
लखनऊ। Yogi’s Bulldozer Action: अपनी सख्त कार्यशैली के लिए जाने, जाने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चर्चा देश और प्रदेश में ही नहीं विदेशों में भी होती है। जहां एक तरफ उनका भाषण राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनता है, तो वहीं उनका सख्त एक्शन जनता के बीच चर्चा का विषय बन जाता है। कभी उनका एंटी रोमियो फ़ोर्स चर्चा में रहा, तो कभी एनकाउंटर। इन सबके इतर उनका एक एक्शन जो सबसे ज्यादा चर्चित है और जिसे देश के विभिन्न राज्यों में भी अपनाया गया है, वह है बुलडोजर एक्शन। प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर की एंट्री विकास दुबे केस से हुई।
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2022 में हुई थी बुलडोजर की एंट्री

दरअसल, 20 जुलाई 2022 की रात यूपी का पुलिस महकमा कभी नहीं भूल सकता। इस रात कानपुर के बिकरू में गैगेस्टर विकास दुबे और उसके साथियों ने आठ पुलिस कर्मियों को बड़ी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद पुलिस ने उस पूरे गैंग के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने विकास के कुछ साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया। वहीं, कुछ के खिलाफ बुलडोजर एक्शन लिया गया। उस वक्त प्रदेश के तत्कालीन एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार, तत्कालीन एसएसपी कानपुर दिनेश पी, तत्कालीन आईजी कानपुर जेएन सिंह के साथ 40 थानों की फ़ोर्स की मौजूदगी में विकास दुबे के घर को ढहा दिया गया था।
माफियाओं के खिलाफ खूब चला बुलडोजर

विकास दुबे एंड गैंग के खिलाफ हुआ ये बुलडोजर एक्शन इतना चर्चित हुआ कि, इसे प्रदेश के अन्य माफियाओं और बदमाशों पर भी इस्तेमाल किया जाने लगा। आलम ये रहा कि लोग बुलडोजर के नाम से भी घबराने लगे। वहीं पुलिस भी अपराधियों के घर बुलडोजर लेकर पहुंचने लगी। प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड में शामिल अपराधियों के खिलाफ भी बुलडोजर एक्शन लिया गया। योगी सरकार ने अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे माफियाओं के खिलाफ जमकर बुलडोजर का इस्तेमाल किया और उनकी तमाम संपत्तियों को मिटटी में मिला दिया। इसके बाद प्रदेश में जहां भी सांप्रदायिक दंगे हुए, वहां अयोपियों के घरों पर बुलडोजर गरजे।
2022 के चुनाव में बना मुद्दा

अगर कहीं किसी लड़की के साथ दुष्कर्म जैसी घटना घटी, तो भी पुलिस आरोपी के घर बुलडोजर लेकर पहुंच गई। प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ लगातार हो रहे बुलडोजर एक्शन पर जब लोगों का ध्यान गया, तो सीएम योगी आदित्यनाथ को बुलडोजर की उपाधि दे दी गई। वहीं, विपक्ष ने सरकार के खिलाफ इसे बड़ा मुद्दा बना दिया और 2022 के विधानसभा चुनाव में उनके बुलडोजर एक्शन के खिलाफ जमकर प्रचार किया। हालांकि, इसका जनता पर कोई असर नहीं हुआ और योगी फिर से पूर्ण बहुमत से सत्ता में आये। योगी का बुलडोजर एक्शन सिर्फ यूपी तक ही सीमित नहीं रहा। इसे देश के अन्य कई राज्यों ने भी अपनाया। उत्तराखंड से लेकर असम तक बुलडोजर की गरज सुनाई देने लगी। वहीं, अब दिल्ली और महाराष्ट्र में भी बुलडोजर की गूंज सुनाई पड़ रही है।
दिल्ली में बुलडोजर एक्शन

रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनते ही बुलडोजर एक्शन देखने को मिलने लगा है। यहां तीन दिन पहले विशेष सफाई अभियान के नाम पर जनकपुरी इलाके में बुलडोजर गरजा। रेखा गुप्ता सरकार के इस अभियान से भूमाफियाओं ने हड़कंप मच गया है। यहां डीडीए की जमीनों पर किये गये अतिक्रमण को बुलडोजर से ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
महाराष्ट्र में चला बुलडोजर

महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने भी योगी के बुलडोजर एक्शन से प्रेरणा लेते हुए स्क्रैप की एक दुकान ढहा दी है। दरअसल, पाकिस्तान और दुबई में खेली जा रही आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में भारत और पाकिस्तान के मुकाबले के दौरान महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के मालवण से भारत विरोधी नारे लगने का मामला सामने आया था। बताया जाता है कि यहां पाकिस्तानी टीम के बॉलर शाहीन शाह अफरीदी ने जब भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा को आउट किया, तो यहां ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए थे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सरकार ने एक स्क्रैप की दुकान पर कार्रवाई की और उस पर बुलडोजर चलवा दिया। इसके अलावा महाराष्ट्र में और भी कई जगहों पर बुलडोजर की कार्रवाई की जा रही है।
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मोहन सरकार ने भी अपनाया योगी मॉडल

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार अवैध अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। करीब सप्ताह भर पहले भोपाल में बुलडोजर एक्शन दिखाकर 110 दुकानों को कब्जा मुक्त कराया गया। वहीं गुना में भी बीते 16 जनवरी को एक साथ कई बुलडोजर गरजे और अवैध अतिक्रमण हटाया गया। मोहन सरकार के इन बड़े एक्शन के बाद से प्रदेश भर में हड़कंप मचा हुआ है।
पंजाब में नशा तस्कर के घर पर चला बुलडोजर

ऐसा नहीं है कि, बीजेपी शासित राज्यों में ही बुलडोजर एक्शन हो रहा है। पंजाब में भी बुलडोजर की कार्रवाई की जा रही है। यहां ‘आप’ की भगवंत मान सरकार ने एक नशा तस्कर के घर पर बुलडोजर चलवा दिया है। यहां तलवंडी के ड्रग माफिया सोनू, जिसके खिलाफ आधा दर्जन से अधिक केस दर्ज हैं, के घर को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया है। पुलिस का दावा है कि सोनू ने ये संपत्ति नशा बेचकर बनाई थी।
गुजरात में भी गरजा बुलडोजर

गुजरात सरकार भी अवैध निर्माणों को हटाने के लिए लगातार बुलडोजर का सहारा ले रही है। इस एक्शन के तहत सरकारी जमीनों पर बनी कई अवैध इमारतों को ढहा दिया गया है। यहां जामनगर में 45 से ज़्यादा अवैध दुकानें तोड़ी गईं। द्वारका में भी सैकड़ों अवैध इमारतों पर बुलडोजर चलाया गया। अहमदाबाद में 10 धार्मिक स्थलों के खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाई की गई।
सुप्रीम कोर्ट ने कसी लगाम

बता दें कि ये महज एक नजीर भर है। इसके अलावा और भी कई राज्य है जो योगी के बुलडोजर एक्शन से प्रेरित हैं और अपने यहां अमल में ला रहे हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों को बुलडोजर एक्शन न लेने का आदेश दिया है, जिसके बाद इसमें थोड़ी कमी तो आई ह, लेकिन पूरी तरह से इस पर लगाम नहीं लगी है। वहीं अवैध अतिक्रमणों पर लगातार बुलडोजर चल रहा है।
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