
अमेरिका। Trump 2026 Agenda: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब से सत्ता संभाली है, तब से अपने नियमों और कायदे कानूनों से दुनिया भर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। उन्होंने इमिग्रेशन और टैरिफ नीतियों में कई बड़े बदलाव किये, जिसका असर दुनिया के तमाम देशों पर पड़ा। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा। अब वे अपने बयानों को लेकर एक बार फिर से चर्चा में हैं।
इसे भी पढ़ें- Israel-Iran Ceasefire: थमा खूनी खेल, अमेरिकी प्रस्ताव पर बनी सहमति, इजराइल-ईरान ने रोके हमले
आठ युद्ध खत्म कराने का दावा
देश को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि, उन्होंने कई ऐसे बड़े फैसले किये, जो दुनिया में टकराव खत्म करने वाले साबित हुए। ट्रंप ने ये भी दावा किया कि, उन्होंने महज 10 महीन के भीतर दुनिया भर में आठ युद्ध खत्म कराए और इन युद्धों को खत्म कराने में उनकी टैरिफ नीति ने अहम भूमिका निभाई।

ट्रंप का मानना है कि, टैरिफ से न केवल अमेरिका आर्थिक तौर पर मजबूत हो रहा है, बल्कि दुनिया पर दबाव बनाने में भी कारगर सिद्ध हो रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि, टैरिफ उनका सबसे पसंदीदा शब्द है और ये उनकी राजनीतिक पहचान बन चुका है।
इंटरनेशनल स्तर पर छिड़ी बहस
79 वर्षीय ट्रंप ने अपने 2026 के एजेंडे से जुड़े भाषण में कहा कि, कई नीतियों ने बदलाव करके उन्होंने अमेरिका को ताकत को और मजबूत किया है। उन्होंने ये भी कहा कि, उनके नेतृत्व में ईरान से जुड़े परमाणु खतरे को खत्म किया गया, इजराइल और हमास के बीच चल रहे संघर्ष को खत्म करके गाजा में शांति का माहौल स्थापित किया गया। साथ ही बंधकों की रिहाई भी सुनिश्चित की गई। ट्रंप के इन दावों पर अब एक बार फिर से इंटरनेशनल स्तर पर बहस छिड़ गई है।
इसे भी पढ़ें- War-Torn Gaza Strip: लीबिया में बसाए जाएंगे 10 लाख फिलिस्तीनी, डोनाल्ड ट्रंप बना रहे प्लान!
उपलब्धियों को बढ़ा चढ़ा कर बता रहे ट्रंप
विशषज्ञों का कहना है कि, ट्रंप अपनी उपलब्धियों को बढ़ा चढ़ा कर बता रहे हैं। ट्रंप ने अपने बयान में टैरिफ से हो रही कमाई का तो जिक्र किया, लेकिन बढ़ती महंगाई और आयातित कीमतों में हो रहे इजाफे की चर्चा करना शायद भूल गये।
#WATCH | In an address to the Nation, US President Donald Trump says, “I restored American strength, settled 8 wars in 10 months, destroyed the Iran nuclear threat and ended the war in Gaza – bringing for the first time in 3000 years peace to the Middle East and secured the… pic.twitter.com/8SAKdDQLvN
— ANI (@ANI) December 18, 2025
बता दें कि ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि, उनकी टैरिफ नीति से अमेरिका को आर्थिक मजबूती मिली है। साथ ही ये भी कहा कि, रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से पास किये गये टैक्स कटौती से जुड़े कानूनों ने अमेरिकी नागरिकों और कारोबारियों को राहत प्रदान की है।
कई देशों पर लगाया टैरिफ
गौरतलब है कि, ट्रंप ने जब से अमेरिका की सत्ता संभाली है, तब से वे दुनिया भर के तमाम देशों को टैरिफ लगाने की धमकी देकर अपनी बात मानने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने मैक्सिको, कनाडा, भारत, चीन समेत कई देशों पर भारी-भरकम टैरिफ लगा रखा है, जिससे दूसरे देशों से आने वाली चीजें भी अमेरिका में महंगी मिलने लगी हैं।

ट्रंप का मानना है कि, उनकी टैरिफ नीतियों से अमेरिकी उद्योगों को संरक्षण मिला है और रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं, लेकिन आलोचकों का कहना है कि, ट्रंप की टैरिफ नीतियों से वैश्विक व्यापार में तनाव बढ़ा है। साथ ही आम जनता भी महंगाई के बोझ तले दबी हुई है।
लोकप्रियता पर उठ रहे सवाल
इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति के इन दावों के बीच उनकी लोकप्रियता पर भी सवाल उठने लगे हैं। हाल में हुए एक सर्वे में भी सामने आया है कि, अमेरिका में बहुत कम लोग ऐसे हैं, जो ट्रंप की प्रबन्धन नीतियों से संतुष्ट नहीं हैं। अपने भाषण में ट्रंप ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और उप राष्ट्रपति कमला हैरिस पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, बाइडन के शासन काल में अमेरिका की स्थिति बेहद खराब थी, जिसे वे सुधारने में जुटे हैं। उन्होंने आव्रजन, महंगाई और सामाजिक मुद्दों का हवाला देते हुए डेमोक्रेट सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा आज देश की जो भी स्थिति है उसके लिए पूर्व की सरकार जिम्मेदार है।
इसे भी पढ़ें- Trump’s Claim: अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा, टैरिफ से डरा ब्रिक्स, टूट गया









Users Today : 11

