
महाराष्ट्र। BMC Election 2026: महाराष्ट्र में बीएमसी सहित 29 नगर पालिकाओं के रुझान अब हकीकत में तब्दील होते नजर आ रहे हैं। यहां पूरे 45 साल बाद बीजेपी गठबंधन का कब्जा होने जा रहा है क्योंकि अब तक आये नतीजों में भाजपा प्रदेश की 29 में से 23 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है या फिर आगे चल रही है। मुंबई, पुणे, नासिक और नागपुर में बीजेपी ने बड़ी बढ़त हासिल की है। बीजेपी के गठन के बाद से ऐसा पहली बार हुआ है जब ये बीएमसी में सबसे बड़ी पार्टी बनाकर उभरी है।
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पहली बार बनेगा बीजेपी का मेयर

भाजपा पहली बार मुंबई में अपना मेयर बनाने की स्थिति में पहुंच गई है। इससे पहले मुंबई में बीजेपी का कोई नेता मेयर नहीं बन सका है। इस बड़ी जीत से पार्टी में ख़ुशी की लहर है। प्रदेश की सबसे अहम मानी जाने वाली बृहमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में बीजेपी ने जीत दर्ज की है, जिस तरह से बीजेपी नेताओं की जीत का आंकड़ा बढ़ रहा है, उसे देखकर स्पष्ट हो रहा है कि बीएमसी की कुल 227 सीटों ने से 118 पर भाजपा का कब्जा होगा।
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— भाजपा महाराष्ट्र (@BJP4Maharashtra) January 16, 2026
बीजेपी गठबंधन को 118 पर जीत
बता दें कि, यहां मेयर बनाने के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है और बीजेपी गठबंधन 118 पर जीत चुकी है या बढ़त बनाए हुए है। इनमें 90 सीटें भाजपा, तो 28 सीटें शिवसेना (शिंदे गुट) की हिस्से में जाती हुई नजर आ रही हैं। उधर, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को 63 सीटें मिलती हुई दिख रही हैं। कांग्रेस 12 सीटों पर आगे है, मनसे छह पर आगे है, अजित पवार की एनसीपी एक सीट पर व अन्य पार्टी के उम्मीदवार 9 सीटों पर आगे है। इन आंकड़ों को देखकर स्पष्ट हो रहा है कि बीजेपी मुंबई क मे अपना मेयर आसानी से बना सकती है।
चार साल बाद मिलेगा मेयर
1980 में गठित बीजेपी का जलवा अब बीएमसी में भी दिख रहा है। यहां पहली बार ऐसा होगा जब भाजपा का खुद का मेयर होगा। पूरे चार साल बाद मुंबई को अपना मेयर मिलने जा रहा है। हालांकि, मेयर कौन बनेगा, बीजेपी ने अभी ये नहीं बताया है, हां उसने ये जरूर स्पष्ट कर दिया है कि, मेयर मराठी समुदाय से ही होगा।
पिछली बार 2017 में जब बीएमसी का चुनाव हुआ था तब भाजपा ने 82 जीती थी और शिवसेना को 84 सीटें मिली थी। महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार होने की वजह से बीजेपी ने शिवसेना को समर्थन दिया था, लेकिन इस बार बीजेपी ने पूरी बाजी पलट दी और मुंबई में विपक्ष का सफाया कर दिया।
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मुंबई में मेयर का पद आखिरी बार शिवसेना की किशोरी पेडनेकर ने संभाला था, वे नवंबर 2019 से मार्च 2022 तक इस पद थीं। उस वक्त शिवसेना एक ही थी, लेकिन अब शिवसेना दो धड़ों में बंट चुकी है। एक गुट का नेतृत्व उद्धव ठाकरे कर रहे हैं, तो दूसरे गुट का एकनाथ शिंदे। शिंदे की शिवसेना ने बीजेपी से हाथ मिलाया है जबकि उद्धव वाली शिवसेना अजित पवार की मनसे के साथ चुनाव मैदान में उतरी है।
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ढाई साल का होता है पद

इस बार के बीएमसी के चुनाव में बीजेपी के तमाम नेता पार्षद बनने जा रहे हैं। यहां पार्षदों को नगर सेवक भी कहा जाता है। पार्टी के दिग्गज नेता किरीट सोमैया के बेटे नील सोमैया दूसरी बार पार्षद बने हैं। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर एक महीने पहले बीजेपी में शामिल हुए तेजस्वी घोसलाकर ने भी जीत दर्ज कर ली है। उन्होंने दहिसर सीट से जीत हासिल की है। तेजस्वी को मेयर पद के उम्मीदवार के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि, पार्टी के कई और बड़े नेताओं ने जीत दर्ज की है, ऐसे में अब ये देखना दिलचस्प होगा कि, पार्टी किसे मेयर चुनती है।
मुंबई में बीएमसी मेयर का पद काफी अहम और ताकतवर माना जाता है। यही वजह है कि, इसके लिए बड़ी दावेदारी भी होती है। यहां अलग-अलग वार्डों से कुल 227 पार्षद जीतकर आते हैं और यही अपना मेयर भी चुनते हैं। मेयर का कार्यकाल ढाई साल का होता है, जबकि पार्षद का कार्यकाल 5 साल का होता है। ढाई साल पूरा होने के बाद दूसरे मेयर का चुनाव होता है।
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