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साई कॉलेज में हुई बौद्धिक सम्पदा अधिकार विषय पर कार्यशाला
अम्बिकापुर। Workshop In Sai College: बौद्धिकता से उपजे विचार, खोज, अनुसंधान को सुरक्षित रखना हमारा कर्तव्य है। यह चल-अचल सम्पति की तरह ही है, इसका स्वरूप बदला हुआ है। यह बातें सोमवार को श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आईक्यूएसी एवं छत्तीसगढ़ सोशियोलॉजीकल एसोसिएशन के तत्वावधान में इन्टलैक्चुअल प्रापर्टी एक्ट विषय पर आयोजित कार्यशाला के दौरान मुख्य अतिथि राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय अनुसंधान केन्द्र की जेनेटिक एंड प्लांट ब्रिडिंग की कृषि वैज्ञानिक किरन तिग्गा ने कही।
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उत्पाद की पहचान दिलाते हैं लोगो

उन्होंने पॉवर प्वाईंट से प्रस्तुति देते हुए कहा कि, अपनी रचना, कृति, खोज, आविष्कार हमारी बौद्धिक सम्पदा है। बौद्धिक सम्पदा अधिकार की जानकारी होने से ही इसकी सुरक्षा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि मार्का, लोगो और डिजाइन हमें उत्पाद की पहचान दिलाते हैं, इसके भी संरक्षण के प्रावधान हैं जो हमें करना होगा।
बौद्धिक सम्पदा अधिकार के प्रति जागरूकता जरूरी
इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती और श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ और बैच लगा कर किया गया। अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि कार्यशाला सीखने के लिए है। बौद्धिक सम्पदा अधिकार के प्रति हम जितना जागरूक होंगे, उतना ही उसकी रक्षा होगी।
संरक्षण जरूरी

लेखक, कवि, अन्वेषक, वैज्ञानिक के अपने मौलिक अधिकार होते हैं। उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए ही बौद्धिक सम्पदा अधिकार है। कला, बौद्धिकता का मूल्य व्यक्ति को मिलना चाहिए। उन्होंने ट्रेड मार्क, डिजाइन, एक्ट के बारे में अवगत कराया। कार्यशाला का विषय प्रवर्तन करते हुए आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. आर.एन. शर्मा ने कहा कि बौद्धिक सम्पदा व्यक्ति की अर्जित सम्पदा है। खोज, अनुसंधान, कला, लेखन और उपलब्धियों पर व्यक्ति का अधिकार होता है जिसकी रक्षा बौद्धिक सम्पदा अधिकार से ही सम्भव है। हमें अपने बौद्धिक अधिकारों के प्रति सचेत हो कर संरक्षण करना होगा।
पंजीकरण की विधि से अवगत कराया
विषय विशेषज्ञ के रूप में डुमरिया, जरही स्थित शासकीय महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष रोहित रस्तोगी ने पॉवर प्वाईंट के माध्यम से द रोल ऑफ कापीराइट इन प्रोटेक्टिंग लैंडस्केप आर्किटेक्ट डिजाइन को प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि बौद्धिक सम्पदा अधिकार प्रत्येक क्षेत्र में है। इसके लिए देश-काल की सीमा है, लेकिन कॉपीराइट के अधिकार का पालन करना होगा। उन्होंने सम्पदा को बौद्धिकता से हासिल करने की प्रक्रिया को बताया तथा पंजीकरण की विधि से अवगत कराया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. किरन तिग्गा और रोहित रस्तोगी को शाल, श्रीफल तथा स्मृति चिह्न प्रदान कर प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव और आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. आरएन शर्मा ने सम्मानित किया। डॉ. सीवी रमन विश्वविद्यालय बिलासपुर के समाज कार्य विभाग की अध्यक्ष प्रो. ऋचा यादव और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय अलीगढ़ से डॉ. सैयद शाज हुसैन ने कार्यशाला का ऑनलाइन मोड में सम्बोधित किया। कार्यशाला के दौरान ऑनलाइन मोड में प्राध्यापक, शोधार्थी और विद्यार्थी जुड़े रहे।।
कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक देवेन्द्र दास सोनवानी तथा पल्लवी मुखर्जी ने किया। शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य ने अतिथियों का आभार प्रकट किया। कार्यशाला के दौरान लाइफ साइंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, फिजीकल साइंस विभाग के अध्यक्ष शैलेष देवांगन, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन, कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
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