
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नौ सीटों पर होने वाले उपचुनाव (UP By-Election) में गठबंधन टूटता नजर आ रहा है। हालांकि सपा और कांग्रेस के नेता ने अपने-अपने बयानों में गठबंधन की बात कर रहे हैं, लेकिन जमीन पर ऐसा कुछ नहीं दिख रहा है। यहां सपा के मंच पर न तो प्रदेश अध्यक्ष अजय राय दिख रहे हैं और न ही प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे। और तो और कोई अन्य वरिष्ठ नेता भी नहीं नजर आ रहा है। इस समय कांग्रेस का पूरा जोर महाराष्ट्र और केरल की वायनाड सीट पर है। दरअसल यहां लोकसभा का उपचुनाव हो रहा है। इस सीट से प्रियंका गांधी चुनाव मैदान में हैं।
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सपा के मंच पर नहीं दिख रहे कांग्रेस के नेता
प्रदेश में होने वाले नौ संसदीय सीटों के लिए उपचुनाव का प्रचार-प्रसार तेज हो गया है, लेकिन मन मुताबिक सीट न मिलने से कांग्रेस ने चुनाव में भाग लेने से इनकार कर दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद अविनाश पांडे ने कहा कि गठबंधन जारी रहेगा। हालांकि चुनाव के दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी सपा के मंच पर नहीं दिखे। बस रस्मअदायगी के तौर पर संबंधित विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी कहीं- कहीं एक दूसरे के साथ नजर आ रहे हैं।
वायनाड और महाराष्ट्र पर कांग्रेस का फोकस
कांग्रेस नेता पहले वायनाड और अब महाराष्ट्र में प्रचार कर रहे हैं। ऐसी ही स्थिति आम आदमी पार्टी और अन्य पार्टियों की भी है। ऐसे में समाजवादी पार्टी यह चुनाव अकेले लड़ रही है। गठबंधन की बाकी पार्टियों ने इसका साथ पूरी तरह छोड़ दिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने कई सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि उत्तर प्रदेश की भदोही लोकसभा सीट पर गठबंधन में उम्मीदवार उतारने वाली तृणमूल कांग्रेस भी इस समय नदारद दिख रही है।
यूपी उपचुनाव में प्रचार की जिम्मेदारी स्थानीय नेताओं पर- अजय राय
इस संबंध में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी का कहना है कि गठबंधन में शामिल सभी दलों को चुनाव अभियान में जुटना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस को लेकर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि वायनाड से लौटने के बाद उन्हें महाराष्ट्र बुला लिया गया। महाराष्ट्र की कई सीटों पर पूर्वाचल के लोग हैं। यही वजह है कि वे महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। पार्टी ने यूपी उपचुनाव में प्रचार करने की जिम्मेदारी स्थानीय नेताओं को दी है।
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