
नई दिल्ली। India-Russia Relations: भारत और रूस दशकों से अच्छे दोस्त हैं। दोनों देशों की ये दोस्ती समय के साथ और प्रगाढ़ होती जा रही है। भारत पर जब-जब कोई मुसीबत आई है, तब-तब रूस उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा। रूस ने भारत को हर मौके पर सहायता दी है। हालांकि, भारत ने भी हमेशा उसका साथ दिया, लेकिन बीते ढाई साल से अधिक समय से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध से उसने दूरी बनाकर रखी। भारत का शीर्ष नेतृत्व हमेशा यही कहता रहा रहा है कि, ये युग युद्ध का नहीं है, दोनों देशों को अपने विवाद बातचीत से हल करने चाहिए।
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रूसी सेना से हैं प्रोम्सिन्टेज के संबंध
इधर, अब एक न्यूज एजेंसी ने भारतीय सीमा शुल्क के आंकड़ों के आधार पर दावा किया है कि, भारत की एक कंपनी ने बीते दिसंबर महीने में रूस को एक 1.4 मिलियन डॉलर की कीमत का HMX या ऑक्टोजेन के नाम का एक विस्फोटक कंपाउंड भेजा है, जिसका इस्तेमाल सैन्य कार्यों में किया जाता है। इस कंपाउंड को प्राप्त करने वाली रूसी कंपनियों में से एक प्रोम्सिन्टेज नाम की कंपनी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि, प्रोम्सिन्टेज कंपनी रूसी सेना के लिए विस्फोटक बनाने का काम करती है। यूक्रेन की खुफिया एजेंसी के अधिकारी का भी दावा है कि प्रोम्सिन्टेज का संबंध रूसी सेना से है।
फैक्ट्री पर किया ड्रोन से हमला
यूक्रेन के इस अधिकारी का कहना है कि, यूक्रेन ने अप्रैल में प्रोमसिन्टेज़ के स्वामित्व वाली एक फैक्ट्री पर ड्रोन हमला किया था। पेंटागन के रक्षा तकनीकी सूचना केंद्र और संबंधित रक्षा अनुसंधान कार्यक्रमों के अनुसार, एचएमएक्स का व्यापक रूप से मिसाइल और टॉरपीडो वारहेड्स, रॉकेट मोटर्स, विस्फोटक प्रक्षेपास्त्रों और उन्नत सैन्य प्रणालियों के लिए प्लास्टिक में बंधे विस्फोटकों में इस्तेमाल किया जाता है। अमेरिका ने एचएमएक्स (HMX) को “रूस के युद्ध प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण” बताया है और वित्तीय संस्थानों को मास्को को इस पदार्थ की किसी भी बिक्री में मदद न करने की चेतावनी दी है।
दिन रात काम कर रहीं रूसी कंपनियां

बता दें कि, जब से रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ है, यहां की हथियार बनाने वाली कंपनियां दिन रात काम कर रही है, ताकि रूस की सेना को हथियारों की कमी का सामना न करना पड़े। दोनों देशों में बीच 2022 से शुरू हुआ युद्ध अभी भी जारी है और आने वाले समय में थी इसके रुकने की संभावना नहीं नजर आ रही है। इधर, अमेरिका युद्ध विराम के लिए रूस पर बराबर दबाव बना रहा है। उसने रूस पर कई कड़े प्रतिबन्ध लगा दिए हैं। अमेरिका के अलावा कई अन्य यूरोपीय देशों ने भी रूस पर प्रतिबन्ध लगाये हैं। साथ ही तमाम रूसी संपत्तियों को जब्त भी कर लिया गया है।
तेजी से करता है विस्फोट
एजेंसी की रिपोर्ट में प्रतिबंध की वकालत करने वाले तीन जानकारों की राय भी दी गई है, जिसके मुताबिक अमेरिकी वित्त विभाग रूस को एचएमएक्स और इसी तरह के पदार्थ बेचने वालों पर प्रतिबंध लगा सकता है। उन्होंने कहा, एचएमएक्स “उच्च विस्फोटक” है, ये तेजी से विस्फोट करता है। जहां भी ये विस्फोट करता है, वहां की स्थिति विनाशक हो जाती है। हालांकि, एजेंसी से अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया कि उसके पास इस बात के कोई सबूत नहीं है कि, एचएमएक्स की खेपों को रूस भेजने में भारत सरकार की नीति का उल्लंघन किया गया है।
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