता है, तो ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर हमला करने के लिए मिसाइलें तैयार कर ली हैं। ईरानी अधिकारियों ने यह भी कहा कि, अगर अमेरिका युद्ध में शामिल होता है, तो उनका देश होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाना शुरू कर सकता है। खुफिया रिपोर्टों की समीक्षा करने वाले अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ इजरायल के युद्ध में शामिल होता है, तो ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर हमला करने के लिए मिसाइलें और अन्य सैन्य उपकरण तैयार किए हैं।

 

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