
नई दिल्ली। RBI Decision: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मुंबई बेस्ड न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के कामकाज पर बैन लगा दिया है। आरबी आई के इस फैसले आज 14 फरवरी, 2025 को बैंक के बाहर ग्राहकों की भारी भीड़ जमा हो गई। दरअसल, रिजर्व बैंक ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक में भारी अनियमितताओं को देखते हुए इस पर प्रतिबन्ध लगाने का फैसला लिया। आरबीआई के निर्णय के बाद बैंक अब न तो अपने ग्राहकों को लोन दे पाएगा और न ही कस्टमर बैंक से अपना पैसा निकाल पायेंगे।
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13 फरवरी को जमा किये थे पैसे

न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक की कस्टमर सीमा वाघमारे ने मीडिया को बताया के हमने कल यानी 13 फरवरी को ही पैसे जमा किए थे, तब भी बैंक ने हमें कुछ नहीं बताया। बैंक को हमें बताना चाहिए था कि ऐसा होने वाला है। हालांकि अब कह रहे हैं कि तीन महीने के भीतर जमा किया गया पैसा निकाला जा सकेगा। उन्होंने कहा, हमें ईएमआई भरनी है, पता नहीं अब ये सब कैसे होगा”
बैंक का बाहर चस्पा नोटिस
इसके इतर कार्यवाहक सीईओ की तरफ से बैंक के बाहर एक नोटिस चिपकाया गया है, जिसमें लिखा है, आरबीआई द्वारा बैंक पर लगाया गया जुर्माना जमाकर्ताओं के भले के लिए है, हमारे पास आपकी 5 लाख रुपये तक की जमा राशि DICGC ऑफ इंडिया के पास बीमित है और सुरक्षित है। उम्मीद है कि 90 दिनों के भीतर इसे लौटा दिया जायेगा, तब तक आपसे धैर्य रखने की अपील है।”
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: People gather outside the New India Co-operative Bank after the RBI issued a notice to halt all business pic.twitter.com/kkzXmCIMqe
— ANI (@ANI) February 14, 2025
इस नोटिस में आगे लिखा है, ”न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक पिछले दो वित्तीय वर्षों में घाटे में चल रहा है, बैंक ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में यानी मार्च 2024 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में 23 करोड़ रुपये और वित्तीय वर्ष 2023 में 31 करोड़ रुपये का घाटा रिकॉर्ड किया है।”
छह महीने के लिए लगा प्रतिबन्ध
बता दें कि, रिजर्व बैंक ने को-ओपरेटिव बैंक पर यह प्रतिबंध छह महीने के लिए लगाया है। इस बीच अगर बैंक के हालात सुधर जाते हैं, जिसकी कोशिश की जा रही है, तो फिर आरबीआई की तरफ से रिव्यू किया जाएगा। रिजर्व बैंक द्वारा जारी एक सर्कुलर में कहा गया है कि, 13 फरवरी, 2025 को कारोबार बंद होने के बाद से बैंक उनकी इजाजत के बिना न तो कोई लोन पास कर सकेगा, न ही एडवांस रकम दे सकेगा या उसका रिन्यूएल कर सकेगा। इसके अलावा बैंक को न तो निवेश की इजाजत होगी और न ही डिपॉजिट स्वीकार करने सहित अन्य को देनदारी कर सकेगा।
आरबीआई ने यह भी कहा है कि, ये फैसला, बैंक में हाल ही में हुए घटनाक्रमों से सुपरवाइजरी चिंताओं और बैंक के जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
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