
जम्मू-कश्मीर। Pahalgam Terror Attack: कल यानी मंगलवार 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इस हमले को छह आतंकियों ने अंजाम दिया है। आतंकियों ने 28 लोगों को गोलियों से भून दिया है। हमले में छह आतंकियों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। मरने वालों में एक आईबी आफिसर और दो विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि हमले से पहले यानी 1 से 7 अप्रैल के बीच आतंकियों ने इस इलाके की रेकी की थी।
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सुरक्षाबलों को मिली संदिग्ध बाइक

हमले के तुरन्त बाद सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान शुरू दिया। इस दौरान उन्हें घटनास्थल से कुछ दूरी पर बिना नंबर की एक बाइक मिली है। मोटरसाइकिल मिली है। आशंका जताई जा रही है कि इस मोटरसाइकिल का इस्तेमाल आतंकियों ने किया होगा। वहीं, पहलगाम हमले को लेकर अब खुफिया सूत्रों ने भी बड़ा खुलासा किया है। कहा जा रहा है कि, इस हमले की साजिश टीआरएफ कमांडर सैफुल्लाह ने रची है।
धर्म पूछ कर मारी गोली

मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर 28 पर्यटकों की बेरहमी से हत्या कर दी। सेना की वर्दी पहने आतंकियों ने पहलगाम की बैसरन घाटी में पहले पर्यटकों से उनका धर्म पूछा, उनके पहचान पत्र चेक किए और फिर हिंदू बोलकर उन्हें गोली मार दी। मरने वाले 28 लोगों में अधिकतर पर्यटक हैं, जबकि दो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक हैं। हमले में 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हालांकि सरकार 16 मौतें बता रही है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों ने देर रात तक कुछ संदिग्धों को दबोच लिया है। इस कायराना हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े समूह द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है।
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सऊदी से वापस लौटे पीएम

बता दें कि, इससे पहले फरवरी 2019 में हुए पुलवामा में बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जिसे आज तक नहीं भुलाया जा सका है। इस हमले में सीआरपीएफ के 47 जवान शहीद हो गए थे। फिलहाल, पहलगाम हमले की खबर मिलते ही सऊदी अरब के दौरे पर गये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां का अपना सारा शेड्यूल रद्द कर दिया और वापस लौट आये हैं। पीएम ने आज बुधवार की सुबह ही सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बैठक की और पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद के हालात पर चर्चा की।
श्रीनगर पहुंचे अमित शाह

इससे पहले प्रधानमंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात की थी और उन्हें तत्काल जरूरी कदम उठाने के साथ ही कश्मीर पहुंचने के निर्देश दिए थे। पीएम से बात होने बाद शाह ने अपने आवास पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और फिर श्रीनगर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आतंकवादी दोपहर करीब तीन बजे बैसरन घाटी के घास के मैदान में आये और खाने-पीने की दुकानों के आसपास घूम रहे पर्यटकों व टट्टुओं पर सवार लोगों पर गोलियां बरसाने लगे।
हेलीकॉप्टर से हो रही आतंकियों की तलाश

हमले के तुरंत बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने आतंकियों की तलाश शुरू कर दी। साथ ही पहलगाम व आसपास के इलाकों को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है। सुरक्षाबल सभी वाहनों की तलाशी ले रहे हैं। जमीन के अलावा हेलीकॉप्टर से भी आतंकियों की तलाश की जा रही है।
आतंकी बोले- जाकर मोदी को बता दो

मृतकों में शामिल कर्नाटक के शिवमोगा के कारोबारी मंजूनाथ राव की पत्नी ने बताया कि तरह से आतंकियों ने उनके पति के सिर में गोली मारी। उन्होंने कहा, जब मैंने आतंकियों से कहा, तुमने मेरे पति को मार डाला, अब मुझे भी मार दो। इस पर आतंकियों ने जवाब दिया- हम तुम्हें नहीं मारेंगे, जाकर मोदी को बता दो। बताया जा रहा है कि, एक दिन पहले ही मंजूनाथ ने सोशल साइट पर वीडियो पोस्ट कर बताया था कि, वह जम्मू कश्मीर की ट्रिप को काफी एन्जॉय कर रहे हैं।
मरने वालों में शामिल लोग
मरने वालों में बोटन अधकेरी, अतुल श्रीकांत व संजय लखन, महाराष्ट्र के दलीप जयराम, गुजरात के हिम्मत भाई, प्रशांत कुमार बलेश्वर, मनीश राजदान,अनंतनाग के सैयद हुसैन शाह, रामचंद्रम और शलिंद्र कालापिया समेत दो विदेशी नागरिक नेपाल के संदीप नवपने, यूएई के उधवानी रादीप कुमार शामिल हैं।
स्थानीय लोगों पर मदद का शक

बता दें कि, जम्मू कश्मीर में इस साल पर्यटकों पर यह अब तक का सबसे बड़ा हमला है। टीआरएफ वही आतंकी समूह है, जो डोडा और किश्तवाड़ इलाके में एक्टिव रहता था। शक है कि पहलगाम में हुए इस हमले में स्थानीय लोगों ने आतंकियों की मदद की है। हमले की जांच राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (ANI) को सौंप दी गई है। इधर, गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को ही देर रात श्रीनगर पहुंच गये। वे एयरपोर्ट से सीधे राजभवन पहुंचे। वहां उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक तपन डेका के साथ बैठक कर सुरक्षा हालात की समीक्षा की।
सीएम उमर अब्दुल्ला ने की निंदा
जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने गृह मंत्री शाह को हमले की पूरी जानकारी दी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हमले की निंदा करते हुए कहा, यह हमला घिनौना है, इसके साजिशकर्ता जानवर हैं, अमानवीय हैं और घृणा के पात्र हैं। इस हमले की निंदा के लिए कोई शब्द पर्याप्त नहीं है।
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