
नई दिल्ली। Logistics Hub: इंडियन आर्मी ने भारत-चीन बार्डर पर अपने सुविधाओं में विस्तार करते हुए नई पीढ़ी के वाहनों के लिए एक विशाल लॉजिस्टिक हब स्थापित किया है, जिसे मदर हब नाम दिया गया है। ये हब लद्दाख के निकट लेह में बनाया गया है। गुरूवार 16 अक्टूबर को फायर एंड फ्यूरी कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला ने इस नई सुविधा का उद्घाटन किया।
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छह महीने खराब रहता है मौसम

दरअसल, लेह-लद्दाख की सीमाएं सिर्फ चीन से ही नहीं बल्कि पाकिस्तान से भी लगी हुई हैं, लेकिन दुर्गम इलाका होने की वजह से साल के छह महीने यहां मौसम खराब रहता है, जिससे आवागमन मुश्किल रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, भारतीय सेना ने यहां नए पीढ़ी के वाहनों की मरम्मत के लिए एक बड़ा केंद्र स्थापित किया है। इस हब की वजह से सेना की परिचालन क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है। माना जा रहा है कि, इस नये केंद्र की वजह से सेना को ऊंचाई वाले इलाकों में अपने वाहनों के बेहतर संचालन और रखरखाव में मदद मिलेगी, जिससे सेना की ताकत बढ़ेगी।
कारगिल, तांगत्से और न्योमा में भी बनेंगे सैटेलाइट हब
‘मदर हब’ के बारे में बात करते हुए रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया, यह अधिक ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में सेना की परिचालन क्षमताओं को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगा। नई पीढ़ी के सैन्य वाहनों को मरम्मत के लिए अब जहाज़ से नहीं भेजना पड़ेगा। प्रवक्ता ने कहा, आने वाले समय में भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन सीमाओं (एलओसी) के निकट कारगिल, तांगत्से और न्योमा जैसे क्षेत्रों में इसी तरह के सैटेलाइट हब स्थापित किये जाएंगे।
स्पेयर पार्ट्स भी रहेंगे उपलब्ध

बता दें कि, सर्दियां शुरू होते ही लद्दाख के अधिकांश क्षेत्रों बर्फ से ढक जाते हैं, जिससे आवागमन बेहद कठिन हो जाता है। ऐसे में अगर सैन्य वाहनों में कोई दिक्कत आती थी तो उन्हें जहाज से भेजना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं करना पड़ेगा क्योंकि ये “मदर हब” आधुनिक और नई पीढ़ी के वाहनों के संचालन में आने वाली कठिनाइयों को काफी हद तक कम करेगा। इसे यह सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है कि, सभी रसद और रखरखाव कार्य आंतरिक रूप से ही किए जाएं, जिससे दूरस्थ परिवहन की आवश्यकता समाप्त हो। इस हब में सभी प्रकार के मरम्मत उपकरण और स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध रहेंगे, जिससे सैन्य वाहनों में आने वाली किसी भी समस्या का मौके पर ही समाधान किया जा सके।
विशेषज्ञ भी रहेंगे मौजूद
लेह में “मदर हब” जहां बनाया गया है वह एक सामरिक चौराहा है, जो लद्दाख के सभी सैन्य क्षेत्रों तक आसानी से और बेहद कम समय में पहुंच सकता है। इसके साथ ही यहां की हवाई कनेक्टिविटी भी उत्कृष्ट है। रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता के अनुसार, यह हब न केवल सैन्य वाहनों की मरम्मत करेगा बल्कि ये महत्वपूर्ण स्पेयर पार्ट्स का एक बड़ा भंडार भी होगा। यहां टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड, भारत फोर्ज लिमिटेड, जेएसडब्ल्यू गेको मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स लिमिटेड, पोलारिस और जेसीबीआईएल समूह जैसे रक्षा उद्योग भागीदारों के विशेषज्ञ भी उपलब्ध रहेंगे, जो तत्काल तकनीकी सहायता, त्वरित मरम्मत और वारंटी सेवा समाधान प्रदान करेंगे।
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