
लखनऊ। UP Sugarcane Price Hike: किसानों को उनकी मेहनत का पूरा फायदा देने के लिए कटिबद्ध योगी सरकार ने एक बार फिर से गन्ने के दामों में बढ़ोत्तरी कर दी है। योगी सरकार ने अपने अब तक के कार्यकाल में चौथी बार गन्ने के दामों में इजाफा किया है। आइए जानते हैं, सरकार के इस नये फैसले से किसानों की कितना फायदा होने वाला है।
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400 रुपए कुंतल हुए दाम

गन्ना किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने बुधवार 29 अक्टूबर को बड़ा फैसला लेते हुए पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने के दामों में प्रति कुंतल 30 रूपये की वृद्धि कर दी है। इस इजाफे के साथ अब अगेती प्रजाति के गन्ने का दाम 400 रुपए कुंतल हो गया है। अभी तक अगेती प्रजाति का गन्ने का दाम 370 रुपए प्रति कुंतल था। इसी तरह सामान्य प्रजाति के गन्ने पर भी प्रति कुंतल में 30 रुपए की प्रति बढ़ोतरी की गई है।
ग्रामीण अर्थतंत्र में आएगी मजबूती
इस वृद्धि के साथ अब सामान्य प्रजाति के गन्ने का दाम 390 रुपए प्रति कुंतल हो गया है। बता दें कि, सामान्य प्रजाति के गन्ने का दाम पहले 360 रुपए प्रति कुंतल था। योगी सरकार के इस फैसले से अगेती और सामान्य प्रजाति के गन्ना किसानों को अच्छा फायदा मिलेगा और लगभग 3,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया जायेगा। सरकार के इस निर्णय से न सिर्फ गन्ना किसानों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश के ग्रामीण अर्थतंत्र में भी मजबूती आएगी।
अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ हैं गन्ना किसान

योगी सरकार के इस फैसले के बारे में बात करते हुए यूपी सरकार के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा, मुख्यमंत्री ने एक बार फिर से गन्ना किसानों को बड़ा तोहफा देते हुए गन्ने के दामों में इजाफा कर दिया है। उन्होंने कहा, गन्ना किसान उत्पादक ही नहीं है बल्कि वे प्रदेश की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ है।
गन्ना कृषकों के श्रम का सम्मान सुशासन का सच्चा स्वरूप है। इस भाव के साथ आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के यशस्वी मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 हेतु गन्ना मूल्य में ₹30 प्रति क्विंटल की वृद्धि का निर्णय लिया है।
अब अगेती गन्ना प्रजाति का मूल्य…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 29, 2025
किसानों को मिली बड़ी राहत
मंत्री ने बताया, अब तक गन्ना किसानों को 2,90,225 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। इससे पहले साल 2007 से 2017 के मध्य तक यानी सपा और बसपा के शासन में किसानों को मात्र 1,47,346 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था। वहीं, योगी सरकार ने मात्र साढ़े 8 वर्षों में पिछली सरकारों के मुकाबले 1,42,879 करोड़ रुपए अधिक का भुगतान कर किसानों को बड़ी राहत दी है।
8 वर्षों में 4 नई चीनी मिलें स्थापित

मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी का कहना है कि, वर्तमान समय में प्रदेश में कुल 122 चीनी मिलें चल रही हैं, जिससे प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। पहले की सरकारों ने अपने कार्यकाल में 21 चीनी मीलों को औने-पौने दामों पर बेच दिया था। वहीं, अब योगी सरकार के पारदर्शी प्रबंधन और निवेशोन्मुख नीतियों से इस उद्योग में 12,000 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित हुआ है और पिछले 8 वर्षों में 4 नई चीनी मिलें स्थापित की गईं है।
इसके अलावा बंद हो चुकी 6 मिलें फिर से संचालित होने लगी हैं। साथ ही 42 मिलों की उत्पादन क्षमता में भी विस्तार हुआ है। सरकार के इन प्रयासों का ही नतीजा है कि, देश में 8 नई बड़ी मिलों के बराबर उत्पादन क्षमता में वृद्धि दर्ज हुई है। साथ ही 2 मिलों में सीबीजी संयंत्र भी स्थापित किये गये हैं, जिससे गन्ना क्षेत्र में वैकल्पिक ऊर्जा उत्पादन को भी बल मिला है।
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