
नई दिल्ली। MHA Mock Drill Order: पहलगाम में आतंकी हमले के बाद उपजे भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच देश भर में मॉक ड्रिल कराने का आदेश जारी किया गया है। ये आदेश गृह मंत्रालय ने दिया है। ऐसा 54 साल पहले उस वक्त हुआ था, जब 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध हुआ था। गृह मंत्रालय के आदेश के तहत हमले की स्थिति में सिविल डिफेंस की ट्रेनिंग बुधवार 7 मई, 2025 को कराई जाएगी, जिसमें लोगों को हमले से बचने के गुर सिखायेंगे जाएंगे।
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पहलगाम हमले के बाद जारी हुआ आदेश

बता दें कि, बीते 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने धर्म पूछकर और पहचान पत्र देखकर गैर मुस्लिमों को गोली मार दी थी। इस हमले में दो स्थानीय और दो विदेशी समेत 26 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद देश भर में पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश है और लोग मोदी सरकार से ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कठोर फैसले लिए हैं, लेकिन देशवासी इतने से ही संतुष्ट नहीं है।


उच्चस्तरीय बैठकों के बाद लिया गया फैसला
फिलहाल बात करते हैं मॉक ड्रिल की, तो ये आदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से दिल्ली में की गई कई उच्च स्तरीय बैठकों के बाद आया है। इन बैठकों में आतंकी हमले के खिलाफ जवाबी कार्रवाई को लेकर चर्चा की गई थी। उधर, पाकिस्तान में 22 अप्रैल के बाद से दशहत का माहौल है। उसे दिन रात भारत की तरफ से जवाबी कार्रवाई का डर सता रहा है। यहां तक कि, उसने सीमा पर डिपो भी बना लिया है और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती भी कर दी है।
पाकिस्तान ने किया मिसाइल परीक्षण

इसके अलावा पाकिस्तान ने भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच दूसरा मिसाइल परीक्षण भी कर लिया है। मिसाइल परीक्षण के बाद पाक पीएम शाहबाज शरीफ ने कहा, इस सफल परीक्षण से साफ हो गया है कि, पकिस्तान सुरक्षित हाथों में है। पाकिस्तान हर तरह के हमले का जवाब देने में पूरी तरह से सक्षम है।
ये है आदेश

1. गृह मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि, मॉक ड्रिल का मुख्य मकसद हवाई हमले के वॉर्निंग सिस्टम की प्रभावशीलता को परखना है। इसके साथ ही भारतीय वायु सेना के साथ हॉटलाइन/रेडियो कम्युनिकेशन लिंक का संचालन करना है।
2. नियंत्रण कक्षों और छाया नियंत्रण कक्षों की कार्यक्षमता का परीक्षण करना।
3. शत्रु के हमले की स्थिति में स्वयं की रक्षा करने के लिए नागरिक सुरक्षा पहलुओं पर नागरिकों, छात्रों आदि को प्रशिक्षित करना।
4. क्रैश ब्लैकआउट उपायों का प्रावधान।
5. महत्वपूर्ण संयंत्र/स्थापना को शीघ्र छिपाने का प्रावधान।
6. वार्डन सेवा, अग्निशमन, बचाव अभियान और डिपो प्रबंधन सहित नागरिक सुरक्षा सेवाओं की सक्रियता और प्रतिक्रिया को सत्यापित करना।
7 . निकासी योजनाओं की तैयारी और उनके कार्यान्वयन का मूल्यांकन करना।
8. गृह मंत्रालय द्वारा जारी किये गये पत्र में कहा गया है, “अभ्यास का आयोजन गांव स्तर तक किया जाये। इस अभ्यास का उद्देश्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नागरिक सुरक्षा तंत्र की तैयारी का आकलन करना और उसमें इजाफा करना है।
9. आदेश में यह भी कहा गया है कि, इस प्रशिक्षण में जिला नियंत्रकों, स्थानीय प्राधिकारियों, नागरिक सुरक्षा वार्डनों, स्वयंसेवकों, होमगार्डों (सक्रिय और रिजर्व दोनों), राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC), राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS, नेहरू युवा केंद्र संगठन (NYKS) के सदस्यों और कॉलेज स्कूल के छात्रों की सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित किया जाये।
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