
हैदराबाद। Protest Against Waqf Act: संसद द्वारा पारित वक्फ कानून के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। कई मुस्लिम संगठनों ने इस अधिनियम के खिलाफ सड़कों पर उतरकर अपना विरोध प्रकट किया है। पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में इस कानून के खिलाफ हिंसा की घटनाएं भी हुई हैं। इसके अलावा, वक्फ कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है।
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30 अप्रैल को होगा ब्लैकआउट
इसी कड़ी में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने रविवार 20 अप्रैल की रात हैदराबाद में महासभा का आयोजन किया, जिसे एआईएमआईएम का भी समर्थन मिला है। इस महासभा में लगातार विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया गया। इस दौरान ये भी कहा गया है कि, 30 अप्रैल को ब्लैकआउट विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके तहत रात 9 बजे सभी के घरों की सभी लाइटें बंद कर दी जाएंगी।
कई दलों के सदस्य हुए शामिल
हैदराबाद में एआईएमआईएम के मुख्यालय दारुस्सलाम में आयोजित वक्फ बचाओ, संविधान बचाओ जनसभा में बत्ती गुल विरोध का ऐलान किया गया। इस सभा में कांग्रेस, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) समेत कई दलों के सदस्यों समेत हजारों लोग शामिल हुए।
18 मई को होगी गोलमेज बैठक

हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, यह आंदोलन उन ताकतों के खिलाफ है, जो हमें खत्म करना चाहती हैं, लेकिन हम आगे बढ़ते रहेंगे। उन्होंने कहा, ” जो ताकतें हमें बांटने और तोड़ने की कोशिश कर रही हैं वे परास्त होंगी। हम अपना सिर किसी के सामने नहीं झुकाएंगे। ओवैसी ने कहा, जब मैंने संसद में कानून फाड़ा, तो मैंने ऐसा अन्य धर्मों के अपने सभी भाइयों और बहनों की तरफ से किया, जो इसी तरह के क्रूर कानूनों से प्रभावित होंगे।” इस आम सभा में यह भी फैसला लिया गया कि, 18 मई को शहर स्तर पर एक गोलमेज बैठक आयोजित की जाएगी और बाद में सभी जिलों में इसी तरह की बैठकें आयोजित की जाएंगी।
22 मई को होगी महिलाओं की जनसभा
एआईएमपीएलबी (AIMPLB) ने कहा, “स्थानीय अल्पसंख्यक नेताओं और धर्मनिरपेक्ष प्रतिनिधियों को इन बैठकों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए।” 22 मई को हैदराबाद के ईदगाह बिलाली हॉकी ग्राउंड में महिलाओं की एक जनसभा आयोजित की जाएगी। इसके बाद, 25 मई को दोपहर 2 बजे से 2:30 बजे तक हैदराबाद में मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, और 1 जून को धरना दिया जाएगा। एआईएमपीएलबी नेतृत्व ने रविवार को घोषणा की, “स्थानीय नेतृत्व के परामर्श से आंध्र और तेलंगाना के जिलों में जनसभाएं आयोजित की जाएंगी।”
न्यायप्रणाली पर है भरोसा

एआईएमपीएलबी के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने कहा, “हमें देश की न्याय प्रणाली पर भरोसा है कि वह इस कानून पर रोक लगाएगी। कुछ लोग हैं, जिन्होंने वक्फ संपत्ति पर अतिक्रमण किया है और इस कानून ने वक्फ संपत्ति को वापस पाना असंभव बना दिया है।” उन्होंने कहा, यह कानून मुसलमानों को उनकी अपनी संपत्ति पर महज आगंतुक बना देगा।
समुदाय को गुमराह कर रही भाजपा

रहमानी ने कहा, “इस कानून के लागू होने के बाद, मक्का मस्जिद सहित किसी भी मस्जिद को गैर-वक्फ संपत्ति माना जा सकता है। आप इसे देखने के लिए पर्यटक के रूप में आ सकते हैं। यह कानून अत्यंत खतरनाक है।” ओवैसी ने बताया कि दाऊदी बोहरा समुदाय इस कानून का समर्थन नहीं कर रहा है, जबकि भाजपा का दावा है कि समुदाय इसका समर्थन करता है। ओवैसी ने कहा, “समुदाय ने संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सामने स्पष्ट किया था कि वे वक्फ अधिनियम का समर्थन नहीं करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य भाजपा नेताओं ने समुदाय को गुमराह किया है और उन्हें गलत तरीके से पेश किया है।
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