
पाकिस्तान। Polio in Pakistan: पाकिस्तान में पोलियो एक बार फिर कहर बरपा रहा है। यहां रविवार को पोलियो के तीन नए मामले सामने आये। इसके साथ ही पड़ोसी देश में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 55 हो गई है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के पोलियो उन्मूलन रीजनल रेफरेंस लेबोरेटरी ने डेरा इस्माइल खान, झोब और जाफराबाद समेत 3 जिलों में वाइल्ड पोलियो वायरस टाइप 1 (WPV 1) के पाए जाने की पुष्टि की है। इन मामलों के मिलने के साथ ही यहां एक बार फिर पोलियो संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। आइए जानते हैं पोलियो हमारी सेहत को किस तरह से नुकसान पहुंचाता है।
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पोलियो कितना खतरनाक है?

पोलियो एक वायरल बीमारी है, जो पोलियो वायरस के कारण होती है। ये एक खतरनाक बीमारी है जो इन्सान को शारीरिक रूप से अपंग बना देती है। हालांकि कई बार इससे मौत का भी खतरा रहता है। पोलियो शरीर को विभिन्न प्रकार से प्रभावित कर सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि वायरस ने शरीर के किस हिस्से पर अटैक किया है और कहां-कहां इसका प्रभाव ज्यादा बढ़ रहा है।
क्या है लक्षण
- बुखार
- सिरदर्द
- थकान
- मांसपेशियों में दर्द
- पैरों और हाथों में कमजोरी
- सांस लेने में कठिनाई
- गर्दन और पीठ में अकड़न
- लकवा होना
पोलियो होने की वजह
पोलियो का कारण पोलियो वायरस (Poliovirus) है। ये मुख्य तौर पर एक्स्क्रेटरी सिस्टम (Excretory System) यानी एक्स्क्रेटरी ट्रैक्ट से फैलता है। एक्सपर्ट कहते हैं कि पोलियो वायरस के शरीर में पहुंचने से व्यक्ति पोलियो से संक्रमित हो जाता है। ये सबसे पहले इन्सान की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है।
क्या है इलाज
पोलियो का इलाज लक्षण के आधार पर किया जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी से बचने के लिए आपको अपने शरीर को ज्यादा से ज्यादा आराम देना चाहिए और खुद पर भरोसा रखना चाहिए। इसके उपचार के लिए दर्द निवारक दवाइयां, मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम और सांस लेने की समस्याओं के लिए ऑक्सीजन थेरेपी की मदद ली जाती है।
कैसे करें रोकथाम
पोलियो से बचाव के लिए टीकाकरण किया जाता है। बच्चों को पोलियो का टीका दो बार लगाया जाता है। पहला टीका जन्म के समय लगाया जाता है, दूसरा 4 से 6 महीने की उम्र में। इसके अलावा, पोलियो से बचाव के लिए साफ़-सफाई का विशेष ध्यान रखने और, एक्स्क्रेटरी ट्रैक्ट को साफ़ रखने की सलाह दी जाती है।
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